स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
पिछले दो दिनों में भाजपा के दिग्गज नेताओं ने प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने की चाह दिखाई। इसके विभिन्न राजनैतिक प्रस्ताव के माध्यम से जहां प्रदेशव्यापी कार्यक्रम बनाये गये जो कि साल में छह बार बूूथ स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। मध्यप्रदेश के चंबल इलाके के ग्वालियर शहर में संपन्न हुई दो दिवसीय प्रदेश कार्यसमिति का लक्ष्य मिशन 2018 ही रहा। हांलाकि इस दौरान बालाघाट में संघ के कार्यकर्ता की पुलिस द्वारा पिटाई किये जाने के मामले ने बीच-बीच में तूल जरूर पकड़ा और गुरूवार को भाजपा जहां ग्वालियर में सत्ता के संकल्पित हो रही थी वहीं संघ महाकौशल इलाके में सड़क पर संघर्ष कर रहा था जबकि एेसा माना जाता है कि भाजपा की सरकार बनाने में संघ का महत्वपूर्ण रोल होता है। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/  भाजपा ने मध्यप्रदेश में न केवल तीसरी बार सरकार बनाई है वरन्ा् अधिकतम सांसद भी जिताये तो स्थानीय निकायों के चुनाव में परचम भी लहराया और इसी सबके कारण ऐसा उत्साह बना कि कांग्रेस मुक्त मध्यप्रदेश का नारा भी दिया गया, लेकिन नेताओं की आपसी खींचतान और अफसरशाही, पदोन्नति में आरक्षण पर बयान और कार्यकर्ताओं की बढ़ती बेरूखी से माहौल धीरे-धीरे बिगड़ने लगा, सो झाबुआ लोकसभा का उपचुनाव पूरी ताकत लगाने के बाद भी हारे।
देवदत्त दुबे -
भोपाल। कांग्रेस के क्षत्रप नेता अब तक अपने ही प्रदेश में हाजिरी लगाने की स्टाइल में सुबह आये शाम को वापिस दिल्ली पहुंच जाया करते थे और दिल्ली में भी प्रदेश के लोगों को इन क्षत्रप नेताओं से मिलने में खासी मशक्कत करनी पड़ती थी, लेकिन अब हर क्षत्रप नेता की मध्यप्रदेश में रुचि बढ़ रही है। लगता है प्रदेश के कांग्रेसी क्षत्रप नेता कमलनाथ, दिग्विजय सिंह, ज्योतिरादित्य सिंधिया और सुरेश पचौरी को यह समझ में आ गया है कि यदि 2018 में प्रदेश में कांग्रेस की सरकार नहीं बनी तो स्वयं उनका अस्तित्व संकट में आ सकता है। 
देवदत्‍त दुबे -
जातिवाद, क्षेत्रीयता, साम्प्रदायिकता जैसे मुद्दों को भोथरा करने इस समय देश में गांव गरीब को फोकस करते हुए राजनीति को बढ़ाने का दौर शुरू हुआ है। एेसे में उड़ीसा के कालाहांडी के बाद देश में बुन्देलखंड का इलाका ही आता है जिसे गांव गरीब का पर्यायवाची मान लें तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी यही कारण है। प्रादेशिक से लेकर राष्ट्रीय नेता तक बुन्देलखंड को लगातार फोकस करने मं लगे हुए हैं।
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश से रिक्त हुए एक मात्र राज्यसभा की सीट के लिए भाजपा में जोड़तोड़ शुरू हो गई है। प्रादेशिक से लेकर राष्ट्रीय नेता तक राज्यसभा में जाने के लिए दौड़-भाग कर रहे हैं। यहां तक कि पिछले दिनों भाजपा प्रवक्ता शाहनवाज हुसैन की भोपाल यात्रा को भी इसी मुहिम से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, केन्द्रीय मंत्रिमंडल से हटाये जाने के बाद मणिपुर की राज्यपाल बनाई नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे के कारण रिक्त हुई प्रदेश की एक मात्र सीट पर दिग्गज नेताओं की देवेदारी ने भाजपा की मुश्किलें बढ़ा दी है।
देवदत्त दुबे -
