स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
दिल्ली में सत्ता की मुख्य धारा से किनारे कर देने के बाद लालक=ष्ण आडवाणइी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा जैसे नेता भले ही गुमनामी जैसी जिंदगी जी रहे हो लेकिन मध्यप्रदेश में एेसा नहीं है। यहां किनारे किये गये नेता गाहे बगाहे अपनी उपस्थिति दर्ज कराते रहते हैं और भाजपा में जिस तरह से पालिटिक्स का बोलबाला बढ़ा है उसमें ये नेता अब एक बार फिर अपना पावर दिखाने की बेताबी में है।
दरअसल, ‘पार्टी विद द डिफरेंस’ का दंभ भरने वाली भाजपा जहां सत्ता में आने के बाद बाकी पार्टियों जैसी हो गई  वहीं पार्टी के अपने लोगों के बीच अब कहा जाने लगा है कि अपनी पार्टी कुछ ‘अलग सी’ में एेसी कई बातें हुई जो विपक्ष में रहते नहीं थी। मतलब पार्टी में पहले चाल, चरित्र और चेहरे को फोकस किया जाता था और कहा जाता था कि भूख, भय न भ्रष्टाचार हम देंगे अच्छी सरकार लेकिन....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी पूरे देश में अपनी टीम गठित कर रहे हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने मध्यप्रदेश से कर दी है। इसी तरह उम्रदराज मोहन प्रकाश की जगह युवा दीपक बाबरिया को मध्यप्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। साथ ही सहप्रभारी के रूप में सचिव संजय कपूर और जुबेर खान को भी बनाया गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब दनादन फैसले लेने के मूड में आ गए हैं। क्योंकि निर्णयों में हो रही से न केवल पार्टी का काम प्रभावित हो रहा था बल्कि आलोचनाएं भी होने लगी थीं। यही कारण है कि अब राहुल गांधी पार्टी संगठन में आमूलचूल परिवर्तन करने वाले हैं जिसकी शुरुआत उन्होंने मध्यप्रदेश से कर दी है। सूत्रों की मानें तो अमेरिका से लौटने के बाद राहुल गांधी संगठन और पार्टी की रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। खासकर उन राज्यों में जहां कांग्रेस को अकेले अपने दम पर चुनाव लड़ना है वहां संगठन कसावट और सर्वस्वीकार्य टीम बनाई जाएगी और रणनीति में चिंतन शिविर और प्रशिक्षण शिविर लगाए जाएंगे।...
देवदत्त दुबे -
भले ही राजनैतिक दल सि समय अपने-अपने दल की समस्याओं में उलझे हो लेकिन प्रदेश में जिस तरह से कम बारिश से स्थिति निर्मित हो रही है उससे भविष्य में सिंचाई के लिए ही नहीं वरन पीने केपानी का गंभीर संकट पैदा होने वाला है। प्रदेश के 30 से ज्यादा जिले एेसे हैं जो सूखे की चपेट में आ चुके हैं। दरअसल, मिशन 2018 के लिए चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा के लिए भविष्य में सूखे के कारण बेहद मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है पहले से वैसे ही किसान हैरान - परेशान हैं और अब सूखे के कारण प्रदेश के जहां 30 से अधिक जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा फसलें चौपट हो गई हैं जिससे खरीफ की फसलें कुछ जिलों में आधी अधूरी आ भी गई तो फिर रबी की फसलों की बोवनी होना ही मुश्किल दिखाई दे रहा है क्योंकि प्रदेश में अवर्षा की स्थिति और सूखे की संभावना को देखते हुए जल संसाधन विभाग ने तालाबों और नहरों से सिंचाई के लिए पानी लेने पर रोक लगाने कहा है।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ के कार्यालय से बुधवार को ट्वीट होता है कि “शिवराज सरकार चुनाव मोड पर आ चुकी है।” अब कांग्रेस को ये कौन समझाये कि भाजपा हमेशा ही चुनावी मोड पर रहती है और कांग्रेस है कि अपने दल के अंदर होने वाले संगठन के चुनाव ही नहीं करा पा रही है। बी.आर.ओ. की नियुक्तियों को लेकर ही पार्टी के अंदर इतनी चकल्लस बढ़ गई है कि अब चुनाव की जगह अपनों-अपनों का चयन ही हमेशा की तरह होगा। दरअसल, कांग्रेस पार्टी में घोषित चुनाव कार्यक्रम के अनुसार अब तक चुनाव संपन्न होने की स्थिति में होने थे। 6 अगस्त तक पार्टी के बी.आर.ओ. नियुक्त हो जाने थे जो अब तक (7 सितंबर) तक नहीं हो पाये। सो, बाकी कार्यक्रम ब्लॉक स्तर के चुनाव और भी ज्यादा पिछड़ गये हैं। बी.आर.ओ. के विवाद के चलते नेताओं की लगातार दिल्ली दौड़.....
