स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
राजनीति में विवादस्पद फैसले टालने के लिये बहाना चाहिये, यही कारण है कि मप्र में तमाम प्रकार के राजनैतिक फैसले यह कहकर टाले जा रहे हैं कि बिहार चुनाव के बाद देखेंगे इसीलिये अब यह माना जा रहा है कि मध्यप्रदेश में किसकी जिंदगी में बहार आयेगी और कौन बाहर होगा यह सब बिहार चुनाव के बाद ही पता चलेगा। जहां तक बात सत्तारुढ दल भाजपा की है कि तो उसके लिये महत्वपूर्ण फैसलों को लेने का लगातार फासला बढ़ता जा रहा है। जब-जब फैसले की घड़ी नजदीक आई तब-तब कोई न कोई अड़ंगा लग गया लेकिन किश्तों में टालने की बजाय अब इन फैसलों को बिहार चुनाव तक टाला जा रहा है। इस बीच पार्टी के अनेक महत्वपूर्ण कार्यक्रम जैसे संगठन चुनाव, बिहार विधानसभा की लगभग 73 सीटों पर पसीना बहा रहे मप्र के भाजपा नेता फुरसत हो जायेंगे और सबसे बड़ा पार्टी कार्यक्रम 29 नवंबर को है। जिसमें दस साल बेमिसाल के बहाने पार्टी बहुत बड़ा जनसेवा कुंभ भोपाल में आयोजित करने जा रही है। उसकी तैयारी में भी कोई बाधा नहीं आयेगी।... 
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश के दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों में नेताओं के बीच आपसी असहमति होने के असहनता की स्थिति बन रही है। सत्तारुढ दल भाजपा के लिये इस समय दल के साथ-साथ विभिन्न संगठनों के बीच सहमति नहीं बना पाने के कारण मुसीबतें बढ़ रही है। प्रदेश के दोनों ही प्रमुख राजनैतिक दल भाजपा और कांग्रेस अपने -अपने कारणों से पार्टी के अंदर असहमति के दौर से गुजर रहे हैं, जहां तक बात प्रदेश में सत्तारुढ़ दल भाजपा की बात है तो पिछले 10-12 सालों के बाद यह स्थिति बनी है। इस असहमति के कारण पार्टी कई महत्वपूर्ण फैसले नहीं ले पा रही है। सत्ता और संगठन में सहमति न बनने के कारण ही अब तक विभिनन निगम मंडलों की नियुक्तियां और मंत्रिमंडल का विस्तार नहीं हो पाया है जबकि सत्ता व संगठन के शीर्ष नेता कई बार कह चुके हैं कि कुछ दिनों में मंत्रिमंडल का विस्तार हो जाएगा, इसके लिये चार-पांच दौर की बैठकें भी चुकी है। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में भाजपा के संगठन के चुनाव चल रहे हैं और लगभग 29863 स्थानीय समितियों के चुनाव भी संपन्न हो चुके हैं, लेकिन कही से कोई अप्रिय घटना की खबर नहीं है, पक्षपात करने या गुटबाजी संबंधी गंभीर शिकायतें नहीं ऐसे क्या माना जाय कि भाजपा कार्यकर्ताओं में जबर्दस्त अनुशासन आ गया है या फिर लगातार उपेक्षा होने से उनका मोहभंग हो गया है? यह यक्ष प्रश्न राजनैतिक समीक्षकों के मन में हिलोरे ले रहा है। दरअसल इसके पहले जब-जब भाजपा संगठन के चुनाव शुरू होते थे, तब -तब गुटबाजी और पक्षपात करने संबंंधी शिकायतें आम हो जाती थी। जोड़-तोड़ तो निर्वाचन अधिकारी अपनी पसंद का बनाने के लिये शुरू हो जाती थी लेकिन इस बार न तो निर्वाचन अधिकारी को बनाने को लेकर जोड़-तोड़ हुई और न ही निर्वाचन अधिकारी बनने के बाद बदलने को लेकर कोई दबाब या प्रभाव का इस्तेमला हुआ। