स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में िमशन 2018 के िवधानसभा चुनाव में भाजपा के िखलाफ भाजपा के मैदान में होने के जो अनुमान लगाये जा रहे हैं उसकी बानगी 44 नगरीय निकाय चुनाव में देखने को िमल रही है जहां मुख्यमंत्री की समझाईश के बाद भी बागी प्रत्याशी मैदान में डटे हुए हैं। वहीं प्रमुख िवपक्षी दल कांग्रेस के अब भी गुटबाजी का ग्रहण लगा हुआ है। दरअसल, प्रदेश में 11 अगस्त को होने जा रहे इन नगरीय निकाय के चुनावों को लेकर दोनों ही दल िपछले एक वर्ष से तैयारी कर रहे हैं क्योंकि इस चुनाव के एक वर्ष बाद ही प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव होने हैं इस कारण पार्टी के पक्ष में माहौल बनाना जरूरी समझा जाता है लेकिन दोनों दलों की तैयारियां उस समय धरी की धरी रह गई जब एक-एक सीट के लिए 5-6 दावेदार टिकिट के िलए अड़ गये जहां तक....
देवदत्त दुबे -
मंडला जिला पंचायत की अध्यक्ष संपतिया उइके को भाजपा द्वारा राज्यसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर भले ही खुद उइके समेत राजनीतिक आंकलन करने वाले आश्चर्य में हों लेकिन समय की मांग और आदिवासियों को साधने के लिहाज से संपतिया उइके सबसे बेहतर नाम के रूप में उभरा। इस समय प्रदेश में 44 नगरीय निकायों के लिए चुनावी प्रक्रिया चल रही है और ये सभी नगरीय निकाय आदिवासी बहुल जिलों में आते हैं। ये चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब प्रदेश में पहली बार सत्ता और संगठन दबाव में हैं और प्रमुख विपक्षी दल आक्रामक मुद्रा में है। ये चुनाव एक तरह लिटमस टेस्ट की तरह माने जा रहे हैं जिससे संदेश जाएगा कि किसान आंदोलन के बाद कांग्रेस की सक्रियता का जमीनी असर कितना है। भाजपा इस समय अपनी पूरी ताकत इन चुनावों को जीतने के लिए झोंक रही है। यही कारण है कि....
देवदत्त दुबे -
ज्यों-ज्यों मिशन 2018 के लिए प्रदेश में सत्ता संघर्ष बढ़ा रहा है त्यों-त्यों नए-नए दांव-पेंच दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों भाजपा और कांग्रेस द्वारा आजमाए जा रहे हैं। देश में जहां भाजपा राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को बनाकर दलितों को संदेश देने की कोशिश कर रही है, तो मायावती राज्यसभा से इस्तीफा देकर दलितों की दरोगा बनी रहना चाहती हैं। प्रदेश में राजनीति के अखाड़े में ‘दलित दांव’ खेला जा रहा है। दरअसल, इस समय प्रदेश की राजनीति में बढ़त बनाने की होड़ चल रही है। प्रतिद्वंद्वी दलों में तो चल ही रही है, पार्टी के अंदर भी कई गुटों में आपस में भी चल रही है। हर छोटी सी छोटी बात पर प्रतिक्रिया आ रही है। तिल का ताड़ बनाया जा रहा है। ऐसा ही हुआ जब अशोकनगर में 22 जुलाई को ट्रामा सेंटर के उद्घाटन का िजला प्रशासन द्वारा निर्धारित किया गया था जिसके आमंत्रण पत्र पर ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ भाजपा विधायक गोपीलाल जाटव का भी नाम था लेकिन जाटव ने ट्रामा सेंटर का उद्घाटन..... 
