स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
आमजन से लेकर राजनैतिक समीक्षक तक और कांग्रेस के छोटे से कार्यकर्ता से लेकर राष्ट्रीय नेता तक सभी जानते हैं कि कांग्रेस कि यदि थोड़ी बहुत से भावनाएं बची है तो कांग्रेसियों की एकता पर ही इसके बावजूद कांग्रेस आपस में अब तक अकड़े हुए ही हैं। यहां तक कि विरोधी दलों से समझौता करने को तैयार है। दरअसल, 2018 में जब प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव होंगे तब तक कांग्रेस को प्रदेश में सत्ता से बाहर हुए लगभग 15 वर्ष हो चुके होंगे। इस दौरान धैर्य खो चुके सैकड़ों कांग्रेसी भाजपा का दामन थाम चुके हैं और कांग्रेसी क्षत्रप नेताओं का अहम एेसे टकराता रहा तो 2018 तक और भी नेता कांग्रेस छोड़ सकते हैं। कांग्रेस क्षत्रप नेता अब भी आपस में एकजुट नहीं हो पा रहे हैं। कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया में से किसी एक को कमान सौंपे जाने की अटकलें पिछले कुछ महीनों से लगातार चल रही है जिसमें कभी कमलनाथ का पलड़ा भारी तो कभी सिंधिया का इसके लिए सबके अपने अपने तर्क भी हैं।...
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में मिशन 2018 के लिए लगभग सभी दलों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। चुनाव आने तक अपने अपने पक्ष में मतदाताओं का धुर्वीकरण करने के लिए अनुकूल माहौल बनाने की मशक्कत शुरू हो गई है। मोहनखेड़ा में कांग्रेस आज बूथ प्रशिक्षण देगी तो भाजपा 21-22 अप्रैल को यहां प्रदेश कार्यसमिति के माध्यम से मंथन करेगी। जिस तरह पूरे देश में इस समय मोदी-योगी का हल्ला हो रहा है उस हिसाब से प्रदेश में सत्तारूढ़ दल भाजपा को कोई चिंता नहीं होनी चाहिए थी। लेकिन उत्तरप्रदेश में जीत की मालाओं के फूल मरझाए भी नहीं थे कि उत्तरप्रदेश से ही लगी अटेर विधानसभा सीट भाजपा हार गई। इसके पहले झाबुआ लोकसभा का उपचुनाव जब पार्टी हारी थी तब कहा गया था कि विहार की हार ने पार्टी की हवा बिगाड़ दी लेकिन अब क्या कहें जब.....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश के उन चुनिंदा अफसरों को छोड़ दें जो मुख्यमंत्री के निकट हैं, तो बाकी अधिकांश अफसर ऐसे ऊंटपटांग आदेश निकालते हैं, योजनाएं बनाते हैं, नीति बनाते हैं जिससे समाधान की जगह समस्याएं पैदा होती हैं जिसके कारण असंतोष पनपने लगता है। इस समय प्रदेश में असंतोष है जिसे देखो वही या तो आंदोलन की राह पर है या फिर आंदोलन करने की तैयारी में है। प्रदेश में इस समय एक के बाद एक संगठन आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर रहे हैं। प्रदेश में सरपंच और सचिव के इस्तीफे देने का सिलसिला जारी है। इनकी पंचायत और ग्रामीण विकास के प्रमुख सचिव राधेश्याम जुलानिया के प्रति नाराजगी दूर नहीं हो पा रही है। हालांकि जुलानिया ने पिछले दिनों सरपंच-सचिव संगठनों में फूट डालते हुए एक प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की भेंट कराई थी। मुख्यमंत्री ने कुछ मांगें मानते हुए घोषणाएं भी की लेकिन....