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में पिछला सप्ताह पूरा खामोशी से बीत गया न तो राजनैतिक उठापठक हुई और न ही प्रशासनिक हलचल लेकिन अगले पखवाड़े में राजनैतिक दलों के कार्यक्रम देखकर तो यह लगता है कि ये खामोशी किसी तूफान की निशानी तो नहीं? दरअसल प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले सप्ताह से विदेश यात्रा पर हैं, जिस कारण प्रशासनिक स्तर पर तो सन्नाटा है ही राजनैतिक स्तर पर भी गतिविधियां चुपचाप योजना बनाने के रूप में चल रही है, लेकिन राजनैतिक दलों के ऐसे कुछ कार्यक्रम सामने आये हैं जिससे आने वाले दिनों में न केवल हलचल बढ़ेगी वरन छोटे-मोटे तूफान भी देखने को मिल सकते हैं। 
भले ही अभी तक प्रदेश में संभावित उपचुनावों के लिये आचार संहिता लागू नहीं हुई हो लेकिन राजनैतिक दलों ने वोटों के लिहाज से क्षेत्र उपजाऊ बनाने के लिये पूरा जोर लगा रहे हैं। प्रदेश की राजनीति में इन उपचुनावों को बेहद अहम माना जा रहा है। प्रदेश में झाबुआ लोकसभा और देवास व मैहर विधानसभा के उपचुनाव के लिये अभी कोई घोषणा नहीं हुई है, लेकिन राजनैतिक दलों की तैयारियां बता रही है कि ये उपचुनाव उनके लिये कितने अहम हैं। परिस्थितियां कुछ इस तरह की बन गई है कि पहली बार उपचुनावों में कांग्रेस शुरुआती दौर में उम्मीदों से भरी हुई है, जबकि भाजपा को बचाने की छवि को रोज हो रहे कोई न कोई आंदोलन खराब कर रहे हैं। कांग्रेस की छवि को उसके नेता ही मटियामेट कर रहे हैं। 
ज्यों-ज्यों दवा की त्यों-त्यों मर्ज बढ़ता गया कि तर्ज पर एक तरफ जहां सरकार आमजन की समस्याओं को सुलझाने के नये-नये उपाय करने का दावा करती है तो दूसरी ओर पूरे प्रदेश में हर जगह असंतोष के स्वर मुखर हो रहे हैं। अब नित नये हो रहे आंदोलनों से परेशान प्रदेश की सरकार और संगठन इन अड़ंगे लगायेगी। रविवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में हुई पदाधिकारियों की बैठक में इस बात पर चिंता व्यक्त की गई कि आखिर रोज कोई न कोई आंदोलन क्यों हो रहे हैं। प्रदेश में लगभग 12 वर्षों से निरंतर भाजपा की सरकार है। सरकार ने हर वर्ग के लिये कुछ न कुछ दिया है इसके बाद भी चौतरफा असंतोष पनपना कही न कही हमारी चूक मानी जाएगी। 
देवदत्त दुबे -
अभी तक कहा जाता था कि संघ, भाजपा को केवल सलाह, मशविरा देता है। संघ, भाजपा केि अंदरुनी मामलों में दखलांदाजी (हस्तक्षेप) नहीं करता लेकिन अब संघ संगठन मंत्रियों की नियुक्ति स्वयं करेगा। ये नियुक्तियां अब तक भाजपा करती आई है, विदिशा में तीन दिन चली संघ की अहम बैठक का लब्बोलुआब तो यही है राजनैतिक समीक्षक इसे भविष्य में ‘संघ युक्त’ भाजपा की आहट मान रहे हैं। अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ अपने प्रचारकों और विभाग पदाधिकारियों की संगठन मंत्रियों के रूप में सीधे तैनाती करेगा नियुक्तियों करने के साथ-साथ इन पर नजर भी रखेगा और संभाग स्तर पर तैनात होने वाले संगठन मंत्रियों के प्रभार में परिवर्तन भी करेगा। समय-समय पर प्रांत प्रचारक संगठन मंत्रियों के कार्यों की समीक्षा भी करेगा। 
देवदत्त दुबे -
