स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
भोपाल। किसान अन्नदाता ही नहीं वह किंगमेकर भी है। पिछले एक पखवाड़े से प्रदेश में जो बवाल मचा है और जिस प्रकार सत्ता और विपक्ष सब छोड़ किसानों को मनाने में जुटे हैं उससे तो यही संदेश गया है कि इस प्रदेश में किंगमेकर किसान ही हैं। सत्ताधारी दल भाजपा की इस समय सबसे बड़ी चिंता यही है कि पार्टी ने इन 13-14 सालों में ऐसा माहौल बना लिया था कि उनकी पार्टी किसानों की सबसे बड़ी शुभचिंतक है। लगातार पांच बार कृषि कर्मण अवॉर्ड और कृषि विकास दर भी इस बात की पुष्िट करते दिख रहे थे। लेकिन 8 जून को मंदसौर में हुए गोलीकांड के बाद पिरामिड उल्टा हो गया और अब ऐसा माहौल बन गया है कि यह प्रदेश किसानों के लिए नहीं है। कई किसान संगठन और प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस इस समय पूरी कोशिश में है कि किसान उनके साथ आ जाए। सो अब बढ़चढ़कर किसानों के हितों की बात कर रहे हैं। वहीं अब तक किसानों की दम पर काबिज हर हाल में किसानों को अपने साथ बनाए रखने की कोशिश में हैं।
देवदत्त दुबे -
प्रदेश में किसानों के आंदोलन ने समय पूर्व ही सत्ता संघर्ष तेज कर दिया है। जगह-जगह इस संघर्ष के रिए अखाड़े तैयार किये जा रहे और दिल्ली से लेकर प्रदेश स्तर के पहलवान अपना-अपना दांव दिखा रहे हैं। मंदसौर में किसानों की म=त्यु के बाद विपक्षी दल कांग्रेस तो जैसे सत्ता के लिए किसानों की मौत को सत्ता के लिए सीढ़ी मान बैठी है। दरअसल, प्रदेश लगातार सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस में सत्ता के प्रति छटपटाहट बढ़ गई है और लगातार सत्ता में रहने के कारण भाजपा में अहं का भाव जाग्रत हो गया सो किसानों के आक्रोश की सरकार अनदेखी कर बैठी और बैठे ठाले कांग्रेस को एेसा मुद्दा थमा दिया जिस पर निर्जीव पड़ी कांग्रेस अचानक से चेतना में आ गई और राहुल गांधी से लेकर बूथ का कांग्रेस कार्यकर्ता अब इस मुद्दे पर सत्ता में आने के सपने देखने लगा है तो क्षत्रप नेताओं ने नेत=त्व को लेकर होड़ फिर से शुरू हो गई है यही कारण है कि 14 से राजधानी भोपाल मंे जहांं पूर्व केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया सत्याग्रह शुरू कर रहे हैं तो 17 जून को खलघाट में किसान महा पंचायत के रूप में समापन पूर्व केन्द्रीय मंत्री कमलनाथ की अगुवाई में होगा। उधर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव इन कार्यक्रमों को कांग्रेस का कार्यक्रम बताकर क्षत्रप नेताओं को व्यक्तिगत श्रेय लेने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।
देवदत्त दुबे -