देवदत्त दुबे -
भारतीय जनता पार्टी की एक दिवसीय कार्यसमिति की बैठक में चहुंओर चुनौतियों का जिक्र रहा लेकिन सभी ने एक स्वर में इन चुनौतियों से िनपटते हुए अंततः 2018 में सरकार बनाने का संकल्प लिया िपछली कार्य समितियों की तुलना सीमित समय और तामझाम से परे यह बैठक एक खानापूर्ति करने जैसी दिखी। दरअसल, इस समय पार्टी के सामने अनेकों चुनौतियां हैं। किसान आंदोलन के बाद परिस्िथतियों का पिरािमड जो उल्टा हुआ है। अब तक सीधा नहीं हो पाया है। ऊपर से किसानों की न तो आत्महत्याओं का सिलसिला थम रहा है और न ही कांग्रेस सहित अन्य विरोधियों द्वारा किया जा रहा विरोध थम रहा है। भोपाल जब भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में प्रदेश चौथी बार सरकार बनाने की नहीं बल्िक “अबकी बार 200 पार” का नारा दिया जा रहा था उधर मालवा क्षेत्र महापंचायत किसान क्रांति सेना के....
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ कांग्रेस के क्षत्रप नेताओं में नेतृत्व को लेकर छटपटाहट है। सो, अपने-अपने हुनर दिखा रहे हैं। सत्याग्रह, प्रदर्शन महापंचायत तो चल रही है साथ ही पत्र लिखकर भी भाजपा की परेशानी बढ़ा रहे हैं लेकिन इसके बावजूद कांग्रेस में िफसलन नहीं रुक पा रही है। राष्ट्रपति चुनाव में क्रास वोिटंग ने एक बार िफर कांग्रेस की कलह उजागर कर दी। दरअसल, चुनाव बहुत पहले प्रदेश में बने चुनावी वातावरण से आपाधापी भी बढ़ी है। कांग्रेस के क्षत्रप नेता जो इसके पहले गंभीर से गंभीर  मुद्दों पर आह तक नहीं भरते थे। अब छोटी सी छोटीबात पर प्रतिस्पर्धा दे रहे हैं। मसलन पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर प्याज खरीदी से संबंधित जानकारी मांगी है। कमलनाथ ने....
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ विधानसभा में किसानों के मुद्दे पर लाए गए काम रोको प्रस्ताव पर चर्चा के माध्यम से मंगलवार और बुधवार को सत्तापक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने एक दूसरे पर जमकर भड़ास निकाली। कांग्रेस ने जहां सड़क के बाद सदन में भी भाजपा सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ी वहीं सत्ताधारी दल भाजपा ने अपनी सरकार की उपलब्धियां बताते हुए किसान आंदोलन के लिए कांग्रेस पर ठीकरा फोड़ा। प्रदेश की सियासत 6 जून के बाद न सिर्फ किसानों पर केंद्रित है बल्कि प्रदेश के बाहर दिल्ली तक मध्यप्रदेश के विकास आंदोलन की चर्चा पहुंची। कांग्रेस के तमाम नेता इस समय किसान आंदोलन की आग को बुझाने नहीं देना चाहते और मैदान में प्रदेश के चारों कोनों के साथ ब्लाक स्तर तक कांग्रेस प्रदर्शन कर चुकी है, साथ ही सदन के अंदर भी कांग्रेस ने किसानों के मुद्दे को उठाने के लिए पूरी ताकत झोंकी, स्थगन प्रस्ताव लाया गया और दो दिन चली चर्चा में कांग्रेसी सदस्यों ने किसानों के मुद्दे पर सरकार के सामने कई सवाल खड़े किए जिसमें सबसे बड़ा सवाल तो यही था कि आखिर अन्नदाता को गोली क्यों मारी? किसने मारी? किसके आदेश पर मारी? और गोली मारने वालों के खिलाफ......