भाजपा को कभी शहरों की पार्टी कहा जाता था तो कभी धनाडय वर्ग की लेकिन संघ और भाजपा चाहते हैं। पार्टी की यह छवि बदले अब भाजपा को लोग गरीबों की, दलितों आदिवासियों की एवं ग्रामीणों की पार्टी कहें। वैसे तो इस बात के संकेत डॉ़ भीमराव अंबेडकर जयंती से मिलने शुरू हो गये थे जब संघ के मुख पत्र पाच्जन्य ने डॉ़ भीमराव अंबेडकर पर कव्हर स्टोरी छापी थी और संघ व भाजपा ने अंबेडकर जयंती धूमधाम से मनाई थी यहां तक कि जय श्रीराम का नारा लगाने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अंबेडकर जयंती पर ‘जय भीम’ टवीट किया। बहरहाल विदिशा में चल रही तीन दिवसीय संघ की अहम बैठक में दूसरे दिन संघ के अनुषांगिक संगठन के पदाधिकारियों के बीच इस बात पर सहमति बनी है कि भाजपा में अब दलितों, आदिवासियों और पिछड़ों को महत्व मिलना चािहये। 
देवदत्त दुबे -
जैसे-जैसे भाजपा का विस्तार हो रहा है। वैसे-वैसे ही उसमें सत्ता से जुड़ी बुराइयां भी पनप रही है, यहां तक कि संघ से भेजे गये संगठन मंत्री भी संघ की बजाय भाजपा की तरफदारी करने लगते हैं। इस प्रकार की बातें भविष्य में न हो। इस लिहाज से विदिशा में हो संघ की बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विदिशा के दीलाखेड़ी स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में शुक्रवार से शुरू हुई बैठक रविवार तक चलेगी। सूत्रों की माने तो इस बैठक में एजेंडा है उसके अनुसार पहले दिन चुनिंदा भाजपा नेताओं को बुलाकर चर्चा की गई जिसमें प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा, संगठन महामंत्री अरविंद मेनन, विशेष रूप से उपस्थित रहे। वहीं संघ की ओर से इस बैठक में सरकार्यवाह कृष्ण गोपाल, क्षेत्र प्रचारक अरुण जैन बैठक ले रहे हैं। कृष्ण गोपाल संघ की राजनैतिक इकाई भाजपा के प्रभारी भी हैं। 
सांसद आदर्श ग्राम योजना को देश में लागू हुए लगभग एक वर्ष होने को है लेकिन इसके बावजूद भी इस योजना को देश में अब तक गति नहीं मिल पाई है, लेकिन उम्मीद की जा रही है मध्यप्रदेश में इस योजना को लेकर जो मंथन हुआ है उससे इस योजना काे भविष्य में गति मिलेगी मध्यप्रदेश में ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा संचालित अधिकांश योजनाएं देश के अन्य राज्यों की बजाय बेहतर ढंग से काम कर रही है। कुछ योजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया गया है शायद यही कारण है कि मध्यप्रदेश में सांसद आदर्श ग्राम योजना को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला मध्यप्रदेश में ही रखी गई है। इस कार्यशाला के माध्यम से जहां विषय विशेषज्ञों ने आपस में विचारों का आदान-प्रदान किया वहीं देश के विभिन्न राज्यों के विभिन्न गांवों की योजनाओं को एक दूसरे ने समझा भी ऐसी उम्मीद की जा रही है कि मध्यप्रदेश मंथन से जो निष्कर्ष निकलेंगे उससे भविष्य में इस योजना को गति देने में मदद मिलेगी।
 
देवदत्त दुबे -
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्री मंडल की बैठक में जब ग्रामीण विकास मंत्रालय के प्रस्ताव उस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई जिसमें सरकार स्मार्ट शहरों की तर्ज पर ही स्मार्ट गांव विकसित करने की बात थी तब एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश की इस योजना पर अपनी मुहर लगा दी। दरअसल 23 अगस्त को मप्र पंचायत एवं ग्रामीण विकास द्वारा ‘आओ संवारे-गांव हमारे’ ‘अब प्रदेश का हर गांव बनेगा स्मार्ट विलेज’ स्मार्ट ग्राम स्मार्ट पंचायत शीर्षक प्रदेश और देश के