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ राजनीति के लगभग हर काल में कुछ न कुछ ऐसे नेता रहे, जिनकी पहचान खुद के संघर्ष व मेहनत की बदौलत थी। जनता से जुड़ाव और उनके सुख-दुख में शामिल होने व उनके लिए लड़ने की वजह से वे चुनाव जीतते थे। वे जनता की आंखों के तारे हुआ करते थे और सफलता के लिए उन्हें किसी बड़े दल की वैशाखी की जरूरत नहीं पड़ती थी। विधानसभा में उनकी उपस्थिति भी किसी बड़े दल के नेता से कमतर नहीं रहती थी। यहां भी वे अपनी आक्रमकता एवं प्रभावी भाषण शैली की वजह से धमक बनाए रखने में कामयाब रहते थे। पर समय के साथ ऐसे नेता राजनीतिक परिदृश्य से ओझल होते गए। कुछ खुद को समय के साथ ढाल नहीं पाए और कुछ समय के साथ चलने की कोशिश की वजह से नदारद हो गए। राजनीति में  इन धाकड़ नेताओं को अब भी याद किया जाता है। अब भी कुछ नेता निर्दलीय चुनाव जीत कर तो आते हैं पर.....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। मुद्दों की दृष्टि से धार जिले के मोहनखेड़ा में 21-22 अप्रैल को होने वाली प्रदेश कार्यसमिति की बैठक काफी अहम हो गई है। पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुके सत्ता और संगठन मिशन 2018 के लिए तमाम मुद्दों को समेटते हुए सीधी दिशा देंगे। पिछले दिनों सागर में हुई प्रदेश कार्यसमिति जहां मुद्दों से ज्यादा तामझाम और बेहतर व्यवस्थाओं के लिए चर्चित रही वहीं मोहनखेड़ा में होने वाली कार्यसमिति सादगी के माहौल में मुद्दों के लिहाज से अहम हो गई है। प्रदेश कार्यसमिति के तुरंत बाद 24 अप्रैल को यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नर्मदा सेवा यात्रा में शामिल होंगे तो 11 मई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमरकंटक में यात्रा का समापन करेंगे। इसके लिए सत्ता और संगठन अभी से तैयारियों में जुट गया है। प्रधानमंत्री की यात्रा और नर्मदा सेवा यात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए लाखों लोगों की भीड़ जुटाई जाएगी।...
देवदत्त दुबे -
प्रदेश और देश में शासित भाजपा को एक अटेर विधानसभा सीट हारने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन कांग्रेस के लिए यह जीत किसी संजीवनी से कम नहीं, क्योंकि जीत के साथ-साथ यह संदेश भी गया कि यदि कांग्रेस की ओर से कोई नेता सिंधिया जैसा जीत के लिए लड़े, अड़े और शासन-प्रशासन की गलतियों पर अकड़े तो फिर भाजपा मुश्किल में पड़ सकती है। दरअसल, प्रदेश में पिछले वर्षों में जितने भी उपचुनाव हुए कांग्रेस ने वहां वहां जीत दर्ज की जहां पार्टी ने दमदार प्रत्याशी दिये। कांग्रेस ने एकता दिखाई और किसी बड़े नेता ने चुनाव में व्यक्तिगत रुचि ली मसलन बहोरीबंद से कांतिलाल भूरिया और अटेर से हेमंत कटारे वरनाु बाकी चुनाव में कांग्रेस केवल औपचारिकता निभाती दिखी। यहां तक कि शहडोल लोकसभा का जीता हुआ चुनाव पार्टी अंतिम दो-चार दिन में हार गई। सोचो, अगर.....