देवदत्त दुबे -
आज से मध्यप्रदेश िवध्ाानसभा मानसून सत्र आरंभ हो रहा है। सत्र शुरू होने से पहले ही धमक बनने लगी है। गर्म या कि जरफरात मुद्दे मौजूद है और िवपक्षी दल कांग्रेस के तेवर भी तीखे हैं एेसे में सत्र के हंगामेदार होने के पूरे आसार बन गये हैं। दरअसल, प्रदेश में इस समय िकसानों का आंदोलन, किसानों की पुिलस की गोली मृत्यु, किसानों द्वारा की जा रही लगातार आत्महत्याएं अवैध रेत उत्खनन और संसदीय कार्य एवं जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम िमश्रा की सदस्यता और मंत्री पद से इस्तीफा देने जैसे मुद्दों को कांग्रेस सड़क पर और मीडिया गरमाये हुए है। रविवार को पूरे प्रदेश में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री और मंत्री िमश्रा के पुतले भी जलवाने की कोिशश की। उधर किसानों का आंदोलन मंदसौर में िफर से जोर पकड़ रहा है। कांग्रेस नेता प्रदेश मंे लगभग 50-52 किसान जो आत्महत्या कर चुके हैं उनके घर बैठने जा रहे हैं।....
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में 9 अगस्त को 18 नगर पालिका सहित 26 नगर परिषदों एवं 23 ग्राम पंचायतों के चुनाव की घोषणा हो गई है। सो, प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजवा और कांग्रेस के पास अगस्त माह में अपनी-अपनी दम दिखाने का अवसर िमल गया है। िमशन 2018 के िलए नगरीय िनकाय के ये चुनाव किसी लिटमस टेस्ट से कम नहीं माने जा रहे हैं। दरअसल, िपछले कुछ दिनों से प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस की ओर से विभिन्न मुद्दों पर जनमत के अपने-अपने साथ होने का दावा िकया जा रहा है। दोनों दलों की ओर से िपछले पखवाड़े प्रदेशव्यापी यात्राएं भी िनकाली गई और इनकी सफलताओं के दावे भी बढ़-चढ़कर किये गये लेकिन िवद्यार्थी ने कितनी बढ़ाई की इसका पता तो परीक्षा परिणाम आने पर ही चलता है। सो, दोनों दलों के दावों में कितनी दम है।...
देवदत्त दुबे -
भाजपा के छोटे से कार्यकर्ता से लेकर िवधायक, सांसद और मंित्रयों को िशकायत रहती थी कि उनके मनमािफक स्थानांतरण नहीं होते। संघ भी अफसरशाही की बात करता रहा है। सो, इन तमाम लोगों की नाराजगी दूर करने सरकार इस बार प्ारदेश को तबादलों से तरबतर कर देगी इसके लिए ही तारीख पर तारीख बढ़ाई जा रही है। गुरूवार को केिबनेट की बैठक में एक बार िफर तबादलों के लिए तारीख बढ़ाकर 16 जुलाई कर दी है। दरअसल, िपछले कुछ वर्षों से प्रदेश में थोकबंद तबादले हो ही नहीं पा रहे थे। पूरे साल मुख्यमंत्री समन्वय के नाम पर छोटे-मोटे स्थानांतरण वर्ष भर होते रहते थे वह भी केवल पहुंच और रुतबे वालों के आम कार्यकर्ता अपने िरश्तेदारों के स्थानांतरण करा ही नहीं पा रहा था िजससे वह िवधायक से और िवधायक मंत्री से िशकायत रखता था और एक-एक करके सब िशकायतें सरकार और मुख्यमंत्री पर जाकर रुकती थी। सो, एंटीइनकमवेंसी बढ़ाने में इन नाराज कार्यकर्ताओं का भी अहम रोल है। वहीं दूसरी तरफ संघ....
