स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ सत्तारूढ़ दल भाजपा ने प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने के लिए चौतरफा तैयारियां शुरू कर दी हैं। एक तरफ जहां अनुकूल माहौल बनाने के नये प्रकल्पों को लाया जा रहा है तो दूसरी ओर फेरबदल के माध्यम से बेहतर प्रशासनिक जमावट की जा रही है। दरअसल, अब पार्टी को समझ में आ गया है कि यदि अफसरशाही हावी रही तो न तो कार्यकर्ता खुश रहेंगे और न ही जनता वोट देगी। सो, अब मिशन 2018 फतह करने के लिहाज से प्रशासनिक फेरबदल के फैसले लिए जाने शुरू हो गये हैं। 
दिनेश निगम त्यागी -
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान फिर चमके, ऐसा चमके कि अपने सारे विरोधियों को चित कर दिया। सिंहस्थ के बाद शहडोल लोकसभा एवं नेपानगर विधानसभा क्षेत्र के उप चुनाव शिवराज के लिए किसी परीक्षा से कम नहीं थे। उज्जैन में इसी साल सिंहस्थ का आयोजन हुआ था और मान्यता थी कि सिंहस्थ के दौरान जो सरकार रहती है] वह अपना कार्यकाल पूरा नहीं करती। ऐसी मान्यता के बीच दो क्षेत्रों के लिए उप चुनाव हो रहे थे। भाजपा के अंदर के उनके विरोधियों की इन पर पैनी नजर थी। शिवराज को इस बात का अहसास था। नेपानगर को लेकर तो वे आश्वस्त थे पर खतरा शहडोल में था। इस खतरे को भांपकर ही पहले उनकी कोशिश कांग्रेस की हिमाद्री को पार्टी में लेकर चुनाव लड़ाने की थी। आखिर उन्हें किसी भी कीमत पर जीत चाहिए थी। हिमाद्री से बात नहीं बनी तो उन्होंने शहडोल के अपने सबसे ज्यादा ताकतवर व लोकप्रिय नेता ज्ञान सिंह पर दांव लगाया। यह दांव उन्होंने यह जानते हुए खेला कि यदि ज्ञान सिंह जीते तो एक और उप चुनाव का सामना करना पड़ेगा पर चूंकि उन्हें जीत चाहिए थी, इसलिए उन्होंने यह रिस्क ली।  
दिनेश निगम त्यागी -
भोपाल/ प्रदेश में राजनेताओं की मानहानि से जुड़ प्रकरण लंबे समय तक सुर्खियों में तो रहते हैं, पर नतीजा कुछ नहीं निकलता। चूंकि राजनीतिक बयानबाजी के बाद ये प्रकरण दायर किए जाते हैं इसलिए अधिकांश का हश्र भी राजनीतिक ही होता है। आमतौर पर जिस राजनेता के खिलाफ प्रकरण है यदि उसने माफी मांग ली तो प्रकरण समाप्त समझिए। स्पष्ट है कि ऐसे प्रकरणों के कारण राजनेताओं व कोर्ट का समय बरबाद होता है। धन की भी बर्बादी होती है पर नतीजा कुछ नहीं निकलता। अलबत्ता, कुछ समय के लिए जरूर संबंधित नेता परेशान दिखता है। एक चर्चित मामले में कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं सुंदरलाल पटवा एवं विक्रम वर्मा के खिलाफ मानहानि का प्रकरण दायर किया था। यह प्रकरण लंबे समय तक चला पर नतीजा वही ‘ढाक के तीन पात’। अचानक दिग्विजय सिंह ने कोर्ट में आवेदन लगाकर इसे वापस ले लिया। 
दिनेश निगम त्यागी -
 मुख्यमंत्री के पत्र को लेकर बवाल....