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ दम तोड़ रही कांगे्रस को अटेर विधानसभा क्षेत्र में जीत से वैसी ही संजीवनी मिली, जैसी झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में जीत के बाद मिली थी। झाबुआ में कांतिलाल भूरिया दम से चुनाव लड़े थे, अटेर में हेमंत कटारे ने भी पूरी ताकत झोंकी। झाबुआ में भूरिया के साथ समूची कांग्रेस खड़ी थी तो अटेर में हेमंत को भी उसी तरह का समर्थन मिला। चुनाव इतना रोचक रहा कि हेमंत ने कांग्रेस के एक बड़े नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया का साथ पाकर भाजपा के दिग्गजों के हौसले पस्त कर दिए। अर्थात लंबे समय बाद कांग्रेस किसी क्षेत्र में दम से चुनाव लड़ती दिखाई पड़ी। नतीजा, बांधवगढ़ में अच्छी जीत के बावजूद भाजपाई खेमे में सन्नाटा है और कांग्रेस में जश्न का माहौल। सवाल यह है कि क्या झाबुआ में जीत से मिली संजीवनी का लाभ कांग्रेस ने बाद में उठाया। क्या वह जीत का सिलसिला बरकरार रख सकी। जवाब है नहीं। ऐसे में क्या गारंटी है कि अटेर में जीत कांग्रेस के लिए संजीवनी साबित होगी और इस जीत का हश्र भी झाबुआ की जीत जैसा नहीं होगा। इसीलिए अटेर में जीत कांग्रेस के लिए सबक भी है, नेता इसे बरकरार रख पाते हैं या पार्टी फिर उसी पुराने ढर्रे पर होगी।.....
देवदत्त दुबे -
अब दो-चार दिन भाजपा के तमाम मोर्चों की कार्यकारिणी घोषित कर दी जाएगी। मिशन 2018 को लक्ष्य करके और प्रदेश में कांग्रेस की बढ़ती सक्रियता को देखते हुए अब मोर्चों में नियुक्तियां भी एेसे नेताओं से की जाएगी जो व्यक्तिगत रूप से तो दम-खम वाले हो ही जरूरत पड़ने पर तामझाम भी बना सके। इसके चलते न तो परिवारवाद देखा जाएगा और न ही किसी का अपराधिक रिकार्ड केवल मजबूत और दमदार कार्यकारिणी बनाने पर पूरा फोकस रहेगा। दरअसल, पिछले कुछ दिनों से भाजपा के विभिन्न मोर्चा अध्यक्षों पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है कि आखिर वे कार्यकारिणी का गठन कब करेंगे। अब जबकि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह भोपाल आने वाले हैं तो वे संगठन स्तर पर समीक्षा भी करेंगे। सो, शाह के प्रदेश में आने के पहले संगठन को चुुस्त-दुरुस्त करने की कवायद चल रही है। पार्टी कार्यालय दीनदयाल परिसर में भी रंगाई पुताई िचल रही है।...
देवदत्त दुबे -
एक तरफ जहां चार राज्यों में सरकार बनाने के बाद भाजपा का राष्ट्रीय नेत=त्व उत्साहित है तो वहीं दूसरे प्रदेश में सत्ता और संगठन को लेकर खुसर-पुसर तेज हो गई है जिसके कारण पार्टी नेत=त्व परेशान है तो प्रशासनिक निष्क्रियता के चलते आम आदमी बैचेन है ऊपर से गर्मी और पेयजल के आसन्न संकटों से नई मुश्किलें पैदा होने वाली है। दरअसल, प्रदेश में सत्ता और संगठन मिशन 2018 फतह करने के लिए लगातार नये-नये प्रकल्प और नये-नये मुद्दों पर धार दे रहा है। नर्मदा सेवा यात्रा और शराबबंदी का शोर इसी रणनीति के हिस्से माने जा रहे हैं लेकिन पार्टी का असंतुष्ट धड़ा अब लगातार एक के बाद एक एेसी फुलझड़ी छोड़ रहा है जिससे प्रदेश को लेकर खुसर-पुसर बढ़ी है। इसके लिए आगामी दिनों पार्टी और नेत=त्व की गतिविधियों को भी आधार बनाया जा रहा है।...
