स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
राजनीति को शह और मात का खेल कहा जाता है। प्रदेश में राज्यसभा की तीन सीटों के लिए हो रहे चुनाव में यह खेल शुरू हुआ लगता है। भाजपा के प्रदेश महामंत्री विनोद गोटिया का निर्दलीय गुटबाजी की ‘गोट’ चलना माना जा रहा है तो कल तक निश्चित कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा का भाजपा को चाल से तनाव बढ़ना स्वाभाविक है। वैसे तो भाजपा के दो और कांग्रेस से एक सदस्य राज्यसभा के लिए जाने के लिए पर्याप्त विधायक थे लेकिन भाजपा की अंदरुनी गुटबाजी ने एेसा पेंच फंसाया जिससे अब 11 जून तक प्रदेश में ऊहापोह की स्थिति रहेगी। कांग्रेस प्रत्याशी विवेक तन्खा का इस घटनाक्रम के बाद तनाव बढ़ना स्वाभाविक है क्योकि भाजपा जब से प्रदेश में सत्तारूढ़ है तब से अनेकों अनहोनी घटनाएं हो चुकी हैं। “कांग्रेस मुक्त भारत” का नारा लिए भाजपा इस खेल में किसी भी हद तक जा सकती है। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ अंततः प्रदेश की राज्यसभा के लिए तीन सीटों के लिए दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपने उम्मीदवार घोषित कर दिये दोनों दलों ने भविष्य के राजनैतिक फायदे को देखते हुए ये फैसले लिए हैं। इस कारण पार्टी के वर्षों से संघर्ष करने वाले, निष्ठावान और समर्पित कार्यकर्ता हो सकता है पीछे छूट गये हो। जहां तक बात सत्ताधारी दल भाजपा की है तो उसने बहुत सोच-समझकर दोनों नाम घोषित किए हैं। मैनेजमेंट में माहिर अनिल माधव दवे को तीसरी बार प्रत्याशी बनाकर पार्टी ने उन्हें अब तक के महा आयोजनों की सफलता का पुरस्कार दिया है। दवे ने 2003 में ही जावली केन्द्र के माध्यम से दिग्विजय सरकार को उखाड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी उसके बाद सरकार और संगठन में प्रदेश जो भी बड़े आयोजन हुपए उसके कर्ताधर्ता अनिल माधव दवे ही रहे चाहे अंतरराष्ट्रीय हिन्दी सम्मेलन हो या फिर हाल ही वैचारिक महाकुंभ का आयोजन दवे ने अपनी दक्षता और क्षमता का बेहतर परिचय दिया ही नर्मदा समग्र के माध्यम से प्रतिवर्ष होशंगाबाद में पर्यावरण सुधार के लिए बड़े आयोजन करने वाले दवे को संघ का भी वरदहस्त प्राप्त है। यही कारण है कि तीसरी बार राज्यसभा में जाने के बाद दवे के समर्थक उनमें केन्द्रीय बनने और भविष्य में मध्यप्रदेश का मुख्यमंत्री बनने की संभावनाएं दिखाने लगे हैं।  
देवदत्त दुबे -
30 मई को होने जा रहे घोड़ाडोंगरी विधानसभा के उपचुनाव के लिए शनिवार शाम पांच बजे चुनावी शोरगूल समाप्त हो गया लेकिन नेता कार्यकर्ता अब मतदाता के घर-घर जाकर एक-एक वोट के लिए गिड़गिड़ा रहे हैं। भले ही झाबुआ और मैहर की तरह घोड़ाडोंगरी के उपचुनाव हौआ न बनाया गया हो लेकिन प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस ने जीत के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। पिछले एक पखवाड़े से घोड़ाडोंगरी में सभाओं और रोडशो के माध्यम से दोनों प्रमुख दलों के कार्यकर्ता अपना-अपना डंका पीट रहे थे। दोनों ही दलों के दिग्गज नेताओं ने सभाओं और रोडशो के माध्यम से अपने-अपने पक्ष में माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। जहां तक सत्ताधारी दल भाजपा की बात है तो उसने चुनाव को बदली हुई रणनीति के तहत लो प्रोफाइल रखा। सत्ता, संगठन से जुड़े नेताओं के अलावा सेवा निव=त्त आईएएस अरुण भट्ट को अहम जिम्मेदारी दी गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने एक बार फिर अपनी पूरी कला कौशल प्रचार में दिखाई। एक ओर जहां उन्होंने ताबड़तोड़ सभाएं की तो दूसरी ओर भारी तामझाम के साथ रोडशो भी किए और प्रचार के अंतिम दिन जहां आदिवासी के घर रात रुककर खाना खाया। वहीं दलित के घर चाय पी। मतलब चौहान ने कोई हथकंडा नहीं छोड़ा जो घोड़ाडोंगरी में न आजमाया हो ... 