-सहकारी बैंकों में पांच सौ व एक हजार के नोटों को स्वीकार करने को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा आरबीआई एवं केंद्रीय वित्त मंत्री को लिखे पत्र को लेकर बवाल की स्थिति रही। उनके द्वारा पत्र लिखे जाने की जानकारी वित्त मंत्री जयंत मलैया ने सार्वजनिक की। इसके बाद मुख्यमंत्री से जुड़े मैनेजर सक्रिय हुए और कहा जाने लगा कि मुख्यमंत्री ने ऐसा कोई पत्र लिखा ही नहीं। सोशल मीडिया में भी इसे लेकर अलग-अलग तरह की बातें आर्इं। हालांकि अगले दिन सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग ने भी मुख्यमंत्री द्वारा पत्र लिखे जाने की बात दोहराई। दरअसल नोटबंदी के निर्णय के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाकर किसानों के सामने आने वाली परेशानी पर चर्चा की थी और सभी सहकारी बैंकों को निर्देश जारी किए गए थे कि वे किसानों से पांच सौ एवं एक हजार के नोट स्वीकार करें। पर जब आरबीआई ने सहकारी बैंकों को ऐसा करने से मना कर दिया तो मुख्यमंत्री ने तत्काल पत्र लिख डाला। बाद में समझ में आया कि यह पत्र केंद्र सरकार की मंशा के विरुद्ध जा सकता है तो उसे सार्वजनिक करने से रोकने की कोशिश हुई। आखिर भाजपा के वरिष्ठ नेता रघुनंदन शर्मा ने इस पर टिप्पणी कर ही दी और मुख्यमंत्री को प्रधानमंत्री के निर्णय के साथ चलने की सलाह दे डाली।
 
भोपाल/ समय और परिस्थितियों के लिहाज से प्रदेश के दोनों उपचुनाव में भआजपा को मिली जीत बेहद अहम है। कांग्रेस के पास बेहतर प्रत्याशी और बेहतर माहौल होने के बाद भी भाजपा के रणनीतिकारों ने मैनेजमेंट की दम पर एक बार फिर जीत हासिल की और झाबुआ लोकसभा एवं कुछ नगरीय निकाय के चुनाव जीतने के बाद कांग्रेस मिशन 2018 के उम्मीद भर उड़ान भर रही थी उसके पंख कट जाने से अब नये सिके से पंख निकलने का इंतजार करना पड़ेगा। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस में कई महत्वपूर्ण निर्णय, उपचुनाव के कारण टाले जा रहे थे सो, जैसे ही उपचुनाव निपटे वैसे इन दलों में महत्वपूर्ण फैसलों को लेने के प्रयास तेज हो गये हैं। दरअसल, प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों ने शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा के उपचुनाव में फोकस बनाया हुआ था तमाम बड़े नेता इन क्षेत्रों में प्रचार अभियान में भाग लिये हुये थे जिस कारण महत्वपूर्ण फैसलों का टाला जा रहा था लेकिन जैसे ही चुनाव निपटे दलों ने फैसले लेना शुरू कर दिये मसलन सत्ताधारी दल भाजपा ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के सफलतम 11 वर्ष पूर्ण होने पर 29 नवम्बर को भारतीय जनता पार्टी ने सेवा, समर्पण और सुशासन के 11 वर्ष कार्य क्रय प्रदेशभर में आयोजित करने का निर्णय लिया है इसके लिये प्रदेश की सभी पंचायत एवं नगरीय क्षेत्र के प्रत्येक वार्ड में हितग्राही सम्मेलन आयोजित होंगे।  
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में उपचुनाव तो शहडोल और नेपानगर में हुये लेकिन पूरे प्रदेश में इस समय इन दोनों उपचुनाव के परिणाम को लेकर कयास लगाये जा रहे हैं अपने-अपने तर्क, अनुभव और समझ के आधार पर चाप-चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक किन्तु परन्तु यद्यपि, चूंकि... जैसे शब्द बहस में बार-बार आ रहे हैं। दरअसल, इन दो उपचुनाव के परिणाम प्रदेश की राजनीति को प्रभावित करने वाले तो है ही केन्द्र सरकार द्वारा की नोट बंदी का असर भी बतायेंगे, ये चुनाव येसे दौर में भी हुये जब पिछले तमाम मुझे फीके पड़ गये पल-पल बदलते राजनैतिक वातावरण के बीच ऊहापोह की स्थिति में हुये इन चुनावों का खासा महत्व है।  
देवदत्त दुबे -