अखबारों में विज्ञापन जारी कर योजना के महत्व को बताया गया था तभी से समीक्षकों के मन में यह था कि भविष्य में यह योजना अन्य प्रदेशों और देश की सरकार का ध्यान आकर्षित करेगी और हुआ भी करीब डेढ़ माह के अंतराल में ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्मार्ट गांव बनाने के फैसले से मप्र के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव अभिभूत हैं क्योंकि केंद्र सरकार की यह योजना श्यामाप्रसाद मुखर्जी के नाम पर रहेगी। 
दिनेश निगम त्यागी -
भोपाल/ राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ प्रदेश में भाजपा नेतृत्व एवं सरकार के मुखिया से नाराज है। वजह है, झाबुआ-रतलाम लोकसभा क्षेत्र, जहां पार्टी अपना एक अदद ऐसा नेता तैयार नहीं कर सकी जो अपनी दम पर चुनाव जीत सके। संघ की नाराजगी बेवजह नहीं है। भाजपा को प्रदेश की सत्ता में आए लगभग 12 साल हो चुके हैं। तब से पार्टी प्रदेश में लगभग हर चुनाव जीत रही है। लोकसभा चुनाव में प्रदेश की ज्यादा सीटें वह तब से जीत रही है जब केंद्र में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में एनडीए की सरकार थी। पर झाबुआ-रतलाम लोकसभा क्षेत्र में भाजपा असहाय है। वहां पार्टी अब भी कांग्रेस से आए उधार के नेताओं के भरोसे है। 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा यहां पहली बार जीती लेकिन जीतने वाले थे स्वर्गीय दिलीप सिंह भूरिया। वे कांग्रेस से ही भाजपा में आए थे। उनके निधन की वजह से यहां उप चुनाव होना है लेकिन अब भी भाजपा के पास अपना ऐसा कोई नेता नहीं है जो कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया से मुकाबला कर सके। 
देवदत्त दुबे -
देश के दोनों प्रमुख राजनैतिक दलों भाजपा और कांग्रेस के लिये मध्यप्रदेश बेहद महत्वपूर्ण हो गया है जिसके कारण हाल ही विधानसभा के चुनाव होने जा रहे बिहार और इसके बाद उत्तरप्रदेश में विधानसभा के चुनाव होना है लेकिन दोनों दलों को इससे ज्यादा चिंता 2018 को होने वाले मध्यप्रदेश के चुनाव की चिंता ज्यादा है। यही कारण है कि दोनों दल मध्यप्रदेश के संगठन को मजबूत बनाने में जुट गये हैं ये बात और है कि कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के प्रयास जहां कमजोर हो रही है वही भाजपा फूंक-फूंक कर कदम रखरही है। भाजपा के पास जहां विनय सहस्रबुद्धे जैसे समझदार संगठन के प्रभारी तो कांग्रेस के पास मोहन प्रकाश जैसे अनुभवी लेकिन संगठन के स्तर पर कमजोर साबित हो रहे प्रभारी है। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल। तीन दिवसीय विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन अवसर पर जो अनुशंसाएं सामने आयी हंै यदि वे संकल्पित होकर साकार रूप ले लें तो हिन्दी ना केवल भारत में वरन पूरी दुनिया में एक सशक्त और समृद्ध भाषा बन कर उभरेगी। 