देवदत्त दुबे -
किसान आंदोलन के बाद हुई किरकिरी से कुछ दिनों तक अपनी भाषणों की अदा दौरों की निरंतरता की कमी को अब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिर से पूरी करने में जुट गये हैं जिन योजनाओं से उन्हें लोकप्रियता मिली उनकी अब वर्षगांठ मनाकर उन्हें जीवंत कर रहे हैं। किसानों पर दो दिन फोकस बनाने के बाद बुधवार को दिन भर रातापानी में चुनिंदा अफसरों के साथ प्रशासनिक कसावट के लिए कसरत करते रहे। सो, चौहान एक बार फिर पूरी लय में लौटने की कोशिश कर रहे हैं। खासकर जब से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित 2019 तक का अधिकार उन्हें देकर गये हैं। दरअसल, चौहान अब यह मानकर चल रहे हैं कि उन्हें विधानसभा के चुनाव में 200 पार का लक्ष्य तय करना है तो 2019 में सभी 29 लोकसभा सीटों को जीतना है लेकिन परिस्थितियों और माहौल तो....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। मध्यप्रदेश में किसान भाग्य विधाता के साथ-साथ सरकार निर्माता भी है। यही कारण है कि किसान जिधर होता है उधर का पलड़ा भारी हो जाता है। भाजपा की प्रदेश में लगातार सरकार भी किसानों की दम पर बन रही है लेकिन पिछले दिनों किसान आंदोलन के बाद प्रदेश में आक्रोशित हुये किसानों ने भाजपा का चौथी बार सत्ता में वापिसी का खटका बढ़ा दिया है, जबकि कांग्रेस किसानों की नाराजगी के चलते ही सरकार बनाने के लिये उत्साहित हुई थी लेकिन आपस की टकराहट के चलते यह उत्साह अब काफूर होने लगा है। दरअसल, सत्ताधारी दल भाजपा इस समय पूरा फोकस किसानों पर बनाये हुये है क्योंकि पार्टी को समझ में आ गया है कि यदि किसान नाराज न होते तो कांग्रेस में कोई स्पंदन नहीं है। पार्टी को कांग्रेस से ज्यादा किसानों से खटका है क्योंकि किसान यदि नाराज रहा तो कांग्रेस ही नहीं प्रदेश के कई संगठन...
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ अब तक मध्यप्रदेश में अफसरशाही के हावी होने के आरोप लगते रहे लेकिन अब भविष्य में यदि अफसरशाही के महत्वाकांक्षी होने के आरोप लगे तो कोई अतिश्योक्ति नहीं मानियेगा क्योंकि केन्द्र सरकार चार अफसरों के मंत्री बनते ही मध्यप्रदेश के मंत्री बनते ही मध्यप्रदेश के अफसरों को एक नई राह दिख गई है अभ तक सेवा निव=त्ति के बाद विभिन्न आयोगों, संस्थानों पर पद हासिल करने से बढ़कर अब अफसरों की महत्वाकांक्षा सीधे मंत्री बनने के लिए हिलोरे मारने लगी है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से मध्यप्रदेश कोई बड़ा अफसर सेवानिव=त्त होकर घर बैठता ही नहीं है। सवानिव=त्ति के कुछ महीने पहल ही वह अपनी जुगाड़ कर लेता है कि उसे सेवा निव=त्ति के बाद किस आयोग में जाना या फिर किस संस्थान का प्रमुख बनना है। प्रदेश एेस करीब एक दर्जन से ज्यादा अफसर गाड़ी और बंगलों....