शहडोल लोकसभा का उपचुनाव अब बेहद रोचक और कड़े मुकाबले के मोड़ पर पहुंच गया है, जहाँ भाजपा के मैनेजमेंण्ट का मुकाबला सत्ताविरोधी माहौल का सहारा लिये कांग्रेस और गोडवाना गणतंत्र पार्टी के हीरा सिंह भरकाम से है राजनैतिक दल और उनके नेता अपना सब कुछ कौशल इन बीते दिनों में दिखा चुके है अब शहडोल लोकसभा क्षेत्र के मतदाताओं की बारी है जो कल 19 नवम्बर को अपने मन की बात तर्जनी में थिरकन करके कहेंगे जो 22 नवम्बर को पता चलेगी। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल। एक साथ बहुत से संदेशों को लेकर आने वाला शहडोल लोकसभा के उपचुनाव के लिए आज शाम चुनावी शोरगुल तो थम जाएगा लेकिन मतदाताओं के घरों पर डोर टू डोर दस्तक मतदान के दिन तक जारी रहेगी। अधिकांश मतदाताओं ने अब तक अपना मौन नहीं तोड़ा है और बीच चुनाव में बदलते चुनावी मुद्दों ने भी चुनावी फिजा को धुंधला बना दिया है। वैसे तो सत्ताधारी दल भाजपा ने जिस प्रकार से पिछले 5-6 महीने से शहडोल पर जो फोकस बनाया हुआ था उससे न तो उसे प्रत्याशी चयन के लिए दुविधा होनी थी और न ही जीत के प्रति संशय लेकिन एक के बाद एक ऐसी परिस्थितियां बनती गईं जिससे भाजपा को अपना प्रबंधन लगातार सुधारना पड़ा और न तो मंत्री क्षेत्र छोड़ पाए और न संगठन के कर्ता-धर्ता स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज भी चुनाव प्रचार समाप्त होने तक सभाएं करेंगे।  
देवदत्त दुबे -
जब से देश में नोटबंदी लागू हुई है तब से चाप-चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक केवल और केवल नोटबंदी को लेकर किंतु, परंतु, यद्यपि चूंकि..... तरह-तरह की चर्चाएं हैं। अमीर से लेकर गरीब सभी नोटबंदी से कहीं न कहीं प्रभावित हैं। एेसे में नोटबंदी के बाद अब से केवल पांच दिन होने वाले शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा चुनाव में नोटबंदी के असर का लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। उपचुनाव का परिणाम जो भी आये इस समय दोनों दलों की सांसे नोटबंदी से फूल रही है। आमजन, कार्यकर्ता से लेकर नेताओं को वोट से ज्यादा नोट की चिंता है। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में होने वाले दोनों उपचुनाव में चुनाव गति पकड़ ही रहा था कि बड़े नोटों के बंद होने न केवल चुनावी रंगत फीकी पड़ गई वरन प्रचारकों की मुसीबतें बढ़ गई सो, पिछले दो दिन से नोट की चोट से उलझे उपचुनाव को आज से उबरने की उम्मीद हैै। वोट मांगने से पहले बाहरी प्रचारक एटीएम और स्थानीय प्रचारक नोट के लिए बैठक में पहुंचेंगे। 
देवदत्त दुबे -
अब जबकि शहडोल लोकसभा के चुनाव केवल 10 दिन शेष बचे हैं। दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के दिग्गज नेताओं के क्षेत्र में ताबड़तोड़ दौरे हो रहे हैं। दिग्गज नेताओं द्वारा सभाओं में दिये जा तर्कों, कुतर्कों ने मतदाताओं की दुविधा और बढ़ा दिया है। 
देवदत्त दुबे -
अगले माह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के 11 वर्ष पूर्ण होने पर सत्ता और संगठन इस दौरान मिली उपलब्धियों का बखान करके प्रदेश में एक बार फिर माहौल बनाने की कोशिश करेंगे, लेकिन इन उपलब्धियों को ऊँचाईयॉ तभी मिलेगी जब 22 नवम्बर को पार्टी प्रदेश के दोनों शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा के उपचुनाव में जीत हासिल करें। यही कारण है कि सत्ता और संगठन ने पूरी ताकत इन चुनावों में झोंक दी है। अन्यथा रंग में भंग पड़ते देर न लगेगी। 
देवदत्त दुबे -