10 से 12 सितम्बर तक भोपाल में हुए दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन में दुनियाभर से आए हिन्दी प्रेमियों और हिन्दी के मूर्धन्य विद्वानों ने लगभग बारह विषयों पर गंभीर चिंतन करके जो अनुशंसाएं की हैं उनमें से अधिकांश अनुशंसाओं को लागू करने में कोई विशेष दिक्कत नहीं आने वाली है। यदि थोड़ी भी दृढ़ इच्छाशक्ति सरकार और समाज दिखाएं तो हिन्दी का न केवल पूरी दुनिया में प्रचलन बढ़ेगा बल्कि एक समृद्ध और सशक्त भाषा बनकर उभरेगी। वैसे तो दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के समापन पर केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने संबोधनों में हिन्दी की बेहतरी के लिए सरकार के स्तर पर ठोस प्रयास करने की बात कही है लेकिन जब तक इन बातों का धरातल पर क्रियान्यवन नहीं हो जाता तब तक अब तक के सम्मेलनों की भांति हिन्दी अपने वैभव को तलाशती रहेगी। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल में चल रहे 10 वें विश्व हिन्दी सम्मेलन के दूसरे दिन दुनिया भर से आये विद्वानों ने अलग-अलग सभाग्रहों में अलग-अलग विषयों पर गहन चिंतन, मनन एवं मंथन किया सभी का उद्देश्य एक ही था। मध्यप्रदेश से हिन्दी के हित में ऐसा अमृत निकले जिसके चलते हिन्दी न केवल भारत की बल्कि पूरे विश्व की ऐसी अजर-अमर भाषा बने जो सबको एक सूत्र में पिरो सके दसवें सम्मेलन कि सबसे बड़ी विशेषता यही है कि आयोजक इस बात को समझ चुके हैं कि पिछले नौ सम्मेलनों से न तो ठोस निर्णय निकले और न ही अपर क्रियान्वयन हुआ जिसके कारण हिन्दी को जो ऊंचाइयां मिलने थी वो नहीं मिल पाई। लेकिन इस बार तमाम निष्कर्ष समापन के पहले तय कर लिये जाएंगे और उन पर क्रियान्वयन भी तुरंत शुरू हो जाएगा। 
देवदत्त दुबे -
देश के दिल्ा मध्यप्रदेश से दुनिया में हिन्दी का दमखम बढ़ाने की कोशिश दसवें विश्व हिन्दी सम्मेलन के माध्यम से हो रही है। प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की पूरी कोशिश है कि इस सम्मेलन के निष्कर्ष परिणाम मूलक स्थिति तक पहुंचे। दरअसल, इसके पहले जितने भी विश्व हिन्दी सम्मेलन हुए वे साहित्य और साहित्यकार पर केंद्रित होते थे और सम्मेलन के निष्कर्ष निकालने में बहुत ज्यादा समय लग जाता था जिसके कारण निष्कर्षों का क्रियान्वयन विधिवत नहीं हो पाता था परिणामस्वरूप दुनिया में जो स्थिति आज हिन्दी की होनी थी वो नहीं बन पाई है। इसका कारण बताते हुए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कहा कि पहले के सम्मेलन भाषा की उन्नति पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भाषा की उन्नति के लिये संवर्धन ही नहीं संरक्षण की भी जरूरत पड़ रही है। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश कांग्रेस कमेटी की कार्यकारिणी की घोषणा के बाद पार्टी में मचे बवाल के बीच अंदरुनी तौर पर यह सहमति बन गई है कि अभी इस्तीफा न देकर पार्टी के अगले कदम का इंतजार करना चाहिये। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह के निवास पर आज कांग्रेसी नेताओं का दिनभर आना-जाना लगा रहा जिसमें मानक अग्रवाल, आरिफ अकील डॉ़ गोविंद सिंह एवं राजा पटैरिया प्रमुख रूप से शामिल थे। कार्यकारिणी की घोषणा के बाद आरिफ अकील और डॉ़ गोविंद सिंह के समर्थक इस्तीफे की बाते कहते आये हैं लेकिन अजय सिंह ने इन नेताओं से चर्चा कर यह समझाया कि इस समय पार्टी से इस्तीफा देना उचित नहीं है। पार्टी फोरम पर अपनी बात रखिये एवं पार्टी हाईकमान के अगले कदम का इंतजार करिये। 
देवदत्त दुबे -