देवदत्त दुबे -
भोपाल / साधारण परिवार में जन्मे केन्द्रीय मंत्री वीरेन्द्र कुमार को संघ पृष्ठभूमि के साथ-साथ किस्मत और विशेष रूप से भाजपा के संगठन चुनाव ने पहली बार सांसद बनाने में विशेष भूमिका निभाई। यही कारण है कि जब आई.ए.एस. आई.एफ.एस. और आई.पी.एस. रहे व्यक्ति केन्द्रीय मंत्री बन रहे तब वीरेन्द्र कुमार का मंत्री बनना राजनैतिक हल्को में किसी आश्चर्य कम नहीं जबकि म.प्र. से ही प्रहलाद पटैल, प्रभात झा, राकेश सिंह जैसे दिग्गज अंतिम समय में पिछड़ गये। दरअसल, जनता विद्यार्थी मोर्चा, विद्यार्थी परिषद और फिर भाजयुमो के सागर जिले में पदाधिकारी रहे वीरेन्द्र कुमार को सीधे लोकसभा का पहला टिकिट मिलना बेहद उतार-चढ़ाव भरा रहा लेकिन किस्मत एेसी कि जब से वीरेन्द्र कुमार ने चुनाव लड़ना शुरू किया तभी से भाजपा का उभरना शुरू हुआ। वर्षों से भाजपा ‘अब की बारी अटल बिहारी’ के नारे लगाती रही लेकिन सही मायने में अटल की बारी 1996 से ही आना शुरू....
देवदत्त दुबे -
राजनीतिज्ञों से धीरे-धीरे विश्वास कम होने का एक कारण यह भी है कि आमजन की समस्याओं पर नेताओं को गजब का सब्र है। अब तो जो अावाज उठाये उस पर व्यंग्य भी है लेकिन सत्ता प्राप्ति के लिए इन्हीं नेताओं में बेसब्री है। संघर्ष और बेहद व्यग्रता भी यही कारण है कि पानी, बिजली, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य की कुछ एेसी बुनियादी समस्याएं है जिनका कभी अंत नहीं हो पा रहा है। दरअसल, सड़क, बिजली और पानी के मुद्दे पर मध्यप्रदेश में सरकार बनाने वाली भाजपा के समने अब यही समस्याएं सामने आ रही है। लगभग 14 वर्षो के बाद इन मुद्दों पर कुछ सुधार तो हुआ लेकिन अंत नहीं, क्योंकि इन मुद्दों पर नेताओं में गजब का सब्र है हो रहा है और हो जाएगा। इन पर अब तक के स्थायी बयान हुआ करते थे लेकिन अब इन मुद्दों पर जो आवाज उठाये उसके लिए व्यंग्य भी शुरू हो गये हैं जैसा कि....
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
कभी चित्रकूट के बारे में कहा गया था “चित्रकूट के घाट पर भई संतन की भीर। तुलसीदास चंदन घिसे, तिलक देत रघुबीर।।” लेकिन इस समय चित्रकूट में नेताओं के आश्वासनों, मुद्दों की, विकास कार्यों और शिकायतों की भीड़ बढ़ रही है क्योंकि अब कभी भी चित्रकूट विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा हो सकती है। दरअसल, चित्रकूट विधानसभा के लिए उपचुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है और बहुत संभव है कि ये आखिरी चुनाव हो और फिर 2018 में प्रदेश के विधानसभा के आम चुनाव होंगे। सो, चित्रकूट को लेकर दोनों ही दल पूरा जोर अभी से लगा रहे हैं जिसे आम चुनाव में मतदाताओं को बताया जा सके कि पिछले ही चुनाव में चित्रकूट में  मतदाताओं ने हम पर भरोसा जताया है और पूरे प्रदेश में भी चित्रकूट जैसा माहौल है आप भी हमें वोट दीजिये। जहां तक सत्ताधारी दल की बात है तो....