जिस परीक्षा देने के कुछ घंटे पहले विद्यार्थी बार-बार पेज उलटता-पलटता है कि कौन सा पेज पढ़े ये भी अधूरा, वो भी अधूरा कुछ एेसी ही स्थिति इस समय सरकार की है चुनावी मोड में आ चुके प्रदेश के राजनैतिक वातावरण मे जहां देखो वहां से असंतोष ऊभर रहा है। कुछ केन्द्र सरकार के कारण तो कुछ अपनी गलतियों से एेसे में किसान आंदोलन के कारण बाकी असंतोष अंदर ही अंदर धधक रहा है। दरअसर, इस समय प्रदेश के किसान आंदोलन की चर्चा प्रदेश में नहीं बल्कि पूरे देश में है प्रादेशिक से लेकर राष्ट्रीय स्तर के राजनैतिक और गैर राजनैतिक नेता इस समय मध्यप्रदेश पर फोकस बनाये हुए हैं। प्रदेश सरकार और संगठन भी लगातार विरोधी माहौल को ठंडा करने में जुटे हुए हैं लेकिन सबसे बड़ी समस्या यह है इस समय हर कोई सरकार से नाराजगी जता रहा है।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ प्रदेश में पिछले आठ  दिन से किसान आंदोलन ने भाजपा का प्रदेश में नहीं बल्कि पूरे देश में नुकसान तो किया ही है पार्टी को मिशन 2018 और 2019 के पहले जमीनी हकीकत भी पता चल गई। कमजोर कांग्रेस के कारण पार्टी फिर से चुनाव जीत सकती है लेकिन यह जीत जिन लोगों के साथ मिलकर मिली है वे शायद इसको बनाये रखने के पक्ष मेें नहीं है यही कारण है कि बात-बात में जो भाजप का कार्यकर्ता सरकार और पार्टी का पक्ष रखता था लड़ने मारने पर उतारू हो जाता था वह मौन है। भाजपा नेता भी बयानों की केवल औपचाकिता कर रहे हैं नहीं तो भाजपा और संघ का इतना व्यापक नेटवर्क है करीब सवा करोड़ तो भाजपा के सदस्य ही और इतने ही शुभचिंतक होंगे लेकिन कोई भी अपने से सत्ता और संगठन के प्रति सहानुभूति नहीं दिखा रहा है केवल मुख्यमंत्री, प्रदेशाध्यक्ष दो-चार मंत्री और दो-चोर पदाधिकारी और वे चुनिंदा अफसर जो पिछले 13-14 वर्षों से सरकार के चहेते बने हुए हैं। वे ही डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं बाकी चुपचाप अपनी सरकार और अपनी पार्टी की किरकिरी होते देख रहे हैं। सोचो, प्रदेश में कितनी मेहनत के बाद पार्टी खड़ी हुई और.....
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ हैरान, परेशान किसान क्रोधित क्योंकि एक तो फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा और जो मिल रहा है वह चेक से, चेक भी 20 दिन बाद क्लीयर हो रहा है और इसमें भी चेक में से बैंक वाले किसान के कर्जे के पैसे काट रहे हैं। अब एेसे में किसान क्रोधित न हो तो वह करे भी क्या लेकिन किसान के क्रोध को पहले मातम में बदला गया और अब इस मातम पर सियासतदानों का संघर्ष शुरू हो गया है।
दरअसल, प्रदेश में इतना बड़ा आंदोलन कोई एक दो दिन में खड़ा नहीं हो गया बल्कि लगातार आश्वासन मिलने के बाद भी जब कर्ज मुक्ति नहीं हुई। उल्टे फसलों के भी उचित दाम नहीं मिले तो प्रदेश में लगभग 50 लाख किसान इस समय 60 हजार करोड़ के कर्जे में है अकेले 2015 में ही लगभग 1200 किसान आत्महत्या कर चुके हैं इसके बाद भी किसान पिछले कुछ महीनों से अपनी मांगे रख रहा था लेकिन अफसरशाही ने इस ओर मुख्यमंत्री का ध्यान ही आकृष्ट नहीं किया और जब उज्जैन में एक पक्ष के साथ समझौता किया तब तक देर हो चुकी थी इससे अपने आपको अपमानित और उपेक्षित समझकर दूसरे किसान संगठन और अधिक सक्रिय हो गये। परिणामस्वरूप आंदोलन उग्र.....