देवदत्त दुबे -
संघ के दर्जनों अनुषांगिनक संगठन हैं लेिकन भाजपा उसमें से एक मात्र राजनैितक संगठन है जो संघ की दवा भी है तो दर्द भी संघ का िवस्तार और ताकत भी भाजपा से बनती है तो भाजपा की बुराईयों से बदनामी भी झेलनी पड़ती है। यही कारण है िक संघ का सर्वािधक फोकस भाजपा बनाये रखना पड़ता है। खासकर भाजपा जब संकट में होती है तब संघ सहारा बनकर सामने आता है तब संघ सहारा बनकर सामने आता है यही कारण है किसान आंदोलन के बाद जब प्रदेश में भाजपा बैकफुट पर आती िदखी और कांग्रेस सरकार बनाने की बातें करने लगी तो संघ ने एक बार िफर मोर्चा संभला हुआ है। इसी के तहत महाकौशल, मालवा और मध्य भारत में भाजपा और संघ की संयुक्त बैठकें िजसमें संघ ने भाजपा नेताओं को सुना, समझा और िफर दिय सुझाव।...
देवदत्त दुबे -
भोपाल। बहुत दिनों बाद सोमवार को लहार में एक मंच पर एक साथ आए कांग्रेस नेता भाजपा सरकार पर जमकर बरसे। मुख्यमंत्री को सभी वक्ताओं ने निशाने पर लिया। कल चुरहट में एक बार फिर सत्ता परिवर्तन के लिए हाथ में हाथ लिए एक मंच पर होंगे कांग्रेसी। उधर प्रदेश में लगातार चल रही भाजपा और संघ की कमराबंद समन्वय की बैठकों से सत्ता और संगठन में नए समीकरणों के उभरने के संकेत दिए जा रहे हैं। प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों में अब मिशन 2018 के लिए तैयारियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस को किसानों का मुद्दा मिल गया है, जिसे अब वह लगातार जीवित रखना चाहती है और लगभग हर दिन एक न एक किसान आत्महत्या कर रहा है जिससे कांग्रेस को सत्तापक्ष को कोसने में मदद मिल रही है। सोमवार को लहार में कांग्रेस के सभी बड़े नेता मौजूद थे। इसमें प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश से लेकर प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव, नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, विवेक तनखा शामिल थे। कांग्रेस के उत्तरप्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष राज बब्बर भी विशेष रूप से उपस्थित थे।
देवदत्त दुबे -
तू डाल-डाल, मैं पात-पात की तर्ज पर इस समय प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस अब आमने-सामने हैं। आज चंबल क्षेत्र में कांग्रेस एकता के साथ बड़ा प्रदर्शन करके िदखाएगी िक सत्ता की चाबी की चाहत अब िदनों िदन बढ़ रही है तो भाजपा की िस्थति को संभालने अब संघ मैदान में आ गया। सो, महाकौशल के बाद आज मालवा में भाजपा और संघ पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक हो रही है जिसमें गंभीरता से मंथन किया जाएगा कि आिखर माहौल में सकारात्मकता कैसे लायें।....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में लगातार 53 नगरीय निकाय में होने वाले चुनाव में भाजपा हर हाल में जीतना चाहती है। किसान आंदोलन के बाद प्रदेश में गिरती साख को लौटाने के लिए भाजपा इन चुनावों को अहम मान रही है। मंगलवार शाम को मुख्यमंत्री निवास में मंत्रियों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने इन चुनावों को जीतने के लिए मंत्रियों को अभी से चुनाव क्षेत्रों में जाने को कहा है। प्रदेश में 53 नगरीय िनकायों के चुनाव कभी भी घोषित हो सकते हैं। ये चुनाव ऐसे समय में हो रहे हैं जब किसान आंदोलन और किसानों द्वारा की जा रही लगातार आत्महत्याओं से सरकार बैकफुट पर है। ये चुनाव उन इलाकों में होना हैं, जहां किसान आंदोलन जोर पकड़े था। यही कारण है कि....