देवदत्त दुबे -
इस देश में एक आवाज पर सामाजिक एवं राजनैतिक परिवर्तन हुए हैं। एक व्यक्ति में इतनी शक्ति और और सामर्थ्य होती थी कि वह एक आवाज पर सामाजिक या कि राजनैतिक परिवर्तन करने की क्षमता रखता था लेकिन आज यह शक्ति व्यक्तियों में तो छोडि़ये न संस्थाओं में है और न राजनैतिक दलों में बची है। अब लोकतंत्र में आखिरी उम्मीद पत्रकारिता से बची ही बची है। दरअसल, मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में जर्नलिस्ट वेलफेयर एसोसिएशन, इंडिया के तत्वावधान में समाज सरकार की “दशा दिशा और मीडिया की भूमिका” विषय पर राष्ट्रीय सेमीनार आयोजित किया गया था जिसमें मुख्य वक्ता प्रख्यात पत्रकार वेदप्रताप वैदिक थे। सो, वैदिक ने अपने संबोधन में समाज सरकार की दशा-दिशा और मीडिया की भूमिका पर बड़ी बेबाकी से राय रखी। वैदिक ने बार-बार पत्रकारों को न केवल उनके अस्तित्व का....
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में मिशन 2018 दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के लिए ‘करो या मरो’ का संदेश लिए हुए है। सो, ताश के पत्तों की तरह दोनों दलों में इस समय मुद्दों और रणनीतियों को फेंटा जा रहा है जिससे एक-दूसरे की काट ढूंढी जा रही है। इस मामले में भाजपा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के दौरे के बाद तेजी से आगे बढ़ रही है उसने कांग्रेस के क्षत्रप नेताओं के लिए तलवार तान ली है जबकि कांग्रेस में जब तक किसी नेता पर सीधे अटैक नहीं हो रहा तब तक दूसरे का मजा लेकर उसके निपटने की प्रत्याशा में अपना रास्ता देखा जा रहा है। रअसल, देश के ह्दय मध्यप्रदेश में किसी भी दल के लिए सत्ता तक पहुंचने का हाइवे तैयार नहीं है। अनुकूल माहौल के बाद भी कांग्रेस आपस में उलझकर अपनी चाल-ढाल बिगाड़ रही है तो सत्ताधारी दल भाजपा विपरीत परिस्थितियों के बावजूद....
देवदत्त दुबे -
केन्द्र और राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा हमेशा चुनावी मोड में रहती है हर फैसले के पहले वो चुनावी नफा-नुकसान के बार में आंकलन करती है। सो, िपछले कुछ समय से जो फीडबैक आ रहा है वह बड़े फैसलों को लेने की इजाजत नहीं दे रहा है। इसके बावजूद केन्द्रीय और प्रादेिशक मंत्रिमंडल के विस्तार के लिए आंकलन किया जा रहा है। दरअसल, भाजपा अब हर हाल में राज्य और केन्द्र में सरकार की वापसी चाहती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जहां योजनाएं 2022 की बना हैं वहीं अिमत शाह 2019 के िलए केन्द्र में और जिन जिन राज्यों में 2017 और 2018 में चुनाव है वहां के िलए जमावट कर रहे हैं। इसी संदर्भ में शहा 110 दिन के राष्ट्रव्यापी दौरे कर रहे हैं। मोदी और शाह की ऊंची...
देवदत्त दुबे -
प्रदेश की राजधानी भोपाल में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अिमत शाह की तीन दिनी मैराथन बैठकों के बाद जो हलचल बनी हुई है उसमें पार्टी के प्रति समर्पित और उपेिक्षत नेता कोई हल िनकालने की कोशिश में जुट गये हैं। अब तक अपनों और कांग्रेस नेताओं को अपहृत करने से पार्टी के िलए संघर्ष कर रहे नेता अब सामने आ रहे हैं। दरअसल, प्रदेश में िपछले कुछ वर्षों में कुछ एेसे निर्णय पार्टी द्वारा लिये गये हैं जिन्हें पुराना कार्यकर्ता सोचकर और सुनाकर उदाहरण के रूप में दे रहा है। मसलन, जनसंघ के समय से पार्टी में संघर्ष करने वाले बाबूलाल गौर और सरताज सिंह को मंित्रमंडल से बाहर कर दिया एवं जिनके परिवार पीढ़ियों से कांग्रेस में रहे, मंत्री रहे िजन्होंने भाजपा नेताओं पर जमकर आरोप लगाये, एेसे संजय पाठक को मंत्री बना दिया। पार्टी नेताओं का कहना है न तो इस समय विधायकों की जरूरत थी और न सरकार या संगठन को कोई खतरा था तब एेसा क्यों किया गया......