नामांकन भरे जाने के साथ ही शहडोल लोकसभा के उपचुनाव ने गति पकड़ ली है। सत्ता संगठन के माध्यम से भाजपा द्वारा अब तक तमाम प्रकार की जमावट करने के बाद भी सर्वे रिपोर्ट बराबरी का मुकाबला बता रही है। मतलब, शहडोल में जनमत भाजपा के पक्ष में नहीं था क्योंकि भाजपा के मुकाबले कांग्रेस के प्रयास नगण्य है। इसके बावजूद सर्वे रिपोर्ट बराबरी पर रहना, सत्ता विरोधी या भाजपा के उम्मीदवार में आकर्षण का अभाव ही ध्वनित करता है। सो, शहडोल में जनमत और जमावट में जमकर जंग होने वाली है। प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों ने प्रत्याशियों के नामांकन दाखिले के समय जमकर शक्ति प्रदर्शन किया कांग्रेस प्रत्याशी हिमाद्री सिंह का फार्म भराने प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव और प्रदेश प्रभारी मोहन प्रकाश सहित क्षेत्र के तमाम बड़े नेता उपस्थित रहे तो भाजपा प्रत्याशी ज्ञानसिंह का फार्म भराने स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगभग आधा दर्जन मंत्री और सत्ता व संगठन से जुड़े नेता साथ रहे।  
आगामी 19 नवंबर को होने जा रहे शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा के उपचुनाव के लिए प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने पार्टी के दिग्गज नेताओं की सूची तैयार कर ली है। जिन्हें दीपावली बाद चुनावी मैदान में सक्रिय किया जाएगा। भाजपा ने जहां शहडोल और नेपानगर के लिए 40-40 नेताओं की स्टार प्रचारक के रूप में सूची जारी की है वहीं कांग्रेस ने सभी बड़े नेताओं को चुनाव क्षेत्र में पहुंचने के लिए पत्र लिखे हैं। सूची कल तक जारी की जाएगी। दरअसल, दोनों ही उपचुनाव दोनों दलों की प्रतिष्ठा से जुड़ गये हैं। यही कारण है कि चुनाव घोषित होने के बहुत पहले से दोनों दोलं ने शहडोल और नेपानगर में अपनी जमावट कर ली वहीं प्रत्याशियों के चयन में भी सतर्कता बरती अब दोनों दल प्रदेश के चुनिंदा नेताओं को चुनावी मैदान में स्टार प्रचारक के रूप में भेजना चाहते हैं।  
देवदत्त दुबे -
भोपाल। मध्यप्रदेश में वैसे भी दो दलीय राजनीति रही है। ऐसे में आम चुनाव में थोड़ा बहुत अस्तित्व का भाव कराने वाले छोटे दल उपचुनाव में बड़े दलों के इशारों पर चलने लगते हैं और जब किसी उपचुनाव को लेकर दोनों प्रमुख दलों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हो तब छोटे दल बड़े दलों से तालमेल बिठाने में ही भलाई समझते हैं। मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के अलावा कभी तीसरा दल सत्ता में आ नहीं पाया। प्रदेश में मतदाताओं की मानसिकता दो दलीय ही रही है। इस मानसिकता को अर्जुन सिंह, माधवराव सिंधिया और उमा भारती भी अलग दल बनाकर नहीं तोड़ पाए। आम चुनाव में जरूर बहुजन समाज पार्टी, समाजवादी पार्टी, गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने यदा कदा अपनी उपस्थिति दर्ज कराई लेकिन एक दर्जन से ज्यादा विधायक ये दल भी नहीं जिता पाए। 
देवदत्त दुबे -
नर्मदा भवन में दो दिवसीय कलेक्टर कान्फ्रेंस के पहले दिन मंगलवार को जहां अच्छे काम करने वाले अधिकारियों को मुख्यमंत्री शाबाशी दी वहीं परफारमेंस में कमजोर अधिकारियों को समझाईश दी गई। पूरा फोकस योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर रहा। आंकड़ों के आधार पर अधिकारियों का मूल्यांकन चलता रहा जबकि व्यवहारिक धरातल में आने वाली दिक्कतों पर बुधवार को चर्चा हो सकती है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को जब अधिकारियों के साथ बैठक शुरू की तो उनके सामने पिछले छह महीनों के विभागवार और जिलेवार वे आंकड़े थे जो योजनाओं के क्रियान्वयन संबंधित थे। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रोत्साहन और समझाईश दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने बिजली, पानी सड़क जैसी मूलभूत नागरिक सुविधाओं के बारे में जानकारी भी जानी। 