देवदत्त दुबे -
िकसी गहरी खाई के ऊपर पतली रस्सी पर चलने जैसी हो गई है आजकल की राजनीित जरा से चूके और िगरे धड़ाम से और मजबूरी भी अब एेसी िक अच्छा-बुरा समझते हुए भी िजस रास्ते पर चल िदये उस पर चलते रहना। सो, िवपक्ष यह कहकर िकतने ही आरोप लगाये िक प्रदेश में उत्सव, महोत्सव और ईवेंट की सरकार है। भाजपा और मुख्यमंत्री चौहान अब तक इसी रास्ते से चुनावी सफलता अर्जित करते आये हैं। सो, उसी रास्ते पर आलोचनाओं की िचंता िकए बगैर बढ़ते जाना मजबूरी है तो.....
देवदत्त दुबे -
‘डबरा एकता’ की तर्ज पर लहार से हो रहे िकसान स्वािभमान यात्रा के समापन पर मेगा शो के बहाने न केवल कांग्रेस बल्कि अलग-अलग पड़े कांग्रेसी भी लय में आने की कोिशश करेंगे। िकसान आंदोलन के बाद अचानक कांग्रेस के कार्यक्रमों में उमड़ रही भीड़ और उत्साह ने घर बैठे कांग्रेसियों को भी बाहर िनकलने के िलए मजबूर कर िदया है। दरअसल ‘लहार’ में कांग्रेस के जमावड़े के केन्द्र में पूर्वमंत्री डा. गोिवंद िसंह जो िक कट्टर िदग्विजय िसंह समर्थक माने जाते रहे हैं ये बात और है िक िपछले कुछ महीनों से उनके पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योितरािदत्य िसंिधया के साथ भी बहुत नजदीकी के संबंध हो गये हैं और भोपाल के संबंध हो गये हैं...
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में िकसानों द्वारा आत्महत्या करने का िसलिसला अब भी जारी है। कहीं-कहीं िकसानों का आक्रोश भी झलक रहा है िजससे लगते है िकसान कर्ज माफी होने तक हार मानने वाला नहीं है तो दूसरी ओर राजनैितक दल भी िकसानों पर ही फोकस बनाये हुए हैं। भाजपा की िकसान संदेश यात्रा प्रदेश में चल रही है। अब कांग्रेस प्रदेश में एक जुलाई से िकसान स्वािभमान यात्रा िनकालने जा रही है िजसका 10 जुलाई को समापन लहार में एक बड़े प्रदर्शन के साथ होगा।...
देवदत्त दुबे -
कर्ज के बोझ से प्रदेश का िकसान अब भी कराह रहा है कर्ज चुकाने के िलए जब दाम (पैसों) का इंतजाम नहीं हो पा रहा तब वह अपनी दम तोड़ रहा है। हालात यह है िक िपछले एक पखवाड़े में लगभग 30 िकसानों की मौत हो चुकी है िकसान कर्ज माफी की मांग कर रहा है और सरकार और संगठन उसे उपलब्धियों का संदेश दे रहा है तो प्रमुख िवपक्षी दल सरकार को कोसने और िकसानों से सहानुभूित जताने के काम पर लगी है लेिकन िकसानों की मौत का िसलिसला कब थमेगा? कैसे थमेगा? इस प्रश्नों के उत्तर सुनने के िलए अब प्रदेश का आमजन कभी बेचैन हो गया है। दरअसल, अब प्रदेश में िकसानों की मौत हर संवेदनशील आदमी का िदल दहलाने लगी है लोग प्रार्थना करने लगे है िक आज भगवान करे प्रदेश में कोई िकसान आत्महत्या न करें लेिकन दोपहर होते कहीं न कहीं से कोई बुरी खबर आ ही जाती है। प्रदेश सत्ताधारी दल भाजपा और उसकी सरकार भी कोिशश कर रहे हैं िक िकसान अभ भी हताशा और िनराशा बाहर िनकल आये इसके िलए सभी 230 िवधानसभा क्षेत्रों में 27 जून से िकसान संदेश यात्रा भी िनकाली गई लेिकन 27 जून को बालाघाट, इंदौर, झाबुआ, देवास और खंडवा िजले में पांच िकसानों ने आत्महत्या कर ली तो 28 जून को िफर धार, बड़वानी और मुरैना िजले से िकसानों द्वारा खुदकुशी करने मामले आ गये....