देवदत्त दुबे -
आजादी के समय से ही जय जवान ओर जय किसान का नारा लगते आया है  क्योंकि यदि जवान और िकसान मचल गया तो फिर अच्छे से अच्छा सत्तावान परेशन हो जाता है सो, इस समय जवान और किसान को लेकर खींचतान तेज हो गई है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जहाँ किसान आंदोलन को समाप्त करने में जुटे है तो कांग्रेस अब खुले तौर पर किसानों के साथ खड़ी हो गई है। दरअसल, अन्य प्रदेशों में तो कभी हिन्दुत्‍व का मुद्दा चल जाता है तो कभी जाति का लेकिन मध्यप्रदेश में इस प्रकार के मुद्दे कभी प्रभावी नही रहे यहॉ बड़े करीने से मुद्दों का ऊभारा जाता है सोशल इंजीनिरिंग भी देब पांव चलती है हॉ दबंगता या विनम्रता जरूर अपना कमाल दिखा सकती है बस नेतृत्वकर्ता में इसका हुनर होनाचाहिये जैसा कि पिछले 13 - 14 वर्षाें से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहज-सरल या विनम्रता की इमेज लिये हुये है लेकिन एक - दो नहीं बल्कि 12-13 वर्ष हो गये हैं सो, अब विनम्रता का चमक फींकी पड़ रही है अब प्रदेश हर कोई मुंह खोल रहा है। .....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। पिछले कुछ दिनों से लगातार भाजपा में उथल-पुथल मची हुई है तो दूसरी ओर कांग्रेस की सक्रियता और किसानों के आंदोलन ने भाजपा नेताओं को एक बार फिर एक साथ बैठने और मंथन करने पर मजूबर कर दिया। सो 12 जून को होने वाली भाजपा कोर ग्रुप की बैठक चौतरफा कसावट लाने की दृष्टि से अहम मानी जा रही है। दरअसल पिछले कुछ दिनों से भाजपा में अपनी ढपली अपना राग की स्थिति बन गई है। विधानसभा और लोकसभा के चुनाव को अभी काफी वक्त है लेकिन चुनाव न लड़ने और चुनाव लड़ना ही है जैसी बातें तेजी से उभर रही हैं। सरकार के खिलाफ सार्वजनिक रूप से बयानबाजी और पत्र लिखने का चलन बढ़ गया है।
देवदत्त दुबे -
15 मई िको संपन्न हुई नर्मदा सेवा यात्रा के माध्यम से सत्ता और संगठन निर्विवाद प्रतिफल मिलने की उम्मीद लगाये थे लेकिन जब से नर्मदा सेवा यात्रा शुरू हुई तभी से नर्मदा में रेत के अवैध उत्खनन के मामले जोर-शोर से उठने लगे अब जबकि नर्मदा सेवा यात्रा समाप्त हो गई है। लेकिन रेत के मामले लगातार उठाये जा रहे हैं जिसमें प्रतिफल से ज्यादा प्रतिकुलता की स्थिति बन रही है। दरअसल, विपक्ष के साथ-साथ सत्ताधारी दल के नेताओं द्वारा अवैध रेत के उत्खनन के मामले उठाने से मीडिया में सुर्खियां ज्यादा बना जिससे करोड़ों रुपयों की ब्रांडिंग करने के बाद भी नर्मदा सेवा यात्रा से मिलने वाली चमक फीकी पड़ने लगी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इन्हीं स्थितियों से बचने के लिए बड़ी चतुराई से एक झटके में रेत के उत्खननु पर पाबंदी लगा दी थी और इससे भी सत्ता और संगठन को उम्मीद थी कि प्रदेश में अच्छा संदेश बनेगा लेकिन पूर्व मंत्री कमल पटैल द्वारा....