देवदत्त दुबे -
रविवार को संपन्न अटेर और बांधवगढ़ विधानसभा के उपचुनाव कांग्रेस ने पूरी ताकत से लड़े खासकर अटेर में तो जैसे कांग्रेस जीत के लिए अड़ी नजर आई। परिणाम जो भी 13 अप्रैल को आये लेकिन अटेर के चुनाव ने यह संदेश तो दे ही दिया है कि अब प्रदेश में भाजपा को चुनाव में शायद ही खाली मैदान मिले।  दरअसल, प्रदेश में अब तक चुनाव एक तरफा होते आये हैं। एक भाजपा प्रत्याशी सत्ता और संगठन खड़ा होता था तो दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी को स्वयं ही मैदान में लड़ाई लड़नी होती थी बाकी क्षत्रप नेता हवा हवाई सभाएं करके अौपचारिकता पूरी कर लेते थे लेकिन अटेर के चुनाव ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस की जीत के लिए शुरू से संकल्पित दिखे तो कांग्रेस संगठन भी उनके साथ हो गया स्थानीय सिंधिया विरोधी नेता भी कांग्रेस के पक्ष में खड़े हो गये और जब सभी कांग्रेस एकजुट एवं सक्रिय हुए तो फिर विवाद शुरू हो गये।....
देवदत्त दुबे -
अटेर और बांधवगढ़ विधानसभा के उपचुनाव के लिये आज मतदान होगा शुक्रवार की शाम को चुनावी शोर गुल तो थम गया लेकिन दोनों ही दल एक एक वोट के लिये जोर लगा रहे हैं और मतदान की समाप्ति तक बूथ पर डटे रहने की योजना ने मुकाबले को और भी आधिक संघर्ष पर्णू बना दिया है। दरअसल, भाजपा में पिछले कुछ वर्षों से चुनाव में बूथ की मजबूती पर जोर रहता है जिसके मतदाता सूची में पेज प्रभारी बनाये जाते है जो मतदान के दिन सौंपे गये पेज की शत - प्रतिशत वोट डलवाये और भाजपा की लगातार जीत के पीछे भी यह कारण महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है जबकि प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में सभाओं ओर रैलियों के माध्यम से माहौल बनाने पर फोकस रहता है ओर चुनाव प्रचार थमने के साथ जैसे ही बाहर से आये कांग्रेसी क्षेत्र छोड़ते है स्थानीय कांग्रेसी कमजारे पड़ने लगते है लेकिन....
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में होने जा रहे अटेर और बांधवगढ़ विधानसभा के उपचुनाव मं प्रत्याशियों से ज्यादा दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है। अटेर में तो शिवराज बनाम सिंधिया मुकाबला बन गया है। वहीं बांधवगढ़ में शिवराज कमलनाथ और अजय सिंह से मुकाबला कर रहे हैं। दरअसल, अटेल और बांधवगढ़ विधानसभा के उपचुनाव एेसे दौर में हो रहे हैं जब दोनों दलों में समीक्षा का दौर चल रहा है और मिशन 2018 के लिए जरूरी एवं प्रभावी परिवर्तन करने की कोशिश हो रही है। सो, दोनों ही दलों के प्रमुख नेता एेसे समय में अपनी श्रेष्ठता और नेत=त्व करने की क्षमता सिद्ध करने  में पसीना बहा रहे हैं। जहां तक अटेर विधानसभा चुनाव की बात है तो यहां चुनावी प्रचार थमने तक मुकाबला बेहद कड़ा हो गया है।....