देवदत्त दुबे -
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अिमत शाह ने तीन दिन तक राजधानी भोपाल में प्रदेश भर के भाजपा नेताओं के साथ बंद कमरों में खूब मंथन, िकया उन्होंने नेताओं से खुलकर बात रखने को कहा। सो, नेताओं ने पूरी भड़ास िनकाली और िमशन 2018 की राह में इतने अवरोधक दिखा दिये जितनी गहराई तक विपक्षी दल कांग्रेस तक नहीं पहुंच पाई। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जिस उद्देश्य से मध्यप्रदेश पहुंचे उस लिहाज से सही हुआ कि वक्त रहते उन्हें जमीनी हकीकत पता चल गई क्योंकि इतने लोगों से जिन दिल्ली में िमलना संभव था और न इतने समय तक सबको सुनना तीन दिन में शाह ने िवभिन्न बैठकों के माध्यम से भाजपा के तमाम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों, पूर्व सांसद,  विधायक के साथ समयदानी कार्यकर्ता से भी लंबी चर्चा की। समयदानियों ने ब्यूरोक्रेसी के िखलाफ खुलकर अपने....
देवदत्त दुबे -
जिस प्रकार गीता और रामायण को मानने वाले इन ग्रन्थों को पूजा स्थान पर रखकर सुबह-शाम पूजा तो करते हैं लेकिन गीता और रामायण में कहे गये उपदेशों को आत्मसात नहीं करते कुछ एेसा ही हुआ मध्यप्रदेश भाजपा में। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अिमत शाह के भोपाल आगमन को लेकर एक महीने से भाजपा के कार्यकर्ता से लेकर नेता तक तैयारी कर रहे थे और जब 18 अगस्त की सुबह शाह भोपाल पहुंचे तो उनका एयरपोर्ट से लेकर भाजपा के प्रदेश कार्यालय तक एेतिहासिक स्वागत हुआ मतलब शाह के प्रति आस्था, श्रद्धा, प्यार दिखाने में कहीं कोई कमी नहीं रही यहां तक कि शाह इतने लम्बे स्वागत के सिलसिले से खिन्न नजर आये और उन्होंने यहां तक कह दिया कि मैं यहां स्वागत कराने और भाषण सुनने नहीं आया हूं लेकिन शाह ने लगभग हर बैठक के पहले सख्त िनर्देश दिये कि बैठक की बात बाहर नहीं जाना चाहिये किसी को भी कुछ नहीं बताना है लकिन लगभग हर बैठक के 5-10 मिनिट बाद ही लोकल चैनलों पर बैठक की बातें चलने लगती थी। हद तो तब हो गई जब....
देवदत्त दुबे -
म.प्र. िमशन 2018 के लिए सेमीफायनल के रूप में माने जा रहे 44 नगरीय िनकाय चुनाव में कांग्रेस के क्षत्रप नेता एकजुट नहीं हो पाये। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कड़ी मेहनत करके जनता के सहयोग से प्रदेश में 15 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि 2012 में कांग्रेस इनमें से 9 सीटें ही जीती थी। वहीं सत्तारूढ़ दल भाजपा जिसके पास 28 सीटें थीं अब 25 सीटें जीतकर संतोष कर रही है। जो तीन निर्दलीय जीते उनमें दो कांग्रेस के बागी थे। दरअसल, 16 अगस्त को प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के प्रदेश कार्यालयों में जश्न का माहौल था। इसके पहले िपछले 14 वर्षों में अिधकांश समय भाजपा कार्यालय पर ही चुनाव परिणाम आने पर पटाखे फोड़े जाते रहे हैं, केवल बम्होरीबंद, झाबुआ और अटेर की जीत के मौकों को छोड़कर। सो, भाजपा इसलिए सुबह से उत्साही वातावरण बना रही थी क्योंकि....
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह से लेकर, निलंबित आई.ए.एस. शशि कर्णावत और पार्टी के असंतुष्ट नेता अमित शाह से मिलने खासी बेताबी दिखा रहे ये लोग दिल्ली तक पत्र-ई-मेल भेज रहे है जबकि दिल्ली से यही कहा जा रहा है कि जिसे भी मिलना है वह भोपाल स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय दीनदयाल परिषद में संपर्क करें। दरअसल, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह का पार्टी में इतना रूतबा बना हुआ है कि जो भी प्रदेश में सत्ता और संगठन से असंतुष्ट है या विरोधी है उसको ऐसा लग रहा है जैसे अमित शाह से मिलने से उनकी समस्या हल हो जायेगी। शाह के तीन दिन भोपाल में रहने के कारण भी ऐसे लोगों को उम्मीद है कि इन तीन दिनों में पांच मिनिट का समय तो मिल ही जायेगा।...