देवदत्त दुबे -
घोड़ाडोंगरी विधानसभा के उपचुनाव को अब जबकि केवल पांच दिन ही शेष बचे हैं। डुगर-डुगर चल रहे चुनाव प्रचार ने गति पकड़ली है भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने सभाओं और रोड शो के माध्यम से माहौल को गर्माया तो कांग्रेस की ओर से कमलनाथ, दिग्विजय सिंह एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेसियों को उत्साहित किया। अब भारी तामझाम एक तरह से हाई प्रोफाइल उपचुनाव लड़ने वाली भाजपा घोड़ाडोंगरी के उपचुनाव मंें बदली रणनीति के तहत चुपचाप तरीके से लड़ रही है। कुछ लोग इसे संगठन महामंत्री अरविंद मेनन की जगह आये सुहास भगत की कार्यशैली बता रहे हैं तो कुछ लोग इसे घोड़ाडोंगरी की परिस्थितियों से जोड़कर देख रहे हैं। झाबुआ में भारी तामझाम के बाद मिली पराजय और मैहर विधानसभा भारी लाव लस्कर के बाद प्रत्याशी नारायण त्रिपाठी की व्यक्तिगत दम से मिली जीत के बाद अब भाजपा उपचुनाव को ज्यादा तूल न देकर दवे पांव जीतने की रणनीति पर काम कर रही है।... 
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में 29 जून को रिक्त हो रही तीन राज्यसभा की सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस में सियासी जोड़तोड़ तेज हो गई है। वोटों के लिहाज से भाजपा को दो सीटें मिलना तय है। यदि 6-7 वोटों की जुगाड़ कर ली तो तीनों सीटों पर भाजपा का कब्जा हो सकता है जबकि एक वोट की जुगाड़ करके कांग्रेस अपनी सीट बचा सकती है। भाजपा के अनिल माधव दवे, और चंदन मित्रा एवं कांग्रेस की विजयलक्ष्मी साधो का कार्यकाल 29 जून को पूर्ण हो रहा है। खाली हो रही इन तीन सीटों के लिए भाजपा और कांग्रेस में दावेदार अपने-अपने ढंग से भोपाल से लेकर दिल्ली तक जोड़तोड़ में लगे हैं। भाजपा की ओर से अनिल दवे पुनः राज्यसभा में जाने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि उनका पहला कार्यकाल कम समय का था। दबे के अलावा केन्द्रीय मंत्री वैंकेया नायडू, राष्ट्रीय महासचिव राममाधव राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे एवं क=ष्णमुरारी मोघे के नाम चर्चाओं में है। कल 26 मई को भाजपा की पैनल बनाये जाने की संभावना है जिसे पार्टी का राष्ट्रीय नेत=त्व फायनल करेगा। वहीं कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा, कपिल सिब्बल, सुरेश पचौरी, शोभा ओझा एवं प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव के नाम संभावित दावेदारों में शामिल है। 
देवदत्त दुबे -
अब जबकि घोड़ाडोंगरी विधानसभा के उपचुनाव के लिए एक सप्ताह ही शेष है। दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने घोड़ाडोंगरी में डेरा डाल दिया है। भाजपा की ओर से जहां मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रोडशो एवं आमसभाएं कर रहे हैं तो कांग्रेस की ओर से पूर्व केन्द्रीय मंतंरी कमलनाथ एवं ज्योतिरादित्य सिंधिया एवं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह घोड़ाडोंगरी पहुंच रहे हैं। मौसम ही नहीं राजनैतिक परिस्थितियां भी इस समय प्रतिकूलता लिए हुए है। एेसे में दोनों दलों के नेताओं के ही नहीं बल्कि आम मतदाताओं के भी पसीने छूट रहे हैं। यहा कारण है कि निर्वाचन अधिकारी ने जहां राजनैतिक दलों को दोपहर में सभाएं नहीं करने की सलाह दी है वहीं सभा की अनुमति देने के पहले श्रोताओं के लिए पीने के पानी एवं छाया की व्यवस्था देखी जा रही है।... 