देवदत्त दुबे -
लगातार अफसरशाही के आरोप झेल रही सरकार आज से दो दिन प्रदेश के तमाम अफसरों की न केवल क्लास लेगी वरन उन्हें अनुशासन और समन्वय के साथ तेज गमत से काम करने की गुर भी सिखाएगी। मिशन 2018 को ध्यान में रखते हुए अधिकारियों की इस कान्फ्रेंस को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दरअसल, शिवराज सरकार पर विपक्ष तो छोड़ो, पार्टी के नेताओं और जनप्रतिनिधियों ने पिछले कुछ महीनों में अफसरशाही के हावी होने के आरोप जमकर लगाये। भाजपा संघ समन्वय बैठक में भी यही मुद्दा जमकर उछला। 
मिशन 2018 की द=ष्टि से प्रदेश में राजनैतिक ध्रुवीकरण को प्रभावित करने वाले शहडोल लोकसभा के उपचुनाव के लिए दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस बेहद सतर्क और सजग हैं। भाजपा जहां जमीनी जमावट सुद=ढ़ करने में जुटी है वहीं कांग्रेस ने बेहतर प्रत्याशी के चयन में बाजी मारकर अब चुनावी अभियान में भी बढ़त बनाने जा रही है। दरअसल, शहडोल लोकसभा क्षेत्र के उपचुनाव में दोनों प्रमुख दलों के चुनावी कार्यक्रम पिछले चार महीनों से चल रहे हैं लेकिन चुनाव आयोग द्वारा चुनावी कार्यक्रम घोषित होने के बाद कांग्रेस की पहली बड़ी सभा होने जा रही है। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में राजनैतिक वातावरण अब चुनावी मोड़ पर आ चुका है। सत्ताधारी दल उपलब्धियों को उभारने की कोशिश में हैं तो विपक्ष खामियों को खोजकर जनता के सामने लाने पर आमादा है। सो, प्रदेश में तेज होते जा रहे सत्ता संघर्ष का फिलहाल इंदौर में होने वाली इन्वेस्टर्स समिट पर बन रहा है। इन्दौर में 22 अक्टूबर से शुरू हो रही ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की जोरदार तैयारियां चल रही है। पूरी शासकीय मिशनरी झोंकी हुई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज इंदौर पहुंच कर ब्रिलिएंट कंर्वेशन सेक्टर में प्रदर्शनी का शुभारंभ करेंगे एवं अम्बर कनवेशन सेक्टर में देशभर की सवा सौ कम्पनियों के सीईओ से भी चर्चा करेंगे। 
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ देश में संगठनात्मक द=ष्टि से मध्यप्रदेश भाजपा को सबसे मजबूत माना जाता है। लगातार तीन बार से प्रदेश में सरकार बन रही है। पंच, सरपंच जिला पंचायत अध्यक्ष से लेकर पार्षद, मेयर और सांसदों तक में भाजपा के पास अधिकतम जन प्रतिनिधि हैं लेकिन पिछले चार माह से सत्ता और संगठन के शीर्ष नेता लगातार शहडोल में मशक्कत करने के बाद अब तक बेहतर प्रत्याशी नहीं खोज पाये हैं। जबकि चुनाव भी घोषित हो चुके हैं। प्रचार भी चल रहा है। दरअसल, इसी प्रदेश में भाजपा नेताओं ने न केवल कांग्रेस मुक्त प्रदेश का नारा दिया वरन भाजपा नेता अक्सर यह कहते भी पाये गये कि प्रदेश में भाजपा यदि स्टेचू को उम्मीदवार घोषित कर दे तो वह भी जीत जाएगी। भाजपा में इस समय नेताओं की कमी नहीं है। ऊपर से कांग्रेस से आये नेताओं से कई बार मंचों पर ओव्हरफ्लो की स्थिति बनती है लेकिन झाबुआ लोकसभा चुनाव में हार के बाद पार्टी प्रत्याशी को लेकर बेहद चौकन्नी हो गई है। सूत्रों की माने तो भाजपा एक बार फिर कांग्रेस को भिंड जैसा गच्चा देने की तैयारी में है। 
देवदत्त दुबे -
चुनाव आयोग द्वारा शहडोल लोकसभा और नेपानगर विधानसभा का चुनाव घोषित कर देने के साथ ही चुनावी शंखनाद हो गया है। बेहद अहम मौके पर हो रहे ये चुनाव दोनों दलों के प्रादेशिक शीर्ष नेताओं के लिए केवल जीत ही संजीवनी है। हारने पर किसका क्या होगा कहा नहीं जा सकता। दरअसल, प्रदेश में राजनैतिक वातावरण चुनावी मोड और मूड में आ गया है। प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के हर निर्णय अब मिशन 2018 को ध्यान में रखकर लिए जा रहे हैं और जंग प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक संघर्ष वाली रहेगी क्योंकि सत्ताधारी दल भाजपा और संघ की पूरी कोशिश है कि प्रदेश में कांग्रेस को चौथी बार सत्ता बाहर करके कांग्रेसमुक्त प्रदेश नहीं तो कम से कम उत्तरप्रदेश और बिहार की स्थिति में तो पहुंचा ही देंगे जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस इस बार का चुनाव ‘करो या मरो’ की तर्ज पर लड़ेगी।  