देवदत्त दुबे -
कांग्रेस मुक्त भारत भले भाजपा न बना पाये लेकिन वह कांग्रेस को उपलब्िधविहीन बनाने में तेजी से जुटी है। इसके लिए जो भी अवसर विशेष आता है ऊपर से नीचे तक पार्टी कांग्रेसियों की आलोचना और अपना जुड़ाव जोड़ने में जुट जाती है। कांग्रेस की एक-एक उपलब्िध पर भाजपा कुदृष्िट है जैसा कि इस समय भारत छोड़ो आंदोलन की 75वीं वर्षगांठ पर संसद से लेकर गांव की चौपाल तक भाजपा ने नई बहस छेड़ दी है। दरअसल, कांग्रेस पार्टी के पास कुछ एेसी स्थायी उपलब्िधयां हैं जिसे वह जब चाहे बखान करके अपने आपको गौरवान्िवत महसूस करती रही है। मसलन भारत को स्वतंत्र कराने में कांग्रेस पार्टी का योगदान अब तक सर्व स्वीकार्य रहा है।...
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश में बेहद प्रतिष्ठापूर्ण बन चुके नगरीय िनकाय चुनाव प्रचार के अंतिम दिन बुधवार को कांग्रेस ने राज्यसभा के चुनाव कांग्रेस नेता अहमद पटैल की जीत को जमकर उछाल कर भाजपा पर जगह-जगह नेताओं ने जमकर िनशाने साधे। वहीं मुख्यमंत्री चौहान सहित भाजपा नेताओं ने भी पूरी ताकत झोंकते हुए विकास के नाम पर वोट मांगे। दरअसल, किसी टी-20 मैच की तरह रोमांचित करने वाले गुजरात में राज्यसभा की तीन सीटों के चुनाव की  चर्चा मंगलवार को सुबह से लेकर देर रात तक प्रदेश में रही और पूरे घटनाक्रम के कारण जिस तरह क्रिकेट के टी-20 मैच में अंतिम ओवर की अंतिम गेंद पर 6 रन बनाने को रोमांच रहता है। वैसा ही रोमांच देर रात तक बना रहा और बुधवार की सुबह अखबारों में अहमद की जीत पढ़कर कांग्रेसी नेताओं ने बड़ी चतुराई से चुनाव प्रचार के अंतिम दिन चुनाव के पूरे घटनाक्रम पर भाषण करते हुए जहां भाजपा को कटघरे में खड़ा किया वहीं अहमद पटैल की जीत को.....
देवदत्त दुबे -
पंचायत से लेकर पार्लियामेंट तक भाजपा ही भाजपा है यहां तक कि राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति भी भाजपा के नेता ही बने हैं। प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष से लेकर लगभग 19 राज्यों में भाजपा की सरकार है और जहां नहीं है वहां तख्ता पलट का दौर चल रहा है िबहार के बाद तमिलनाडू भी अब िनशाने पर है। यहां तक कि गुजरात में एक महीने पहले कांग्रेस के 57 विधायक थे और 8 अगस्त को 45 िवधायक भी नहीं बचे कांग्रेस के सबसे रणनीतिकार एवं कांग्रेस सुप्रीमो के सबसे निकट अहमद पटैल राज्यसभा का चुनाव हार गये। कुल िमलाकर यह समय भाजपा युग माना जा रहा है और भाजपा के एेसे स्वर्णिम युग में मध्यप्रदेश में गुटों में बंटी निहत्थी कांग्रेस छोटे-छोटे से नगरीय चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर दे रही है जिससे भाजपा के नेता भौचक्के हैं।...