देश के जिन-जिन राज्यों में अनुशासनहीनता और गुटबाजी बढ़ी है। भाजपा हाईकमान वहां से सीधे दखल दे रही है। इसी तारतम्य में पार्टी हाईकमान ने राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री व्ही. सतीश को म.प्र. बेजा जो तीन दिन मध्यप्रदेश में रहकर अंदर तहखाने की खबरें लेते रहे। इस दौरान वे पार्टी पदाधिकारियों से मिले तो दूदराज से आये कार्यकर्ता से भी चर्चा की। सत्ता और संगठन का फीडबैक लेकर दिल्ली पहुंचे। सतीश कुमार के कारण प्रदेश में भाजपा के दिग्गज नेताओं की बेचैनी बढ़ा दी है।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ केन्द्रीय मंत्री कलराज मिश्र के भोपाल आने से पार्टी को कोई फायदा हुआ हो या नहीं लेकिन पार्टी के बुजुर्ग नेताओं में जोश जरूर आ गया है। पूर्व मंत्री बाबूलाल गौर, पूर्व मंत्री सरताज सिंह और वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने पार्टी पर एक बार फिर जमकर वार किये। एक तरफ जहां राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री व्ही. सतीश कुमार पिछले दो दिनों से पार्टी की मजबूती के लिए विभिन्न प्रकार की बैठकें ले रहे हैं। शुक्रवार की शाम को आचार संहिता के पालन और अनुशासन में रहने की घुट्टी पिलाई जा रही थी तो दूसरी तरफ पार्टी के वे बुजुर्ग नेता जिन्होंने सारी उम्र पार्टी को गढ़ने में लगाई अपना होश खोते दिखाई दिये और जोश-जोश में पार्टी पर तमाम प्रकार के आरोप लगाते दिखे।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ जैसे-तैसे लालबत्ती पाये भाजपा नेताओं को अब वीरान इलाके में कमल खिलाने का लक्ष्य पार्टी देने जा रही है भले ही निगम मंडल अध्यक्षों को अधिकारी कर्मचारियों के पर्याप्त सहयोग न मिलने के कारण वे अपने-अपने निगमों में दिन काटते नजर आ रहे हैं। बीच में कुछ निगम अध्यक्षों ने तो लालबत्ती छोड़ पुनः संगठन में कीम करने की इच्छा भी जताई थी।
देवदत्त दुबे -
भले ही अब तक शहडोल लोकसभा के उपचुनाव का कार्यक्रम घोषित नहीं हुआ हो लेकिन एक साल बाद भी झाबुआ लोकसभा के उपचुनाव खौफ दलों पर इस कदर हावी है कि अनकी नींद उड़ी हुई है। शहडोल को लेकर नेता सहमे-सहमे से है, क्योंकि पार्टी आलाकमान ने शहडोल से नेताओं का भविष्य जो जोड़ दिया है सो दोनों दलों के प्रादेशिक नेतृत्व को अब हर हाल में शहडोल में जीत ही चाहिये।
देवदत्त दुबे -
कभी ‘पार्टी विद द डिफरेंस’ का नारा बुलंद करने वाली भाजपा इस समय पार्टी विद द डिफरेंस हो गई है। ज्यों-ज्यों बड़बोले बयानो को रोकने की बात हो रही है त्यों-त्यों बयान पर बयान सार्वजनिक हो रहे और जब बयानों का बवाल पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष और राष्ट्रीय महासचिव के बीच हो तो फिर अनुशासन के नाम पर कुछ कहने सुनने को क्या रह जाता है। लगता है कि पार्टी मेंें यदि बयानों से घाव एेसे ही बनते रहे तो पार्टी को ठीक करने दवा नहीं आॅपरेशन करना पड़ेगा।
देवदत्त दुबे -
वैसे तो दीनदयाल उपाध्याय और श्यामाप्रसाद मुखर्जी भाजपा के पुरोधा माने ही जाते हैं। चूंकि यह वर्ष दीनदयाल उपाध्याय का जन्म शताब्दी वर्ष है। सो, पार्टी 25 सितंबर 2016 से 25 सितंबर 2017 तक दीनदयाल को फोकस करते हुए उन्हीं के ईद गिर्द कार्यक्रम करने जा रही है। इस बहाने पार्टी जातीय जंजालों से बाहर निकलकर मानव समाज के बारे में बात करने वाली छवि बनाएगी। दरअसल, जय श्री राम, जय भीम और अमीर शहीद जैसे नारे और अमीर शहीद जैसे नारे और इन पर होने वाले कार्यक्रम न केवल तात्कालिक होते हैं वरन अवसर विशेष पर ही शोभा देते हैं लेकिन पार्टी को निरंतर कार्यक्रम चाहिए और बुनियाद से जुड़े कार्यक्रम चाहिए सो घूम-फिरकर पार्टी एक बार फिर दीनदयाल जन्म शताब्दी वर्ष के बहाने एकात्म मानवबाद पर फोकस करने जा रही है। इसी सिलसिले में पार्टी के प्रादेशिक और राष्ट्रीय कार्यक्रम बनाये गये हैं।