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। राजधानी भोपाल में आज देशभर के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री जुटेंगे। केंद्रीय पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में देश के गांवों स्थिति सुधारने के लिए पंचायतों को सुदृढ़ बनाने के लिए सभी मंत्री अपने-अपने राज्यों में चल रहे कार्यक्रमों को सबके सामने रखेंगे और ऐसे सुझाव साझा किए जाएंगे जिससे भविष्य में देश में पंचायतों का परचम फहराएं। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में होने वाले इस राष्ट्रीय सम्मेलन से पंचायती राज व्यवस्था को बहुत उम्मीद है। देश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर मध्यप्रदेश सरकार में इस विभाग के मंत्री भी रहे हैं। इसलिए इस विभाग की बारीकियों से परिचित हैं। वर्तमान में इस विभाग का जिम्मा गोपाल भार्गव के पास है। भार्गव गांव की छोटी से छोटी दिक्कतों के बारे में जानते हैं। यही कारण है कि.....
देवदत्त दुबे -
िपछले कुछ िदनों से मुख्यमंत्री िशवराज िसंह चौहान की चुनौितयां लगातार बढ़ती जा रही है जैसे-तैसे चौहान कसानों के आक्रोश को थामने की कोिशश कर रहे हैं तो पार्टी और सरकार से नई चुनौतयां सामने आ जाती है। सो, चौहान भोपाल- िदल्ली और बल्लभ भवन से लेकर खेत-खलिहान तक की चुनौितयों से जूझ रहे हैं। दरअसल, किसान आंदोलन औरिकसानों द्वारा दी जा रही आत्मगत्याओं से परेशान चौहान के सामने समूचे वातावरण को एक सकारात्मक िदशा में ले जाने की कोशिश है लेिकन बीच-बीच में एक न एक व्यवधान एेसा आ ही जाता है िजससे माहौल िफर बेपटरी होने लगता है। मसलन, कुछ तो प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने िकसानों की आत्महत्याओं के बारे में कहा और कुछ मीिडया में सुिर्खयां बना िजससे एक बार िफर वातावरण में तल्खी आ गई। िजसके िलए खंडन भी करने पड़े। जैसे-तैसे मामले को शांत िकया ही जा रहा था िक शनिवार को चुनाव आयोग के फैसले ने सरकार की िचंता नये िसरे से बढ़ा दी क्योंिक जनसंपर्क मंत्री नरोत्तम िमश्रा मुख्यमंत्री के िवश्वसनीय मंित्रयों में शुमार है उन्हें सरकार का संकटमोचक भी कहा जाता है लेिकन चुनाव आयोग के फैसले...
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में लगातार अफसरशाही के आरोप लग ही रहे हैं और मैदानी स्तर पर मची अफरा-तफरी मची हुई है। फेरबदल ऐसा किया जा रहा है जिससे प्रदेश की फिजां बदलने में मदद मिल सके। इसी उद्देश्य से इस बार केवल चार प्रमोटी अफसर ही कलेक्टर बनाए गए हैं। पहली बार जनप्रतिनिधियों की शिकायत को वरीयता देते हुए ऐसे कलेक्टरों को हटाया गया है जिनकी जनप्रतिनिधियों के साथ पटरी नहीं बैठ रही है। फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब सरकार मैदानी स्तर पर बिगड़े माहौल से परेशान हैं और सरकार को कहीं न कहीं ये सच लगने लगा है कि वास्तव में राज्य में अफसरशाही हावी है और जमीनी स्तर पर हवाहवाई माहौल है। इसी के चलते आएदिन एक न एक आंदोलन खड़ा हो रहा है तो किसान आंदोलन और किसानों की आत्महत्याओं का सिलसिला थम नहीं रहा। शिकायती अफसरों को हटाने में सरकार ने कोई कोताही नहीं बरती जब जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर सागर, हरदा, पन्ना, सीधी और सिवनी के कलेक्टर हटाए गए। दोनों ही मंत्रियों गोपाल भार्गव और भूपेंद्र सिंह की अनसुनी कर रहे थे। डेढ़ साल बाद उन्हें सागर से विदा होना पड़ा। इसी तरह हरदा कलेक्टर को लेकर पिछले दिनों खासा विवाद रहा जिसके कारण अंततः उन्हें हटा दिया गया। काफी जद्दोजहद के बाद राज्य सरकार ने....