देवदत्त दुबे -
होशियार से होशियार विद्यार्थी भी उस समय परेशानी में पड़ जाता है जब पिछले वर्षों की बजाय पैटर्न बदलकर परीक्षा में प्रश्न पत्र आये कुछ एेसा ही दौर इस समय राजनैतिक क्षेत्र में अाया हुआ है जहां पाठ्यक्रम के साथ-साथ पैटर्न भी बदल गया है सो राजनैतिज्ञों में संशय और अनिश्चितता के कारण बैचेनी बढ़ी है। यही कारण है कोई चुनाव लड़ने की बात करता है तो कोई चुनाव न लड़ने की, कोई अपनी ही सरकार की पोल खोल रहा है तो विपक्षी दल में घुसपैठ बढ़ा रहा है। सबको भविष्य की चिंता सताये हुए है। दरअसल, पिछले महीनों में पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और फिल दिल्ली नगर निगम के चुनाव में जिस प्रकार से टिकिट वितरण हुए और बाद में जो परिणाम आये उससे....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। नेताओं की हिलोरे मारती महत्वाकांक्षाओं के कारण बढ़ती छटपटाहट से न केवल अपनी बल्कि अपनी पार्टी की भी किरकिरी करा रहे हैं। चुनावी मोड में आ चुकी भाजपा और कांग्रेस के लिए अब कसावट ही एक मात्र विकल्प है। दरअसल मिशन 2018 और मिशन 19 के लिए चुनावी बिसात बिछना शुरू हो गई है। इस कारण वे नेता जो इन चुनावों से पहले अपना भविष्य सुरक्षित कर लेना चाहते हैं इसके लिए जिसे जो तरीका समझ में आ रहा है, उसे अपनाते जा रहा है। इससे भले ही खुद की या पार्टी की किरकिरी हो इसकी परवाह नहीं है। नेताओं की इन गतिविधियों के लिए दल भी कम जिम्मेवार नहीं हैं क्योंकि दल भी अब तक कार्यकर्ताओं और नेताओं के साथ न्याय करने के बजाए चीन्ह चीन्ह कर रेवड़ी बांटते रहे। सो अब कार्यकर्ताओं और नेताओं पर भी अनुशासन का पालन कराने में असमर्थ हैं। जहां तक प्रदेश में सत्ताधारी....
देवदत्त दुबे -
भाजपा की रीढ़ की हड्डी माने जाने वाला भाजयुमो इस समय कहीं पाटी की कमर तोड़ने वाला न बन जाये। लंबी प्रतीक्षा के बाद घोषित हुई भाजयुमो की कार्यकारिणी को लेकर पूरे प्रदेश से शिकायतें भोपाल से लेकर दिल्ली तक पहुंच गई। भाजयुमो के गठन से लेकर आज तक में पहली बार घोषित कार्यकारिणी के बाद भाजयुमो के कार्यकर्ताओं में निराशा बनी है। कार्यकारिणी में न तो सामंजस्य बनाया गया है और न ही क्षेत्रीय, जातीय संतुलन बनाने का ध्यान रखा गया है। ऊपर से आरोपों से घिरे युवाओं को मौका दिया गया है। पाटी की गाइडलाईन का उल्लंघन होने से पाटी, भाजयुमो प्रदेशाध्यक्ष से जवाब तलब कर सकती है।
देवदत्त दुबे -
ज्यों-ज्यों सत्ता और संगठन पार्टी नेताओं को नसीहतें दे कर सुधारने का काम कर रहे हैं त्यों त्यों एक के बाद एक पार्टी नेता आये दिन बिफरे नजर आते हैं जिले से लेकर प्रदेश तक के नेताओं में पनप रहा असंतोष सत्ता और संगठन के लिए तो चिंता का विषय है ही मिशन 2018 के लिए भी मुश्किलें बढ़ाने वाला साबित हो रहा है। दरअसल भाजपा पार्टी के अनुशासन की दुहाई हमेशा से देता आ रही है लेकिन पिछले कुछ वर्षों से पार्टी में असंतोष सार्वजनिक करने की मानो होड़ लग गई है। जैसे पार्टी के नेताओं को पार्टी की परवाह ही नही रही या कहें उनको अब पार्टी पर कोई भरोसा ही नहीं रहा। बाबूलाल गौर, सरताज सिंह गौरीशंकर बिसेन, कुसुम मेहदेले, विजय शाह, अजय विश्नोई पारूल साहू, प्रकाश मीर चंदानी जैसे नेताओं को सार्वजनिक बयानबाजी, ट्वीट से पार्टी ऊबर भी नहीं पाई थी कि इस समय पूर्व मंत्री कमल पटेल बिफरे नजर आ रहे हैं।...