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के छात्रों के स्टेट एमसीआई में पंजीयन के लिये पंजीयन नियमों में संशोधन करेगी। मप्र सरकार मुख्यमंत्री शिवराज सिंह के इस आश्वासन के बाद सागर के छात्रों ने अपनी हड़ताल भी समाप्त कर दी। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज के छात्र सागर में भूख हड़ताल पर बैठे थे, क्योंकि पांच वर्षीय डिग्री कोर्ष करने के बाद भी इन छात्रों का एमसीआई पंजीयन नहीं हो पा रहा था, इसका कारण यह है जरूरी सुविधाएं न होने से एमसीआई बुंदेलखंड कॉलेज को ही अब मान्यता नहीं दे पाई है। बार-बार एमसीआई की टीम मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण करती है और हर बार किसी न किसी कमी के चलते एमसीआई मेडिकल कॉलेज को मान्यता देने योग्य नहीं पाती है जिससे पहले बेच के छात्रों का भविष्य तो अंधकारमय हो ही रहा था दो-चार महीने में दूसरे बेच के छात्र भी इसी समस्या से जूझेंगे। 
देवदत्त दुबे -
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव की सबसे बड़ी सफलता इस समय यही मानी जा रही है कि वे डेढ़ वर्ष बाद ही सही लेकिन अपनी प्रदेश कार्यकारिणी घोषित करने सफल हो ही गये लेकिन इसके साथ ही उपजे असंतोष को थामने की सबसे बड़ी चुनौति यादव के सामने है। जब पार्टी सत्ता में होती है तब तक कार्यकर्ता और नेता पार्टी का आदेश मानते रहते हैं लेकिन जैसे ही पार्टी सत्ता से बाहर हुई कार्यकर्ता और नेता पार्टी के आदेश की अवहेलना करने में संकोच नहीं करते ऐसे दौर में चतुर सेनापति वही होता है जो कम से कम असंतोष पनपने दें। हो सकता है अरुण यादव ने भी ऐसी ही कोशिश की होगी लेकिन फिलहाल तो पार्टी में चौतरफ असंतोष के स्वर सुनाई देने लगे हैं। 
देवदत्त दुबे -
एक तरफ भाजपा पार्टी के कार्यक्रम घोषित करती है तो दूसरी ओर कोई न कोई चुनाव आ जाता है। जिस कारण सत्ता और संगठन पूरी ताकत चुनाव जीतने में लगा देते हैं। इस कारण पार्टी के कार्यक्रम लगातार असफल हो रहे हैं। हाल ही में रक्षाबंधन पर प्रदेश प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में 11 हजार महिलाओं को प्रधानमंत्री बीमा पालिसी की योजना भी बुरी तरह फ्लाप हुई है। पूरे देश में संगठन की दृष्टि से भाजपा नेता मध्यप्रदेश को सबसे मजबूत राज्य मानते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में लगातार पार्टी के महत्वाकांक्षी कार्यक्रम सफल नहीं हो पा रहे, जिससे भाजपा नेता परेशान है। पार्टी ने सबसे पहले अतिउत्साह में प्रदेश में दो करोड़ सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा था लेकिन बाद में इसे एक करोड़ कर दिया गया और उसमें भी 40 लाख सदस्य छत्तीसगढ़ के थे। 
देवदत्त दुबे -
भाई-बहिन के पवित्र रिश्तों को त्यौहार भी अब राजनैतिक दलों के लिये राजनीति करने का मंच नजर आ रहा है। भाजपा और कांग्रेस ने रक्षाबंधन के दिन भी राजनैतिक कार्यक्रम जारी किये हैं। महिलाओं मतदाताओं की निर्णायक भूमिका को देखते हुए अब राजनैतिक दल भी महिलाओं पर फोकस करने वाले कार्यक्रम बनाने लगे हैं। इसके लिये उन्होंने भाई-बहिन के पवित्र रिश्ते के रूप में मनाये जाने वाले रक्षाबंधन के त्यौहार का भी राजनीतिकरण कर दिया है। भारतीय जनता पार्टी ने जहां अपने सभी विधायकों से कहा है कि वे..... 