देवदत्त दुबे -
किसान आंदोलन के कारण प्रदेश के बिगड़े वातावरण में व्यापारियों द्वारा जीएसटी के विरोध की जो चेतावनी आ रही है उससे सत्ता और संगठन को आशंका है कि कहीं सत्ता विरोधी माहौल और अपनी जड़ें न जमा लें जो कि चुनावी माहौल में उखाड़ना मुश्किल होता है। सो, इसके लिए अब सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है और अब आंदोलनकारियों पर रासुका तक की कार्यवाही हो सकती है। वहीं दूसरी ओर विपक्षी दल कांग्रेस की पूरी कोशिश है कि वर्षों बाद प्रदेश में बने असंतोषी माहौल को जड़ता प्रदान किया जाय जिससे चुनाव में फायदा मिल सके।....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश की राजनीति में ‘किसान’ केन्द्र में बने हुए हैं। पक्ष और विपक्ष की चिंता किसान हैं, फिर भी किसानों की आत्महत्याएं न थमना सबकी चिंता बढ़ाए हुए है। यह समय किसानों पर राजनीति की बजाए किसानों के कष्ट दूर करने का है। प्रदेश में पहली बार ऐसा हुआ है जब पक्ष और विपक्ष का फोकस पूरी तरह से किसानों पर बना है। मंदसौर गोलीकांड के बाद किसानों के गुस्से ने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया है। किसानों के आंदोलन से सबसे ज्यादा आहत सत्ताधारी दल भाजपा है। यही कारण है कि एक बार फिर सत्ता और संगठन अब किसानों के बीच जाकर नाराजगी दूर करने का प्रयास करेंगे। इसके िलए किसान संदेश यात्रा पूरे प्रदेश में निकाली जाएगी। भाजपा प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक बुधवार को 4 बजे प्रदेश भाजपा दफ्तर में होने वाली है। इसमें किसान संदेश यात्रा को लेकर बिन्दुवार कार्यक्रम तय किए जाएंगे। 27 जून से 6 जुलाई तक चलने वाली यह यात्रा सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में जाएगी। 22 जून को सभी  संभागीय मुख्यालयों पर तैयारी बैठक आयोजित की जाएगी। इस यात्रा के माध्यम से पार्टी राज्य और केन्द्र सरकार द्वारा किसानों के हित में किए गए कार्यों का साहित्य वितरित करेगी और चुनिन्दा वक्ताओं के माध्यम से भाषण दिलवाए जाएंगे।...
देवदत्त दुबे -
भोपाल। कांग्रेस के छोटे से छोटे कार्यकर्ता से लेकर बड़ा से बड़ा नेता जानता है कि जब तक कांग्रेसी नेताओं में एकजुटता नहीं होगी तब तक 2018 में लगातार 15 साल तक शासन कर चुकी भाजपा से जीतना मुश्किल है। लेकिन इसके बावजूद वर्चस्व की लड़ाई के चलते अब तक कांग्रेस एकजुटता का प्रदर्शन नहीं कर पाई है। इसनी जरूर प्रगति की है कि अपने-अपने गुट की बजाए अपनी-अपनी जोड़ियां बना ली। अब ये जोड़ियां कब सिमटकर पार्टी की बंद मुट्ठी बनेंगी, इस पर न केवल निगाहें हैं बल्कि इसके बाद ही प्रदेश में सत्ता वापसी संभव है। प्रदेश में किसान आंदोलन के चलते प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को पहली बार ऐसा मौका मिला है जहां न केवल जनसमर्थन कांग्रेस के साथ है बल्कि सत्ताधारी दल भाजपा बैकफुट पर है। ऐसे अनुकूल माहौल को पार्टी के क्षत्रप नेता एक होकर पार्टी की मजबूती के लिए उपयोग कर सकते थे लेकिन तमाम बड़े नेता इस माहौल में अपना-अपना नेतृत्व स्थापित करने में जुट गए और.....