देवदत्त दुबे -
वैसे तो चुनाव और विवाद का चोली-दामन का साथ है लेकिन अटेर और बांधवगढ़ विधानसभा के उपचुनाव जो विवाद उत्पन्न हुए हैं उसके दूरगामी परिणाम होंगे। अटेर में जहां ईवीएम मशीन की साख का संकट पैदा हो गया है। वहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का सिंधिया परिवार पर दिये गये बयान के बाद मचे बवाल को शांत करने में अब पसीना आ रहा है। विवादों के चलते भिंड के कलेक्टर एस.पी. हटाये गये। दरअसल, प्रदेश वर्ष 2018 में विधानसभा के आम चुनाव होना है उसके पूर्व ये दोनों उपचुनाव हो रहे हैं। जिसके परिणाम प्रदेश में राजनैतिक फि़जा बनाने में मददगार साबित होंगे। सो, प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस पूरा जोर भी लगा रहे हैं और अपने अपने दल में वर्चस्व की लड़ाई भी लड़ रहे हैं। अब गुटों-उपगुटों में बंटी कांग्रेस पहली बार एकजुट होकर चुनाव मैदान में है। अटेर सीट जहां ज्योतिरादित्य सिंधिया संभाल रहे हैं वहीं बांधवगढ़ में कमलनाथ और अजयसिंह जोर लगा रहे हैं।.....
देवदत्त दुबे -
देहात से लेकर दिल्ली तक नषे का नाष करने के लिये बच्चों से लेकर महिलायें विरोध पर उतर आई है, व्यक्ति, परिवार और समाज को तहस-नहस करने वाले नषे के सामाजिक विरोध को देखते हुये अब गुजरात और बिहार की तर्ज पर देष के अन्य प्रदेषों में पार्टी, सरकार और नेता शराबबंदी  की दिषा में तेजी से बढ़ रहे है सो, अब तक चुनाव जीतने के जो शराब बटवाई जाती रही है, अब जो भी नेता चुनाव में शराब बंदी की बात करेगा उसका पलड़ा भारी रहेगा, धीरे-धीरे ही सही लेकिन देष की राजनीति पहली बार सामाजिक मुद्दे के ईर्द-गिर्द घूमती नजर आ रही है। नषे की तराजू पर तुलसी राजनीति में नषे के विरोध करने वाले का पलड़ा तो भारी रहेगा है, उसे सामाजिक स्तर पर भी प्रतिष्ठा मिलेगी, यही कारण है मोदी और नीतेष की राह पर देष के अन्य नेता तेजी से बढ़ रहे है।...
देवदत्त दुबे -
वैदिक एवं शास्त्रीय पुराणों में कहा गया है कि नवरात्रि का पहला दिन स=ष्टि के आरंभ का दिन है। यह सतयुग के आरंभ का दिन भी माना जाता है और विक्रम संवत के आधार पर नये वर्ष का आरंभ भी है। दक्षिण भारत में यह दिन गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है। भगवान वनवास के 14 वर्ष की यात्रा में 13 साल पूरे करने के बाद चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के दिन आगे बढ़े, विष्णु, राम के अवतार माने गये हैं। सो, दिनों मानस विष्णु पर कथा करना प्रासंगिक लगेगा। उक्त विचार राजधानी भोपाल के लाल परेड ग्राऊंड में श्री राम कथा की शुरू करते हुये संत मुरारी बापू ने प्रगट किये उन्होंने कहा कि....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। मंगलवार को विधानसभा में मध्यप्रदेश सरकार के मंत्री गोपाल भार्गव जहां प्रधानमंत्री आवास योजना पर आरोप लगने पर गरजे तो मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने पत्रकारों को सौगातों की झड़ी लगा दी। विधानसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री आवास योजना में गड़बड़ी होने का मामला उठाया गया जिसमें अपात्रों को आवास मिलने के आरोप लगाए गए। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने कड़ा रुख अपनाया और सदन में ऐलान किया कि अपात्र व्यक्ति के प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़ने पर कड़ी कार्रवाई होगी। इस गड़बड़ी की सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखते हुए 5 हजार रुपए का इनाम भी दिया जाएगा। वहीं किसी अधिकारी की मिलीभगत से अपात्र व्यक्ति को योजना से जोड़ा गया तो उस अधिकारी को भी बर्खास्त कर दिया जाएगा। हालांकि भार्गव ने योजना में हो रही गड़बड़ियों को लेकर चिंता भी जाहिर की।...