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश के धार जिले के चिखल्दा गांव में नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख मेधा पाटकर और ग्रामीण िपछले 11 दिन से उपवास पर हैं उनकी मौन चीख अब सरकार को मुशि्कलें पैदा करने लगी है। नर्मदा सागर परियोजना में उजड़े हरसूद का दर्द अभी तक लोग भूले नहीं कि सरकार सरोवर बांध के विस्थापकों का दर्द अब कराहने लगा है ये विकास की कैसी परिभाषा गढ़ी जाती है जिसमें आमजन के जीवन बाधा, विस्थापन, बिछुड़ना और हड़ताल, अनशन के िलए बाध्य हो जाता है। सोचो, 30 सालों में सरकार विधिवत विस्थापन नहीं कर पाई और अब जब मरने जीने की नौबत आ गई तब हाथ-पांव मार रही है।....
देवदत्त दुबे -
मिशन 2018 के पहले मध्यप्रदेश में सेमीफाइनल की तरह देखे जा रहे हैं। इस कारण प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं। खुद पार्टी नेताओं के लिए भी यह ऐसा मौका है जहां वे अपनी ताकत दिखाकर भविष्य में मन-माफिक स्थान पार्टी में पा सकते हैं। दूसरी ओर जो भी नेता इन चुनावों में चूक करेगा उसके भविष्य में पार्टी में मौके भी कम हो जाएंगे। प्रदेश के दोनों दल भाजपा और कांग्रेस के शीर्ष नेता इन चुनावों को करो या मरो की तर्ज पर ले रहे हैं। इन चुनावों के परिणाम जब 16 अगस्त को आएंगे तब दलों में समीक्षा का दौर चरम पर होगा, खासकर सत्ताधारी दल भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह 18 अगस्त से तीन दिन तक राजधानी में रहेंगे। इस दौरान वह बूथ से लेकर प्रदेश तक की समीक्षा करेंगे। उसी दौरान नगरीय निकाय चुनाव के परिणाम....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। व्यक्ति या समाज को प्रभावित करने के तीन ही तरीके माने जाते हैं... दबाव, प्रभाव और स्वभाव। राजनीति में अब तक कुछ मौकों को छोड़ दें तो स्वभाव से प्रभावित करने की प्रधानता रही है। लेकिन राष्ट्रीय परिदृश्य में इस समय यह पैटर्न बदला हुआ है। स्वभाव की बजाय दबाव और प्रभाव का इस्तेमाल बढ़ गया है, जिसके चलते पूरे देश में नेताओं की आयाराम-गयाराम की स्थिति हो गई है। देश की इन बदली परिस्थितियों का मध्यप्रदेश में खासा असर है, खासकर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की 18 अगस्त तीन दिन की यात्रा को लेकर भाजपा से ज्यादा विपक्षी दल कांग्रेस बेचैन है। ...
देवदत्त दुबे -
भले ही कुछ लोगों के दिग्िवजय के बयान, मदेॆश, िहन्दुत्व विरोधी और मसखरे वाले लगे लेकिन दिग्िवजय सिंह की सूझबूझ और राजनैतिक समझ पर किसी को शक नहीं है एक बार फिर दिग्िवजय को लेकर चर्चाएं गर्म हैं। एक ओर जहां उन्हें तेलंगाना के प्रभार से मुक्त किया गया है तो दूसरी ओर दिग्िवजय सिंह ने 30 सितंबर से मध्यप्रदेश में नर्मदा यात्रा करने की घोषणा की है। दरअसल, राजनैतिक दांव-पेंच के पर्याय दिग्िवजय सिंह को कुछ समय से माना जाने लगा था जब नरसिंह राव प्रधानमंत्री थे और अर्जुन सिंह ने अलग पार्टी बना ली एक तरफक अर्जुनसिंह, दिग्िवजय सिंह के रिश्तेदार के साथ-साथ राजनैतिक गुरू भी थे। सो, उन्हें उम्मीद थी कि दिग्िवजय सिंह उनका खुलकर साथ देंगे और दिग्िवजय एेसा करते तो मुख्यमंत्री की कुर्सी चली जाती एेसे में दिग्िवजय सिंह ने तिकड़म बाजी करके दोनों को साधे रखा, लेकिन दिगि्वजय सिंह यह अच्छी तरह से जानते थे कि प्रदेश में तीसरी बार कांग्रेस की सरकार बनने पर उन्हें पार्टी मुख्यमंत्री नहीं बनाएगी। सो, उन्होंने दूसरी पारी के आखिरी महीनों में एेसे िनर्णय लिए जिसमें पार्टी के खिलाफ जमकर वातावरण बना। इस बीच दिग्िवजय सिंह ने.....
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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