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ मसला प्रदेश सरकार के खिलाफ बन रहे वातावरण का हो या भाजपा के अंदर नेताओं के बीच चल रही आपसी अंर्तकलह का, भाजपा भी कांग्रेस के रास्ते जाते दिखाई पड़ रही है। बुधवार को प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन एवं बालाघाट से भाजपा सांसद बोधराम भगत के बीच सार्वजनिक मंच पर हुई गालीगलौज सुर्खियों में थी। यह विवाद अभी शांत नहीं हुआ और गुरुवार को सिरमौर से भाजपा विधायक नीलम मिश्रा द्वारा प्रदेश के उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला के खिलाफ लिखा पत्र चर्चा में आ गया। ये सिर्फ दो ही मामले नहीं हैं जिनकी वजह से भाजपा का अनुशासन तार तार है बल्कि इससे पहले भी ऐसे कई मामले हो चुके हैं, जिनकी वजह से भाजपा और उसकी सरकार की जगहंसाई हुई। विडंबना यह है कि सख्त अनुशासन के लिए पहचानी जाने वाली भाजपा इसे रोक पाने में पूर्णत: असफल है। इससे मौजूद प्रदेश नेतृत्व की क्षमता पर सवाल उठने लगे हैं। पूर्व मंत्री कमल पटेल ने भी पिछले दिनों समूची सरकार को कटघरे में खड़ा किया था जिसकी वजह से संगठन व सरकार दोनों की किरकिरी हुई थी। हालात यह है कि इस समय लोगों को कई मामलों में भाजपा कांग्रेस के रास्ते जाती दिखाई पड़ रही है।....
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ देश के प्रमुख टीवी चैनल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के उपवास कार्यक्रम पर जिस तरह से खुलासे किये उससे शनिवार को कांग्रेस द्वारा आयोजित खलघाट की किसान महापंचायत में खलबली रही। कांग्रेस के लगभग हर वक्ता ने इसे शर्मनाक बताते हुए मुख्यमंत्री से इस्तीफा मांगा। दरअसल, किसान आंदोलन के बाद प्रदेश के राजनैतिक वातावरण में खासी हलचल, सत्ता और संगठन जल्दबाजी में शांति के जो प्रयास कर रहे हैं उससे उल्टे वातावरण अशांत होता जा रहा है। मसलन, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश में शांति बहाली होने तक उपवास पर बैठने की घोषणा की लेकिन परिस्थितिवश दूसरे दिन उपवास समाप्त हो गया। सो, ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सवाल उठाया कि जब मंदसौर में धारा 144 लगी है तब प्रदेश में शांति बहाली नहीं हुई है तब मुख्यमंत्री क्यों उपवास से उठे? इस प्रश्न तक तो फिर भी ठीक था लेकिन शुक्रवार की रात एक टीवी चैनल द्वारा किसानों के परिजनों के स्टिंग आपरेशन उजागर किये जाने से मुख्यमंत्री के पूरे उपवास को फिक्स बताया गया। सोे, उपवास शुरू करने और समाप्त करने के अवसर पर मुख्यमंत्री के भाषण और टीवी चौनल पर किसानों की बयानों में जमीन आसमान का अंतर रहा है।
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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