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश में होने वाले दो उपचुनाव शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अरूण यादव के लिये अग्निपरीक्षा से कम नहीं माने जा रहे हैं। गुरूवार को अरूण यादव ने दिनभर शहडोल लोकसभा के उपचुनाव के संबंध महत्वपूर्ण बैठक करके मुद्दों का चयन एवं रणनीति बनाई। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में गुरूवार शहडोल लोकसभा के उपचुनाव को लेकर चली बैठक में ही गुटबाजी दिखी जिसमें शहडोल क्षेत्र के दोनों कांग्रेस विधायक फुन्देलाल मार्को और मनोज अग्रवाल अनुपस्थित थे। दोनों विधायक कमलनाथ गुट के माने जा रहे हैं। 
देवदत्त दुबे -
 यदि हम केवल नकारात्मकता की चर्चा करते रहेंगे, कोसते रहेंगे तो शायद कुछ हासिल नहीं होगा, लेकिन यदि सकारात्मक प्रयास एक-एक व्यक्ति शुरू कर दे तो बड़े-बड़े परिवर्तन हमें देखने काे मिलंेगे, जैसे कि इस समय में मिट्टी के गणेश बनाने की दिशा में समाज ने जो जागरूकता दिख्ााई है वह सकारात्मक प्रयासों के सिलसिले को आगे बढ़ाने वाला महत्वपूर्ण कदम है। हम यदि बहुत दूर सतीप्रथा के समय के समाज को सुधारने वाले प्रयासों तक न भी जायें तो हाल ही के कुछ दशकों में हमने सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव हासिल किये हैं जो यदि न करते तो आज स्थिति और भी भयावह होती। सोचो, यदि परिवार नियोजन के महत्व को नहीं समझा होता तो जनसंख्या का जो विस्फोट होता उसकी कल्पना करना ही कितना डरावना लगता है। आज अधिकांश परिवारों द्वारा ‘हम दो हमारे दो’ के सिद्धांत पर चलने के बावजूद स्थिति नियंत्रण में नहीं है। कुछ इसी तरह के सकारात्मक प्रयास आज समाज में लाने की महती आवश्कता है।
देवदत्‍त दुबे -
2018 में जब मध्यप्रदेश विधानसभा के आमचुनाव हो रहे होंगे तब तक कांग्रेस के प्रदेश में सत्‍ता से बाहर रहने के 14 नही बल्कि 15 वर्ष पूरे हो रहे होंगे, यहीं कारण है कि कांग्रेस में प्रदेश में वनवास को खत्म करने की बेताबी बढ़ रही है लेकिन बेताबी के साथ ही एक फिर गुटबाजी बढ़ने से कांग्रेस का वनवास खत्म होगा या वनवास का कार्यकाल और पांच साल के लिये बढ़ जायेगा इसकों लेकर सभी चर्चायें अभी शुरू हो गई है। दरअसल, पिछे एक सपताह से प्रदेश के अधिकांश कांग्रेसी दिल्ली में सक्रिय है। तीन दिन से तो प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव अपने सहयोगिों के साथ दिल्ली में डेरा डाले हुये है। इस दौर में वे कांग्रेसी भी दिल्ली पहुंचे जो वर्षों से कांग्रस कार्यालय ही न आये हो तो वे कांग्रेसी भी दिल्‍ली पहुंचे जो मप्र में कांग्रसे की सरकार अभी नही तो कभी नही की तर्ज पर बनवाना चाहते हैं। कांग्रेसियों में बेताबी भी बढ़ी है। तो साथ ही गुटबाजी भी यहीं कारण है कि दिल्‍ली में अलग-अलग समूहों ने अलग-अलग नेताओं से मुलाकात की।
देवदत्‍त दुबे -
 कांग्रेस और उसके प्रदेश अध्यक्ष अरूण यादव पूरी तरह समझ चुके हैं कि यदि कांग्रसे को सत्‍ता में वापिसी की उम्मीद बनाना है तो अब उपचुनाव जीतना ही एक मात्र उपाय है जिसके बल पर ही कार्यकर्ताआें में ऊर्जा का संचार किया जा सकता है औ समर्थकों का धुवीकरण भी। दरअसल, लगातार तीन बार सत्ता के दरवाजे पर पहुंचते - पहुंचते हर मौका चूकने के कारण अब किसी को भरोसा ही नही है कि कांग्रेस कि प्रदेश सत्‍ता वापिसी हो पायेगी। खासकर जब उसके क्षत्रप नेता प्रदेश से अछूतों की तरह दूरी बनाये हो।