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ राजधानी भोपाल में 14 अक्टूबर को शौर्य स्मारक के लोकार्पण के बहाने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बड़ा संदेश देने की कोशिश की है, जिसमें परोक्ष रूप से सैनिकों और उनके परिवार के सबसे बड़े शुभ चिंन्तक दिखाने के साथ-साथ राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच वाली सरकारे भी भाजपा की ही है। सर्जिकल स्ट्राइक के बाद शौर्य से जुडे कार्यक्रम में वैसे भी देश भक्ति ही प्रदर्शित होनी थी ऊपर से कार्यक्रम शुरु होने के दो घंटे पहले से देशभक्ति गीतों का रंगारंग कार्यक्रम भी रहा। देशभक्ति गानों से सराबोर हो चुके श्रोताओं को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने देशभक्ति की घुट्टी पिलाने में कोई कसर नहीं छोड़ी, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन में सेना के मानवीय पक्ष को जमकर ऊभारा उनका कहना था कि सेना को केवल युद्ध, हथियार या यूनीफार्म से न सराहे सेना के मानवीय पक्ष को देखे देश में जब-जब आपदा आती है तब - तब सेना ही अपनी जान की परवाह न करते हुये मदद् करती है चाहे बद्रीनाथ, केदारनाथ में आई बाढ़ की विभीषिका के समय सेना का मद्द हो या फिर कश्मीर में बाढ़ के दौरान सेना ने उन लोगों की भी जान बचाई जो कभी सैनिकों पर पत्थर फेंका करते थे। 
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में लगातार लग रहे अफसरशाही के आरोपों ने नये मुख्य सचिव को चुनने में खासी मुश्किलें बढ़ाई क्योंकि मुख्यमंत्री अब एेसा मुख्य सचिव चाहते हैं जो अफसरों के बीच न केवल सामंजस्य बना सके वरन प्रशासनिक कार्यों को गति भी दे जिससे 2018 के पहले सरकार पर अफसरशाही के आरोप लगना बंद हो जाये। इसी चुनौती के चलते नये मुख्य सचिव के चयन में खासी मशक्कत हो रही है। यदि सब कुछ ठीक ठाक रहा तो अपर मुख्य सचिव ग=ह बसंत प्रताप सिंह का नया मुख्य सचिव बनना लगभग तय हो गया है। 15-16 अक्टूबर तक सिंह के ओ.एस.डी. बनाये जाने के आदेश भी निकल सकते हैं। सामान्य प्रशासन विभाग ने इस आशय को नोटशीट भी चला दी है। 31 अक्टूबर को मुख्य सचिव एंटोनी डिसा सेवा निव=त्त हो रहे हैं। 
देवदत्त दुबे -
पिछले कुछ महीनों से लगभग दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के नेता अपने बयानों से कहीं पटाखों जैसा धमाका तो कहीं फुलझड़ी छोड़ रहे थे लेकिन दीपावली के एेन वक्त पहले अब दोनों दलों में अनुशासन का शिकंजा कस गया है। अब किसी भी प्रकार के बयानबाजी पर पाबंदी लगा दी है। दरअसल, प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों प्रमुख और कांग्रेस में एक प्रकार से होड़ सी शुरू हो गई थी कि कौन नेता अपने ही दल के क्रियाकलापों को अपने बयानों से उजागर कर सकता है। सो, बयानों की बमबारी से पार्टी लाईन और लैंथ तो बिगड़ रही थी दोनों दलों के प्रदेश अध्यक्षों भाजपा के नंदकुमार चौहान और कांग्रेस के अरुण यादव की नेत=त्व क्षमता पर भी सवाल उठने लगे थे कि आखिर ये अध्यक्ष क्यों नहीं अपने नेताओं की जुबान पर लगाम लगा पा रहे हैं। 
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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