देवदत्त दुबे -
वैसे तो भाजपा शासनकाल में योजनाओं के प्रचार-प्रसाद और लांचिंग कमी कोई कमी नहीं देखी गई इसके बावजूद आमजन के बीच अपेक्षित वाहवाही न मिलने के कारण पार्टी ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय में तमाम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को न केवल प्रचार प्रसार के लिए कार्यशाला के माध्यम से प्रशिक्षित किया वरन सभी को जिम्मेवारी भी सौंपी है कि वे आम जनता के बीच जाकर केन्द्र और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाये। दरअसल 26 मई को मोदी सरकार दो वर्ष का कार्यकाल पूर्ण कर रही है। सो, पार्टी इस अवसर पर केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए एड़ी-चोटी का जोर लगा रही है जिससे “अच्छे दिन आएंगे” नारे की आलोचना न हो सके इसके लिए पार्टी ने अपने निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं पर ज्यादा भरोसा जताया है। पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान ने कार्यशाला को संबोधित करते हुए यहां तक कह दिया कि यदि अपनी सरकार की योजनाओं का प्रचार-प्रसार हम नहीं करेंगे तो क्या कोई प्राइवेट एजेंसी करेगी। 
देव -
उज्जैन सिंहस्थ मेला ज्यों-ज्यों समाप्ति की ओर है त्यों-त्यों नेताओं का ध्यान अब घोड़ाडोंगरी की ओर बढ़ने लगा है। खासकर सत्ताधारी दल की ओर से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान शीघ्र ही घोड़ाडोंगरी में मंडर स्तर की बैठकें लेने वाले हैं तो प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की ओर से प्रदेशाध्यक्ष अरुण यादव घोड़ाडोंगरी पहुंच गये हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ ज्योतिरादित्य सिंधिया और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के घोड़ाडोंगरी पहुंचने के कार्यक्रम बन गये हैं। घोड़ाडोंगरी नीरस वातावरण में चल रहा चुनाव प्रचार अब गति पकड़ने लगा है। विचार महाकुंभ की तैयारियों मंे अधिकांश भाजपा नेता तो व्यस्त थे ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी प्रतिदिन तैयारिकयों का जायजा ले रहे थे लेकिन अब विचार महाकुंभ के समापन हो जाने और उज्जैन में कुंभ के लिए कुछ ही दिन शेष रहने के अधिकांश नेताओं का रुख अब घोड़ाडोंगरी की ओर होने लगा है। .... 
12 से 14 मई तक चलने निनौरा के विचार महाकुंभ के माध्यम से जो भी 51 सार्वभौम अमृत संदेश निकले हैं जिन्हें सिंहस्थ िडक्लेरेशन के रूप में पूरे विश्व को सौंपा जाना है। इनमें से अधिकांश बातें वर्षों से हम जानते आ रहे हैं, कहते आ रहे हैं, लोगों को बताते आ रहे हैं और यदि इन बातों को बहुत पहले मानव समाज ने आत्मसात कर लिया होता तो आज जो दुनिया में पर्यावरण की दुर्दशा हो रही है, भीषण जलसंकट है, दिशाहीन और बेहद खर्चीली शिक्षा व्यवस्था है, आध्यात्म और विज्ञान का जो द्वंद्व है ये सब नहीं होता। सो अब समय आ गया है कि हम शुभ संदेशों को आत्मसात करें अन्यथा करोड़ों रुपए खर्च करके लोखों लोगों को परेशान करने का कोई परिणाम नहीं निकलेगा। निनौरा में तीन दिन में हुए इस विचार कुंभ से जो निष्कर्ष निकले हैं यदि उन पर अब भी अमल नहीं हुआ तो भविष्य में हम इस तरह के आयोजन करने का अधिकार ही खो देंगे। सोचो किसे नहीं पता कि मानव समाज को जीवित रखने के लिए पेड़ों को लगाना चाहिए न कि काटना लेकिन पेड़ लगातार कट रहे हैं।  
उज्जैन से देवदत्त दुबे -
अब तक धार्मिक मुद्दों की अगुवाई करने वाले संत समाज से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी आह्वान किया है कि वे मानवीय समस्याओं के निराकरण के लिए भक्तों को लगाये। ग्लोबल वार्मिंग और आतंकवाद को मोदी ने विश्व की दो बड़ी समस्याएं बताया। उज्जैन के पास ग्राम निनोरा में तीन दिवसीय विचार महाकुंभ के समापन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंच पर उपस्थित संत समुदाय से मुखातिव होते हुए कहा कि जिस प्रकार प्रयास और उज्जैन में 12 वर्ष में कुंभ का आयोजन होता है। हरिद्वार व नासिक में हर तीन वर्ष में होता है। 