देवदत्त दुबे -
न तेरा न मेरा अब मंत्रिमंडल का विस्तार छवि, क्षमता और जनता में जनाधार के आंकलन के बाद होगा। अब सेनापति (मुख्यमंत्री) को और मजबूत करने के िलए से सेना (मंत्रिमंडल) में सक्षम और सशक्त लोग शामिल किए जाएंगे। कुछ एेसा ही ध्वनित हुआ है कल की बैठक में जिसमें पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे विशेष रूप से उपस्थित थे। अपनी की कांट-छांट, किसी का कद छोटा या बड़ा करने का मौका तो पार्टी के पास हमेशा रहेगा। इस समय पार्टी की सबसे चिंता प्रदेश में कांग्रेस को ऊबरने नहीं देना है जैसा कि पिछले दिनों व्यापमं घोटाले के माध्यम से कांग्रेस पार्टी ने अपने कार्यकर्ताओं में उत्साह एवं भाजपा में निराशा का वातावरण बना दिया था।  
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश में भाजपा जीत चाहत लगातार बढ़ रही है। जीत में पार्टी अब निरंतरता इसलिये भी चाह रही है, क्योंकि एक भी हार के मायने कांग्रेस को यह कहने का मौका देना है कि प्रदेश में अब व्यापमं घोटाले का असर शुरू हो गया है और आम जन का भाजपा से मोह भंग हो रहा है। यही कारण है कि भाजपा, कांग्रेस को कहने का कोई मौका नहीं देना चाहती। इस समय सत्ता और संगठन का पिूरा जोर झाबुआ लोकसभा सीट पर है, क्योंकि यह बड़ा चुनाव है और इसके परिणाम की धमक दिल्ली तक रहेगी। छोटे-छोटे चुनाव तो मैनेजमेंट के आधार पर जीते जा सकते हैं, लेकिन लोकसभा चुनाव जीताने के लिये तो पार्टी के अच्छे माहौल के साथ-साथ बेहतर प्रत्याशी का होना भी जरूरी है।  
देवदत्त दुबे -
लगातार चुनावी हार से लगता है कांग्रेस ने यह सबक तो सीख ही लिया है कि अब केवल चुनाव सक्रियता से काम नहीं चलेगा। यदि जीत चाहिये तो लगातार जनहित के मुद्दों पर सक्रिय रहना पड़ेगा। यही कारण है कि कांग्रेस अब व्यापमं के साथ-साथ प्याज और दाल की कीमतों में हुई वृद्धि को लेकर पूरे प्रदेश में 27 अगस्त को जिला मुख्यालयों पर आंदोलन करने जा रही है। वैसे तो कांग्रेस लगातार चुनावों से पस्त हो चुकी थी, लेकिन व्यापमं घोटाले को उठाने से मिली ऊर्जा के बाद वह उत्साहित है। यहां तक नगरीय निकाय चुनाव में मिली करारी शिकस्त ने भी कांग्रेस की हिम्मत नहीं तोड़ी है बल्कि दिग्विजय सिंह के बाद कमलनाथ ने मोर्चा संभालते हुए जबलपुर में विशाल प्रदर्शन एवं आमसभा की और इस तरह के कार्यक्रमों का सिलसिला कांग्रेस अन्य संभागीय मुख्यालयों पर जारी रखेगी। 
देवदत्त दुबे, भोपाल -
लंबे अंतराल से टाली जा रही विभिन्न निगम मंडलों की नियुक्तियां को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर चौतरफा दबाब था ऐसे में उन्होंने बीच का रास्ता निकालते हुए गैर विवादित नियुक्तियां करके विवादित नामों को एक बार फिर टालने में ही चतुराई दिखाई है। वैसे भी मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का स्वभाव कभी भी संगठन से टकराने का नहीं रहा है। इन नियुक्तियों को लेकर भी यही हुआ। संगठन की गाईड लाईन थी कि जो दो बार नियुक्तियां पहले ले चुके हैं उन्हें अब रिपीट नहीं किया जाए जबकि मुख्यमंत्री जिन महत्वपूर्ण निगमों में नियुक्तियां करने वाले थे उनमें से अधिकांश नाम ऐसे थे जो तीसरी बार लालबत्ती पाने जा रहे थे, ऐसे में मुख्यमंत्री ने बीच का......  
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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