देवदत्त दुबे -
भले ही सरकार ने एक अगस्त से लेकर 15 अगस्त तक तबादलों से रोक हटाने के निर्देश जारी किये थे लेकिन 15 दिन की बजाय एक महीना होने को आया लेकिन विभिन्न विभागों की स्थानांतरण सूचियां अब तक जारी नहीं हो पाई है। आई.ए.एस अफसरों की दूसरी सूची जरूर शनिवार को आ गई लेकिन डी.एस.पी. और आई.पी. एस. अधिकारियों की सूची फिर अटक गई है। दरअसल, तबादलों से रोक हटाने का आदेश ही कुछ एेसा था जिसमें न तो ज्यादा तबादले होने की संभावना है और न स्पष्ट प्रक्रिया जिसके चलते मंत्री के बंगलों पर आवेदन आत रहे सूचिया टाईप होती, नोटसीट बनती रही और समन्वय में लगातार भेजी भी जा रही है। लेकिन लगभग एक महीने के बाद भी जारी नहीं हो पा रही जिससे स्वेच्छा से स्थानांतरण चाहने वाले भी बेचैन हैं और अधिकांश अधिकारी-कर्मचारी भी परेशान है कि कहीं प्रशासकीय या शिकायती उनका स्थानांतरण न हो जाय क्योंकि बेमौसम में स्थानांतरण प्रक्रिया चलने से अधिकारियों-कर्मचारियों को नई जगह में बच्चों के एडमीशन की समस्या बनेगी खासकर बड़े शहरों में पढ़ने वाले बच्चे छोटे शहरों में अपने अनुकूल स्कूल नहीं पा पाते।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ संघ-भाजपा की समन्वय बैठक में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के सामने कुछ सांसदों ने अफसरों के अडि़यल रवैये पर सवाल उठाये तो उस पर कुछ मंत्रियों ने भी सांसदों के कष्ट पर सहमति जताई। सांसदों ने यहाँ तक कहा कि अफसर समय पर फोन तक नही उठाते सांसदों ने कुछ प्रभारी मंत्रियों भी इस बात के लिये शिकायत की कि वे न तो दौरों का जानकारी देते है और न ही हमें सहयोग करते हैं।
(देवदत्त दुबे) -
भोपाल। देश के अन्य राज्यों की तरह ही आज मध्यप्रदेश विधानसभा में जीएसटी बिल पारित हो जाएगा। भले ही कांग्रेस सिंहस्थ और बाढ़ पर चर्चा कराने का राग अलाप रही हो लेकिन विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा का यह कहना कि विपक्ष की अन्य विषय पर चर्चा की मांग अव्यावहारिक है, साफ संकेत है कि यदि कांग्रेस ने जीएसटी पर चर्चा नहीं की तो सत्ता पक्ष अपने बलबूते यह बिल पास करा लेगा। मध्यप्रदेश िवधानसभा के एक दिन के विशेष सत्र में सरकार जीएसटी बिल पारित कराना चाहती है। प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस भी जीएसटी के समर्थन में तो है लेकिन वह जीएसटी के साथ सदन में सिंहस्थ और बाढ़ पर भी चर्चा कराना चाहता है। इस आशय का पत्र नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन ने विधानसभा अध्यक्ष सीतासरन शर्मा के पास भेजा है। इस संबंध में विधानसभा अध्यक्ष का कहना है कि नेता प्रतिपक्ष का पत्र आज (मंगलवार) आया है। इस पर विचार भी किया है लेकिन अन्य विषय पर चर्चा की मांग करना अव्यावहारिक है। चर्चा के निर्णय सदन में होते हैं। यही परंपरा है और परंपरा का पालन करना उचित है। 
देवदत्त दुबे -