उज्जैन से देवदत्त दुबे -
संघ का उदारीकरण है या मोदी के िवकास की राजनीित का प्रभाव लेकिन इतना तो साफ है कि उज्जैन के निकट निनोरा ग्राम में विचार महाकुंभ में जो मुद्दे उठ रहे हैं वो संघ की कट्टरवादी छवि के विपरीत है। इस महाकुंभ में कहीं भी राम मंदिर, धारा 370, आरक्षण और समान नागरिक संहिता के मुद्दे विमर्श से गायब हैं। आज के पहले सत्र के वक्तागण जया जेटली, वंदना शिवा, रामदेव बाबा, मनीष कुमार, दयानंद भार्गव के वक्तव्यों से साफ है कि मध्यप्रदेश की राजनीति और संघ की विचारधारा में परिवर्तन के संकेत हैं। जो मुद्दे उठाए जा रहे हैं उसमें कृषि, पर्यावरण, सहअस्तित्व, समग्र विकास, गौपालन, स्वदेशी आदि हैं, जिनका सीधा सरोकार आर्थिक विकास और आमजन की समस्याओं से है। सीएम शिवराज िसंह चौहान ने भी आज कृषि के मुद्दे को जोर-शोर से उठाते हुए कहा कि उनका परिवार कृषि से जुड़ा है औऱ वो खुद भी कृषि कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि मध्यप्रदेश को कभी भी केंद्र से खाद्यान्न और गेहूं की मांग नहीं करना पड़े। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने उनके कार्यकाल में कृषि कर्मण पुरस्कार चार बार प्राप्त िकया है और गेहूं के उत्पादन में मध्यप्रदेश ने पंजाब और हरियाणा को भी पीछे छोड़ दिया है। 
देवदत्त दुबे -
उज्जैन सिंहस्थ कुम्भ के दौरान आज से ग्राम में शुरू हो रहे तीन दिवसीय वैचारिक महाकुम्भ में देश-विदेश के विचारक - चिंतक अपने उदबोधन में लोगों को जीवन की बाजी जीतने के विचार रूपी मंत्र देंगे जिससे हताशा और निराशा के दौर में भी आदमी संघर्ष क क्षमता बनाये रखें। देश और विदेश के लगभग 850 से अधिक विद्धान वर्तमान दौर की समाम समस्याओं को सामना आदमी कैसे करे इस पर अलग-अलग सूत्रों में अलग विषयों पर अपने - अपने विचार रखेंगे त्रिदिवसीय विचार मंथन से जो अमृत निकलेगा उसे विश्व के सम्मुख सिंहस्थ के सार्वभौम अमृत -संदेश के रूप में प्रस्तुत किया जायेगा। 
देवदत्त दुबे -
जाती न पूछो साधु की, पूछ लीजिये ज्ञान।
मोल करो तलवार का, पड़ा रहन दो म्यान।।
अर्थात साधु-संत सांसारिक संबंधों से सर्वथा भिन्न है, इसलिये साधु की शारीरिक जाति अथवा वर्ण न पूछो, उनसे सत्संग की, ज्ञान की चर्चा करो जिस प्रकार काम में आने वाली तलवार उसका तो मोल तोल करो किन्तु म्यान पर अधिक विचार करने की आवश्यकता नही।
संत कबीर भले ही हजारों साल पहले साधु की जाती नही पूछने की सलाह दे गये हो लेकिन राजनति जो न कराय सो कम है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आज उज्जैन सिंहस्थ में सबसे पहले वाल्मीकिधाम उसके बाद दीनदयाल विचार प्रकाशन के शिविर पं़ दीनदयालपुरम रवाना होंगे हालांकि जब शुरूआती दौर में कार्यक्रम बने थे तब यह कहा गया था कि देश के चुनिंदा दलित संतो को बुलाया गया है। दलित संतों और लगभग एक लाख दलितों के साथ अमित शाह समरसता महास्नान में भाग लेंगे लेकिन इस कार्यक्रम का चौतरफ विरोध होने लगा है। विरोधी दलों के अलावा कुछ साधु संतों ने भी समरसता स्नान को उचित नही ठहराया एक तरह से समरसता महास्नान पर बहस छिड़ गई, इस स्नान के पक्ष्ा और विपक्ष्ा में तर्क गढ़े जाने लगे शायद भाजपा यहीं चाह भी रही थी कि किसी तरह भाजपा के उमड़ते दलित प्रेम की चर्चा देश में हो। सो,भाजपा समरसता में विषमता की कचंता किये बगैर सिंहस्थ में सियासी ताना बाना बुनने में कोई कसर नही छोड़ रही, ....