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ पहली बार आॅनलाइन स्थानांतरण करने के लिए लिंक भी जारी हो गई और तबादलों के नियम भी तबादलों पर प्रतिबंध 1 से 30 जून के बीच हटाया गया है। वैसे तो प्रशासनिक जरूरत को ध्यान में रखकर तबादला करने को कहा गया है लेकिन इसकी तह में मिशन 2018 के लिए चुनावी जमावट रहेगी। सो, वर्षा शुरू होने से पहले एक बार प्रदेश तबादलों से तरबतर होगा। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों से तबादलों का पूरा सिस्टम गड़बड़ाया हुआ है जिसके कारण एक तरफ जहां अफसरशाही बढ़ी हुई है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा कार्यकर्ता जन प्रतिनिधियों में नाराजगी है मसलन, पिछले वर्ष कुछ समय के लिए तबादलों पर से प्रतिबंध हटाया गया। सो, जन प्रतिनिधियों ने आवेदन और नोटशीट संबंधितों के यहां भेजी लेकिन पूरा वर्ष निकल गया अधिकांश के स्थानांतरण आदेश अब तक नहीं निकले।...
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा शुरू की गई 148 दिन की नर्मदा सेवा यात्रा का समापन 15 मई को हो गया। पहले यह चार दिन पहले 11 मई को समाप्त होने वाली थी पर प्रधानमंत्री का कार्यक्रम न मिलने के कारण यह चार दिन आगे बढ़ गई। पहले यह 144 दिन चलने वाली थी। बहरहाल, इस यात्रा के जरिए मुख्यमंत्री ने एक तीर से कई निशाने साधे। बड़े नर्मदा संरक्षण अभियान के लिए देश-विदेश में ख्याति अर्जित की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नजर में अपना कद बढ़ाया। बड़े स्तर पर अपनी ब्रांडिंग की और नर्मदा तट के प्रभाव वाले लगभग सौ विधानसभा क्षेत्रों में भाजपा का आधार बढ़ाया। यात्रा निकाली तो गई गैर राजनीतिक कह कर और इससे हर वर्ग को जोड़ने की कोशिश हुई पर असल में इसने भाजपा और उसकी सरकार को ही मजबूत किया। भाजपा इस बार,.....
देवदत्त दुबे -
वर्तमान युग यदि प्रबंधन का युग है तो भाजपा में अनिल माधव दवे प्रबंधन गुरू थे। खासकर 2003 के विधानसभा चुनाव के लिए जावली केन्द्र से दवे ने जो प्रबंधन का जिम्मा संभाला वो जीवन पर्यन्त जारी रखा। अनिल दवे का असमय चले जाना भाजपा के लिए करारा झटका है तो पर्यावरण प्रेमियो के लिए किसी सदमे से कम नहीं। दलअसल, भाजपा में अच्छे वक्ता थे। गांव-गांव थैला लेकर घूमने वाले फक्कड़ भी थे, लेकिन चुनावी व्यूह रचना बनाने वाले, किसी भी कार्यक्रम की शुरू से लेकर आखिर तक की रुपरेखा बनाने वाले प्रबंधक का अभाव था जिसके कारण पार्टी अच्छे माहौल के बाद भी चुनाव हार थी मसलन 1992 में राम मंदिर मुद्दे पर बर्खास्त भाजपा सरकार की वापसी की पूरी उम्मीद थी लेकिन एेसा नहीं हो पाया.....