देवदत्त दुबे -
पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश की सियासत में भी खलबली मची है। सोशल मीडिया से लेकर प्रिंट और इलेक्ट्रानिक मीडिया तक विभिन्न दलों, उनके नेताओं पर कहीं निशाना साधा जा रहा है तो कहीं चटखारे लिए जा रहे हैं। चाय-चौपालों से लेकर बल्लभ भवन तक परिणामों की समीक्षा और प्रदेश में 2018 में क्या होगा इसको लेकर समीक्षाएं अलग चल रही है। दरअसल, हाल में आये पांच राज्यों के चुनाव परिणाम के बाद प्रदेश के सत्ताधारी दल भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस में मिशन 2018 को लेकर सियासी खेल शुरू हो गया है और इस बहाने नेता अब अपने-अपने ढंग से निशाने साधने लगे हैं। इसमें मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री को भी नहीं छोड़ा जा रहा है जैसे ही....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। 2013 में मध्यप्रदेश में विधानसभा के जब आम चुनाव हो रहे थे तब देश में मोदी की लोकप्रियता बढ़ रही थी और मध्यप्रदेश में उनकी सभाओं ने अच्छा खासा समां भी बांधा था। हाल ही में संपन्न पांच राज्यों के चुनाव और खासकर उत्तरप्रदेश में जिस तरह से मोदी का जादू चला उससे मप्र भाजपा को एक बार फिर मिशन 2018 में मोदी से मदद मिलने की उम्मीद बन गई है। केंद्र और राज्य में भाजपा की सरकार होने से पार्टी एंटी इनकम्बैंसी का डर सताने लगा है। यही कारण है कि प्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान लगातार एक के बाद एक नए प्रकल्प लेकर आ रहे हैं।...
देवदत्त दुबे -
एक तरफ विद्यार्थी दिन-रात पढ़ाई करके परीक्षा की तैयारियों में जुटे हैं तो दूसरी ओर माध्यमिक शिक्षा मंडल की रापलवाहियों के चलते लगातार पेपर लीक हो रहे जिससे विद्यार्थी और उनके अभिभावकों की परेशानियां बढ़ रही है। दरअसल, प्रदेश में जब से परीक्षाएं शुरू हुई है तभी से पेपर लीक होने का सिलसिला भी जारी है। एक मार्च को पहले दिन ही परीक्षा शुरू होने के 15 मिनट बाद पर्चा सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। फिर 10वीं के गणित का पेपर लीक हुआ। शुक्रवार को सुबह 10वीं विज्ञान विषय का पेपर लीक होने के बाद प्रदेश में हड़कंप है कि आखिर लगातार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं। एेसे में पढ़ने वाले विद्यार्थियों का मनोबल गिर रहा है तो अभिभावकगण खासे परेशान हैं। पेपर लीक होने से जहां माध्यमिक शिक्षा मंडल की गोपनीयता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गये हैं। वहीं प्रशासनिक व्यवस्था पर भी संदेह होने लगा है। एेसे में विपक्ष को एक बार फिर फिर सरकार को घेरने का मौका मिल गया है।....
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने के लिए भाजपा का पूरा जोर इस बार दलितों पर है। महू से सागर तक और अंबेडकर से लेकर रविदास तक भाजपा दलितों पर फोकस बनाये हुए है। दरअसल, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अजाक्स के कार्यक्रम में जब ये कहा कि कोई माई का लाल आरक्षण नहीं छीन सकता’ तब कुछ लोगों को जरूर आश्चर्यजनक लगा होगा लेकिन मुख्यमंत्री जानते हैं कि प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने के लिए दलितों को साधना बहुत जरूरी है। इसके लिए पिछले वर्ष 14 अप्रैल को महू में अंबेडकर में जन्म स्थली पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी नरेन्द्र मोदी को बुलाकर राष्ट्रीय स्तर का कार्यक्रम कराया गया तब भी कई घोषणाएं दलितों के हित में की गई थी और तब से लगातार इस वर्ग को जोड़ने के कार्यक्रम चलाये जा रहे हैं।....