 
देवदत्त दुबे -
संघ पृष्ठभूमि के सुहास भगत को जब से प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया तब से ही कयास लगाये जा रहे थे कि सुहास के सहारे संघ प्रदेश भाजपा में धीरे-धीरे परिवर्तन के प्रयास करेगा। सोमवार को जैसे घोड़ाडोंगरी विधानसभा के उपचुनाव के लिये मंगल सिंह का नाम घोषित किया वैसे ही यह माना गया कि अब भाजपा में संघ के स्वरों स्वीकृति मिलना शुरू हो गई है। वरना कुछ महीनों पहले हुये गरोड विधानसभा के उवचुनाव में संघ की पसंद उम्मीदवार को दरकिनार कर दिया गया बाद में संघ की नाराजगी े चलते बाद में देवीलाल धाकड़ को धार का जिला अध्यक्ष गरोठ के अलावा ीाी कई अवसरों पर संघ की इच्छा भाजपा में नही चल पाई यही कारण है कि संघ ने इस बार संघ पृष्ठ भूमि े सुहास भगत ाक निर्णायक भ्ाूमिका में संगठन महामंत्री बनाकर भेजा और तब से विभिन्न नियुक्तियों में संघ साया नजर आने लगा है मसलन जन अभियान परिष्ाद के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र गौतम, बाल आयोग के उपाध्यक्ष राघवेन्द्र शर्मा एवं गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष पूर्व विधायक संतोष जोशी को बनवाकर संघ ने अपने मोहरे विठाने शुरू कर दिये हैं।... 
देवदत्त दुबे -
30 मई को होने जा रहे घोड़ाडोंगरी विधान सभा के उपचुनाव के लिये आज से नामांकन पत्र दाखिल करने का सिललिा शुरू हो जायेगा लेकिन प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के चयन को लेकर अब तक डवाडाेल सिाति में है। भले ही इस सीट पर भाजपा का दबदबा रहा हो, लेकिन जीत हार का अंतर हमेशा कम ही रहा हे यही कारण है कि दोनो प्रमुख दलों में बेहतर प्रत्याशी की तलाश गंभीरता से की जा रही है। 1962 से 2013 तक इसी विधानसभा सीट पर 12 बार चुनाव हुय ेजिसमें 5 बार भाजपा 2 बार जनसंघ 1 बार जनता पार्टी एवं 4 बार कांग्रेस प्रत्याशी जीते है हालांकि पिछले चुनाव में भाजपा प्रत्याशी लगभग हजार वोटों से ही चुनाव जीत पाया था। बहेद विपरीत परिस्थितियों में होन जा रहे इस उपचुनाव के लिये दोनों ने तैयारियाँ शुरू कर दी है। भाजपा चुनाव समिति की बैठक मई को बुलाई गई जिसमें प्रत्याशी चयन करने की कोशिश होगी। सूत्र की माने तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घोड़ाडोंगरी के संबंध में बुधवार रात को मुख्यमंत्री निवास परप्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान ओर संगठन महामंत्री सुहास भगत के साथ करीब 6 घंटे चर्चा की जिसमें घोड़ाडोगरी विधानसभाके चारो मंडल अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष एवं बैतूल विधायक हेमंत खण्डेलवाल भी उपस्थित थे।... 
देवदत्त दुबे -
उज्जैन सिंहस्थ को लेकर अब सियासत तेज होगई है भाजपा जहाँ सिंहस्थ में समरसता महास्नान कराकर दलितों में पैठ बनाने की कोशि में है वहीं कांग्रेस सहित अन्य दल इसे भाजपा की भेदभाव करने वाली राजनीति का नमूना बता रहे है। शारदा द्वारिका पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती भी इसे भाजपा प्रदर्शन बता रहे हैं। अयोध्या में राम मंदिर आंदोलन को लेकर पूरे देश में विस्तारित हुई भाजपा चाहे कितना भी विकास कर ले लेकिन पार्टी सामाजिक और धार्मिक मुद्दो पर भ अपनी नजर बनाये रखती है यही कारण कि पार्टी इस समय सिंहस्थ के माध्यम हिन्दु श्रद्धालुओं में तो पकड़ मजबूत बनाना ही चाह रही है साथ ही दलित वर्ग के साथ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह स्नान करके समरस्ाता स्नान के बहाने दलितों का साथ लेने में कोई कसर नही छोड़ना चाहते। इसके लिये पार्टी बड़ी सावधानी से तैयारी कर रही हैं। मसलन पहले भाजपा के पंडाल दीनदयाल पुरम में होने वाला यह कार्यक्रम अब बाल्मीकी समाज के आश्रम में होगा, साथ ही देश भर के चुनिंदा दलित समाज के प्रमुखों एवं संतो को भी बुलाया गया है।... 