आखिरकार सरकार ने बुप्रतिक्षित आई.ए.एस. अधिकारियों के फेरबदल की आधी-अधूरी सूची जार कर दी। भारी बारिश और बाढ़ के चलते अभी कलेक्टर के स्थानांतरण की सूची आना शेष है जारी सूची देखने से यही लगता है कि फिंजा बदलने की कोशिश अभी आधी अधूरी है। दरअसल, राज्य सरकार पर लागातार अफसरशाही के आरोप लगते हैं। विधायक, सांसद से मंत्री तक अफसरों से परेशान दिखे, कई बार मुख्यमंत्री से अफसरों के अड़यल रवैये की शिकायते भी हुई सो, उम्मीद की जा रही थी फेरबदल व्यापक स्तर पर होगा, और मनमानी करने वाले अफसरों को लूपलाईन में डाला जायेगा लेकिन येसा पूरी तरह हो नही पाया अधिकांश तबादले स्वेच्दिक और जरूरत के हिसाब से किये गये हैं। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ तू डाल-डाल मैं पात-पात की तर्ज रप अब प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों ने अभी से अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। सत्ताधारी दल भाजपा जहां सामूहिक निर्णयों पर जोर देगी, वहीं कांग्रेस अब सामूहिक नेतृत्व के दम पर मुकाबला करेगी। पिछले कुछ दिनों से भाजपा में हो रहे निर्णयों की आलोचना विपक्ष से ज्यादा भाजपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा की गई। इनमें कुछ निर्णय तो ऐसे जरूर थे जिनकी आलोचना होनी ही चाहिए। लेकिन कुछ निर्णयों की आलोचना केवल इसलिए हुई क्योंकि वे व्यक्तिगत तौर पर लिए गए थे। अब भाजपा में सामूहिक निर्णय लेने के लिए वर्किंग समूह गठित किया जा रहा है जो राज्य और केंद्र में सहभागिता और समायोजन बनाते हुए कार्य करेगा।  
(देवदत्त दुबे) -
भोपाल। तबादलों पर से बैन हटाने की अवधि भी पूरी हो गई लेकिन इस दौरान एक भी बड़ी सूची जारी नहीं हो पाई है। अब या तो बैन हटाने की अवधि बढ़ाई जाएगी या फिर पिछली तारीखों में आदेश जारी किए जाएंगे। एक समय था जब तबादलों के मौसम का नजारा बड़ा दिलचस्प होता था। मई महीने से लेकर 15 जुलाई तक हलचल रहती थी। कांग्रेस शासनकाल में तिरंगा दुपट्टा डाले कार्यकर्ता विधायक, मंत्रियों के बंगलों से लेकर टाइपिंग सेंटरों, होटलों, लॉजों और रेस्ट हाउसों में लकझक कुर्ते-पायजामे पहने अलग ही नजर आते थे तो भाजपा शासनकाल के शुरुआती दौर में यही हाल केसरिया पट्टा डाले भाजपाई नेताओं का होता था। यहां तक कहा जाने लगा था कि इस समय तबादला उद्योग चल रहा है लेकिन समय के साथ परिस्थितियां ऐसी बदली कि अब न तो लंबी अवधि के लिए बैन हटता है और न ही कार्यकर्ताओं की सिफारिशों को पर्याप्त तवज्जो मिलती है। इस अवधि में भी विधायकों, मंत्रियों के बंगले, पार्टी कार्यालय और तमाम वे जगह सूनी रहीं जिनमें हलचल होनी थी। 
“संगठन में ही शक्ति है” ये वाक्य एक बार फिर प्रतिपादित हो गया जब न्याय आसान बैठकर न्याय करने वाले न्यायाधीशों ने भी अपने अधिकारों की रक्षा करने के लिये मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ का गठन शनिवार को राजधानी भोपाल में किया गया। वैसे तो मध्यप्रदेश में 2005 में भी मध्यप्रदेश न्यायाधीश संघ का गठन किया था लेकिन तब किन्ही न किन्ही कारणों से संघ भंग कर दिया गया था और लगभग 11 वर्षों के बाद एक बार फिर इस संघ का गठन किया गया जिसमें सदस्य सचिव राज्य विधिक सेवा प्राधिकारण दिनेश नायक को अध्यक्ष बनाया गया है। जिसकी उन्होंने तत्काल कार्यकारणी भी घोषित कर दी। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंत्रिमंडल विस्तार, विभाग वितरण और जिलों के प्रभार सौंपने में वरिष्ठता और विश्वसनीयता को वरीयता दी है। इन दो मापदंडों के चलते कहीं क्षेत्रीय तो कहीं जातीय और कहीं सिफारिशी समीकरण गड़बड़ा गये। अब जबकि मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी तमाम कवायद मंगलवार को मंत्रियों को जिलों के प्रभार सौंपने के साथ पूरी मानी जा रही है तब राजनैतिक समीक्षकों की द=ष्टि में इस पूरी प्रक्रिया में दो मापदंड वरिष्ठता और विश्वसनीयता उभरकर सामने आये हैं। मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य जयंत मलैया, गोपाल भार्गव और गौरीशंकर शेजवार वर्षों से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हंै। पक्ष और विपक्ष का सदन के अंदर और बाहर का खासा राजनैतिक अनुभव है। राजनीति के अनेक उतार-चढ़ाव देखे हैं। इस कारण परिवक्वता एेसी कि किसी भी परिस्थिति का मुकाबला करने का साहस और सूझबूझ इनके पास है। बाबूलाल गौर और कैलाश विजयवर्गीय के मंत्री न रहे के कारण इनकी भूमिका सदन के अंदर और बाहर और भी महत्वपूर्ण हो गई है।  
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ उत्तरप्रदेश और बिहार यदि जातियों के बोलबाले के लिये पहचाने जाते हैं तो मध्यप्रदेश की विशेषता यहाँ का मजबूत सामाजिक ताना बाना है, लेकिन कुछ महीनों से यह ताना बाना तेजी से दरक रहा है। अखबारों और टी.व्ही. चैनलों से ज्यादा सोशल मीडिया पर विरोधभाषी बयानों के तीर चल रहे हैं और राजनैतिक लोग इसकी भयावहता को भांपे बगैर अपने बयानों से आग में घी डालने का काम कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने 30 अप्रैल को एक फैसला सुनाया कि प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की उपेक्षा की है उसमें 2002 के मध्यप्रदेश लोक सेवा नियमों को रद््द कर दिया है जिसके तहत प्रोन्नतियों में आरक्षण दिया गया था। कोर्ट ने स्पष्ट आदेश दिया कि सभी लाभार्थियों की प्रोन्नतियाँ वापिस ली जायें। हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगाने मध्यप्रदेश सरकार ने 12 मई को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार की मांग को न केवल खारिज किया वरन राज्य सरकार को यथास्थिति बनाये रखने का आदेश भी दे दिया जिससे साफ जाहिर था कि न तो अब आरक्षण के आधार पर अनुसूचित जाति और जनजाति के कर्मचारियों की पदोन्नति होगी और न ही जिन्हें पदोन्नति जिन्हें मिल चुकी है वह वापिस ली जायेगी। 
देवदत्त दुबे -
वैसे तो एक महीने पहले ही उस अधिकारी को ओएसडी (डीजीपी) बना दिया जाता है जिसे डीजीपी बनना है लेकिन इस बार ओसएसडी का नाम डीजीपी बनने के 15 दिन पहले ही आ पाएगा। 1983 बैच के ऋषिकुमार शुक्ला का डीजीपी बनना लगभग तय हो गया। दरअसल 30 जूनु को प्रदेश के पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह सेवानिव=त्त हो रहे हैं लेकिन अब तक यह तय नहीं हो पाया है कि अगला पुलिस महानिदेशक कौन होगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार व्यस्तताओं के चलते नये डीजीपी का नाम अब तक सामने नहीं आ पाया है। अब संभावना यही है कि वर्तमान डीजीपी सुरेन्द्र सिंह के छुट्टी से 13 जून को लौटने के बाद और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 19 जून से शुरू हो रही चीन यात्रा के बीच नये डीजीपी के लिए ओएसडी के नाम का आदेश निकल सकता है। इसके 14 या 15 जून की तारीख सर्व सुलभ मानी जा रही है। सूत्रों की मानें तो नये ओएसडी के आदेश के साथ-साथ विभाग में कुछ और भी महत्वपूर्ण परिवर्तनों के आदेश निकलेंगे जिसमें पुलिस महानिदेशक प्रशासन, पुलिस महानिदेशक गुप्त वार्ता के साथ ही कुछ संभागों के आई.जी. भी बदले जाएंगे। 
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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