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ नेता प्रतिपक्ष कांग्रेस का कोई एक नेता बन सकता था तो अजय सिंह बन गए, पर इसके साथ यह चर्चा भी सरगर्म है कि इस पद की दौड़ में शामिल कार्यवाहक नेता प्रतिपक्ष बाला बच्चन, पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया खेमे के वरिष्ठ विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा, मुकेश नायक एवं डा. गोविंद सिंह सहित अन्य नेता पीछे कैसे रह गए। अजय सिंह के साथ ज्यादा विधायक थे, पर न उनके साथ कमलनाथ, ज्योतिरादित्य सिंधिया, सुरेश पचौरी, मोहन प्रकाश जैसे दिग्गज थे और न ही प्रदेश अध्यक्ष अरुण यादव। हां, दिग्विजय सिंह को अजय सिंह के साथ माना जा सकता है, पर दिग्विजय कहते हैं कि वे पार्टी मामलों में कोई हस्तक्षेप नहीं करते। तभी सवाल उठता है कि उक्त दावेदार अजय सिंह से पीछे क्यों रह गए।
mp vs congress protest 2017222 102037 22 02 2017भोपाल। विधानसभा सत्र में प्रदेश सरकार आवास गारंटी विधेयक लाने की तैयारी में है, सरकार के इस कदम को मध्यप्रदेश की सियासत में एक बार फिर उस पट्टा पॉलिटिक्स की वापसी के तौर देखा जा रहा है जिसकी शुरुआत 1980 में अर्जुन सिंह ने की थी, जब उन्होंने सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर मकान बनाने वालों को 50 वर्गफुट के  ...
varun gandhi indore 2017222 83353 21 02 2017इंदौर। एक ओर देश में कर्ज नहीं चुका पाने की वजह से दो साल में 50 हजार से ज्यादा किसान आत्महत्या कर चुके हैं, वहीं दूसरी तरफ विजय माल्या है जो 10 हजार करोड़ रुपए लेकर भाग गया, लेकिन उसका कुछ नहीं हुआ।
balram isi new 21 02 2017भोपाल। प्रदेश में आईएसआई नेटवर्क के सरगनाओं बलराम, रज्जन और जब्बार को पकड़ चुकी एटीएस अब उनके मददगारों की तलाश में जुटेगी। सूत्रों की मानें तो पूछताछ में इन तीनों एक दर्जन से ज्यादा नाम उगले हैं, जिन पर पूरे रैकेट में अलग-अलग जिम्मेदारी थी।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ भले प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव होने को अभी डेढ़ वर्ष से अधिक समय हो लेकिन प्रदेश में अभी से सत्ता संघर्ष तेज हो गया है। प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस में तो प्रतिस्पर्धा बढ़ी ही है इन दलों के अंदर भी आपस में वर्चस्व को लेकर बढ़त बनाने होड़ शुरू हो गई है। दरअसल, अलग-अलग कारणाों से मिशन 2018 प्रदेश के दाेनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस के लिये बेहद महत्वपर्णू हो गया है। सत्ताधारी दल भाजपा और संघ के लिये मध्यप्रदेश में हर हाल में सत्ता बनाये रखने का संकल्प है, जब 2018 के आखिर में प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव हाोंगे तब तक भाजपा लगातार सत्ता में रहने के 15 वर्ष पूर्ण कर चुकी होगी इस कारण इस बार के आम चुनाव में एन्टी इन्कमबैंसी सर्वाधिक होगी, हालाकि भाजपा और संघ लगातार इस बात के प्रयास करते रहते हैं कि आमजन का सरकार के प्रति पनपता क्रोध बैर में न बदले, इसके एक न एक लोक-लुभावन प्रकल्प चलते रहते हैं।....
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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