देवदत्त दुबे -
मुख्यमंत्री शिवराज संिह चौळान ने जुलाई अगस्त माह में प्रदेश में ग्रामोदय से भारत उदय की तर्ज पर नगरोदय कार्यक्रम चलाने की घोषणा करके फिर संकेत दे दिये है कि प्रदेश सरकार नये-नये कार्यक्रम चलाकर प्रदेश में समग्रता का भाव लिये रहेगी। साथ ही ग्रामोदय अभियान के दौरान गांव की जो कमजोरियाँ पता चली है वैसे ही नगरोदय कार्यक्रम के महाध्यम से शहरों की कमजोरियाँ भी पता चल जायेगी, जिन्हें समय रहते ठीक भी किया जा सकता है तो उधरकांग्रेस पार्टी सरकार के कार्यक्रमों की खिलाफत करने के लिए कमर कस रही है दरअसल, प्रदेश में जहाँ-तहाँ पनपते असंतोष और कांग्रेस की जमीनी स्तर पर बढ़ती सक्रियता ने भाजपा के रणनीतिकारों को यह एहसास करा दिया है िजनता में आकर्षण बनाये रखने के लिये पुरानी योजनाओं से काम चलने वाला नही है इसके लिये कुछ नई योजनाये, कुछ नये कार्यक्रम और कुछ-कुछ नेतृत्व परिवर्तन भी करना पड़ेगा सो, मंगलवार को मुख्यमंतत्री ने दो संकेत दिये एक ओर जहाँ उन्होंने मं9ी मंडल विस्तार की बात कही वहीं नगरोदय कार्यक्रम चलाने की भी घोषणा की है। ... 
0 भक्तों से दूर भाग रहे भगत....
-मीडिया के साथ भाजपा के नेताओं-कार्यकर्ताओं को भी भाजपा के नए प्रदेश संगठन महामंत्री सुहास भगत को समझना कठिन हो रहा है। चूंकि वे संघ से आए हैं इसलिए शुरुआती दौर में उनकी मीडिया से दूरी तो समझ में आती है लेकिन भाजपा नेताओं से दूर भागना समझ से परे है। जब से वे भाजपा में आए तब से ही उनके मोबाइल फोन पर काल आ रहे हैं लेकिन वे सिर्फ मिस्ड काल होकर रह जा रहे हैं क्योंकि भगत किसी का फोन उठा नहीं रहे। जबलपुर में पार्टी की संभागीय बैठक में हिस्सा लेने गए भगत का व्यवहार.......
 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ देश के साथ-साथ प्रदेश में भी जल संकट दिनों दिन गहराता जा रहा है। ऊपर से सूर्य की तपन और नीचे शीतल जल के अभाव ने अब विकराल रूप ले लिया है। ग्राम उदय से भारत उदय अभियान में इस अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने सबसे बड़ी समस्या जल संकट के रूप में सामने आ रही है। प्रदेश में अधिकांश नदी नाले और तालाब सूख गये हैं। कुआं और हैंडपंपों का जलस्तर लगातार नीचे जा रहे हैं। जिससे पशु-पक्षियों के साथ-साथ आम आदमी की पानी को लेकर लगातार समस्या बढ़ रही है एक तरफ पानी के लिए झगड़े और पहरेदारी हो रही है तो दूसरी तरफ जल संकट से निपटने के उपाय भई खोने जाने लगे हैं। मसलन सागर में राजघाट जल आवर्धन परियोजना के लिए जनप्रतिनिधि और समाजसेवी जुट गये हैं तो अनेकों गांव में ग्रामवासी आपस में मिलकर कुओं की सफाई और गहरीकरण कर रहे हैं। वैसे तो मौसम विभाग इस बार मानसून की जल्दी आने एवं भरपूर वर्षा होने की भविष्यवाणी कर रहा है लेकिन अभी पूरे मई माह में पेयजल से निपटने की कठिन चुनौती है। जल संकट के चलते ही सरकार ने निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी है। तो बिना परमीशन बोर भी नही हो पा रहे हैं।.... 
1956 में बनी ‘दस लाख’ फिल्म‍ में मुहम्मद रफी और आशा भोंसले का गाया गीत आज प्रासंगिक नजर आ रहा है, जिसके बोल थे
चाहे लाख करो तुम पूजा, तीर्थ करो हजार।
दीन दुखी को ठुकराया तो सब कुछ है बेकार।।
गरीबों की सुनाे वो तुम्हारी सुनेगा।
तुम एक पैसा दोगे वो दस लाख देगा।।
एक तरफ जल संसाधन विभाग के चार साल पहले रिटायर हो चुके अफसर मदन गोपाल चौबे को लगातार पाँचवी बार विभागाध्यक्ष मतलब इंजीनियर इन चीफ के पद पर संविदा नियुक्ति देने का फैसला लिया गया है तो दूसरी तरफ जल संसाधन विभाग में ही हजारों दैनिक वेतन भोगी नियमित होने का वर्षों इंतजार कर रहे हैं।...
 
देवदत्त दुबे -
2018 में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव के पहले भाजपा वे तमाम सुराख बंद कर देना चाहती है जिनके चलते पार्टी का कार्यकर्ता अपने आपको उपेक्षित महसूस कर रहा है। आम आदमी के बीच पार्टी की साख गिर रही है, अनुशासनहीनता कार्यकर्ताओं के साथ विधायकों और मंत्रियों में बढ़ी है एेसे कुछ और भी मुद्दे हैं जिनके कारण पार्टी की भविष्य में मुश्किलें बढ़ सकती हैं सो, समय रहते नव नियुक्त संगठन महामंत्री सुहास भगत न केवल सुराखों को खोजेंगे बल्कि चुनाव के पहले बंद भी करेंगे। इसके लिए सुहास भगत नियुक्ति के बाद से ही लगातार नेताओं और कार्यकर्ताओं से चर्चा करके वे तमाम कारण खोज रहे हैं, संघ प=ष्ठभूमि के सुहास भगत भाजपा में संघ के प्रति समर्पित भाजपा नेताओं की भी पहचान कर रहे हैं। साथ ही एेसे नेताओं की भी पहचान कर रहे हैं जो केवल सत्ता की लालच में भाजपा से जुड़े हैं। सुहास भगत का पूरा फोकस उन नेताओं को चिन्हित करने पर है जो विपरीत परिस्थितियों में तो पार्टी के लिए जी जान लगाते रहे लेकिन पार्टी के सत्ता में आने के बाद उनकी उपेक्षा की गई।.... 
देवदत्त दुबे -
एक के बाद एक एेसी परिस्थितियां बनती जा रही हैं जिससे प्रदेश में महत्वपूर्ण फैसलों के लिए फासला बढ़ता ही जा रहा है। स्वयं मुख्यमंत्री कई बार कहने के बाद भी मंत्रिमंडल विस्तार नहीं कर पाये दो देेश के साथ-साथ भाजपा की कार्यकारिणी भी अब तक गठित नहीं हो पाई। सो अब अनुमान यही है कि पांच राज्यों के चुनाव और सिंहस्थ कुंभ के बाद ही महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे। फैसलों को लेने में अब तक एेसी परिस्थितियां बनती रही हैं कि हर बार निर्णयों को टालना पड़ा दरअसल ये फैसले एक साथ ही किए जाएंगे क्योंकि ये एक दूसरे से जुड़े हुए हैं। मसलन, प्रदेश से कौन राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जाएगा, कौन प्रदेश कार्यकारिणी में रहेगा, किसे राज्यसभा में भेजा जाएगा और किसे केन्द्रीय मंत्रिमंडल में लिया जाएगा और किसे बाहर किया जाएगा इसी तरह प्रदेश मंत्रिमंडल की भी स्थिति रहेगी और जब ये तमाम बड़े फैसले हो जाएंगे तब कहीं जा कर प्रदेश में एल्डलमैन और अब अन्त्योदय समिति बनाने जैसे निर्णय होंगे सूत्रों की मानें तो राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर पर इन तमाम प्रकार के फैसलों को लेने का खाका तैयार कर लिया गया है। चूंकि इस बार जो भी निर्णय होंगे वे इस लिहाज से महत्वपूर्ण होंगे कि इन्हीं जिम्मेदारों के जिम्मे आगामी विधानसभा और लोकसभा के चुनाव होंगे।.... 
देवदत्त दुबे -
एक तो पहले से ही राजनीतिज्ञों को बेहद सतर्क और सचेत रहना पड़ता है दूसरा जब से सोशल मीडिया का प्रभाव बढ़ा है तब से राजनीति की राहें अब बेहद रपटीली हो गई हैं। अब राजनीतिज्ञों की कथनी और करनी का भेद किसी से छिन नहीं सकता है। सो राजनीितज्ञ यदि अपने आपको साफ सुथरा, ईमानदार, नैतिक दिखाना चाहते हैं तो उन्हें ऐसा बनना पड़ेगा। अंदर का सत्व तत्व मजबूत करना ही पड़ेगा अन्यथा कागज के कपड़े पहनने वाले नेता जरा सी पानी की बौछार में नग्न हो जाएंगे, क्योंकि हर तरफ से राजनीतिज्ञों की निगरानी बढ़ गई है िजसका उपयोग नेता के विरोधी उसे निपटाने में करते हैं। उठने, बैठने, बोलने, चलने, मिलने यहां तक कि हाव-भाव से भी नेता को पहचानने की कोशिशें बढ़ गई हैं। ऐसे में लगता तो यही है कि अब पाखंडी नेताओं का दौर धीरे-धीरे समाप्त होगा और ऐसे नेता जो वास्तव में जैसे दिखते हैं उससे ज्यादा अंदर से अच्छे होते हैं और जो कहते हैं उससे ज्यादा काम करते हैं, का दौर आने वाले समय में आएगा। 
देवदत्त दुबे -
आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सीधे तौर पर पंचायतों से जुड़ रहे हैं। इस कारण सभी जनप्रतिनिधि और अधिकारी भी गांव में रहेंगे। ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के तहत ग्राम पंचायतों की जो पूछपरख बढ़ना शुरू हुई है उसमें आज के कार्यक्रम को इस दिशा में अहम माना जा रहा है।
केंद्र सरकार के लगभग हर कार्यक्रम को बढ़ा-चढ़ाकर मध्यप्रदेश में लागू किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को भी मुख्यमंत्री ने प्रदेश में और विस्तार दे दिया है। मुख्यमंत्री इस संबंध में अलग से प्रोजेक्ट भी बना रहे हैं। देश के साथ साथ प्रदेश में भी आज ग्रामसभा की बैठकें बुलाई गई हैं जिन्हें पीएम नरेंद्र मोदी सीधे संबोधित करेंगे जो दूरदर्शन और आकाशवाणी से सीधे प्रसारित किया जाएगा। इस कारण हर पंचायत में रेडियो और टीवी की व्यवस्था तो की गई है साथ ही सांसदों, विधायकों, मंत्रियों समेत भाजपा के तमाम निर्वाचित जनप्रतिनिधियों और नेताओं को साफ निर्देश दिए गए हैं कि वो आज दोपहर 3 से 5 बजे के बीच गांव में ही ग्रामीणों के साथ बैठकर मोदी का भाषण सुनें और देखें। अपने संबोधन में मोदी आज बताएंगे कि ग्रामोदय से भारत उदय अभियान के तहत पंचायतों को क्या करना है। ....
 
देवदत्त दुबे -
भारतीय जनता पार्टी के लिए मध्यप्रदेश कितना महत्वपूर्ण है इसका नजारा बुधवार को राजधानी भोपाल मेें देखने को मिला जब एक संगठन महामंत्री के परिचय और एक की विदाई में राष्ट्रीय नेत=त्व से लेकर प्रदेश नेत=त्व सक्रिय रहा। प्रदेश भाजपा कार्यालय दीनदयाल परिसर में शाम 5 बजे हुई भाजपा नेताओं की महत्वपूर्ण बैठक में नये संगठन महामंत्री सुहास भगत का परिचय कराते हुए राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल और प्रदेश प्रभारी विनय सहस्त्रबुद्धे ने जमकर तारीफ की। विनय सहस्त्रबुद्धे ने तो सुहास भगत को मनोविज्ञान का अच्छा जानकार बताते हुए कहा कि भगत व्यक्ति के चेहरे को पढ़ने की क्षमता रखते हैं। भगत सहभागिता के पक्षधर हैं। भगत के निर्देशन में संगठन विस्तार के नये क्षितिज का स्पर्श करेगा। भाजपा के सामने बहुत जिम्मेदारियां हैं। भगत की ऊर्जा उन्हें पूरा करने में सहायक होगी। वहीं राष्ट्रीय महामंत्री रामलाल ने अपने उद्बोधन में संतुलन पर जोर दिया उन्होंने जहां सुहास भगत की संगठनात्मक क्षमता का जिक्र किया वहीं यह भी कहा कि अरविन्द मेनन को परिस्थितियों की आवश्यकता के अनुकूल राष्ट्रीय स्तर पर जिम्मेवारी सौंपी गई है।.... 
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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