देवदत्त दुबे -
संगठन को दुरुस्त करने के लिए निकले भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल उस समय अवाक रह गए जब सागर में सुरखी विधायक पारुल साहू ने अपना दुखड़ा सुनाते हुए 2018 में विधानसभा का चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया। तो दूसरी ओर महापौर अभय दरे ने रामलाल के सामने अफसरों का रोना रोया। ऊपर शांत दिख रहे बुंदेलखंड में अंदर ही अंदर भाजपा में बगावत की आग धधक रही है। फिलहाल रामलाल ने नेताओं से कहा है कि किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
देवदत्त दुबे -
जिस प्रकार वर्षा ऋतु आने के पहले किसान खेत दुरुस्त करता है। गरीब आदमी मकान खप्पर-छप्पर सुधारता है ठीक वैसे ही मिशन 2018 को द=ष्टिगत रखते हैं प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस ने अपने अपने दल में संगठनात्मक कसावट तेज कर दी है।  दरअसल मजबूत संगठन ही राजनैतिक दल को चुनाव में विजय दिलाता है। सो, 2018 का विधानसभा चुनाव प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस करो या मरो की तर्ज पर लड़ने जा रहे हैं। इस कारण डेढ़ वर्ष पहले से संगठन चुस्त-दुरुस्त करने का दौर शुरू हो गया है। सोमवार का पूर्व केन्द्रीय मंत्री व कांग्रेस चुनाव प्राधिकरण के चेयरमेन पवन बंसल और सहायक रिटर्निंग आफिसर जितेन्द्र कंसाना व आर.एन. कटारिया ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस के संगठन चुनाव की समीक्षा की पिछले सात साल से चली सदस्यता की जानकारी ली एवं बूथ से लेकर जिला स्तर तक होने वाला चुनाव के जिला रिटर्निंग आफिसर नियुक्त किये जाने पर चर्चा करते हुए सूत्रों की मानें तो कांग्रेस में अब ब्लाक अध्यक्ष से लेकर प्रदेश अध्यक्ष तक पाॅवरफुल होंगे।
देवदत्त दुबे -
जब से नर्मदा सेवा यात्रा शुरू हुई है तभी से यात्रा पर एक तरफ संतों का आशीर्वाद बरसता रहा तो दूसरी ओर िवपक्ष द्वारा आरोपों की बौछार भी होती रही है। और तो और विपक्ष प्रधानमंत्री के भाषण में भी व्यंग्य ढूंढ रहा है जबकि  प्रधानमंत्री के भाषण में भी व्यंग्य ढूंढ़ रहा है जबकि प्रधानमंत्री ने ट्वीट करके नर्मदा सेवा यात्रा के समापन कार्यक्रम में शामिल होने पर प्रसन्नता जताई थी। दरअसल मध्यप्रदेश की राजनीति में इस मां नर्मदा की धारा बह रही है। एक धारा जहां सत्ता पक्ष की है जो हर हाल में नर्मदा सेवा यात्रा का दीर्घकालीन राजनैतिक लाभ लेने की  जुगत में है तो दूसरी तरफ विपक्ष है जो नर्मदा सेवा यात्रा के समानान्तर लगातार नर्मदा में हो रहे अवैध उत्खनन का मामला उठा रहा है।
देवदत्त दुबे -
नर्मदा के उद्गगम स्थल अमरकंटक से आज ने केवल प्रदेश में नदियों के उत्थान की उम्मीद बनी है बल्कि प्रदेश में चौथी बार सरकार बनाने की उम्मीद भी बलवती हुई है। यहीं कारण कि सत्ता और संगठन ने आज के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिये पूरी ताकत झोंक दी है मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने स्वयं अंतिम तैयारियों के सूत्र अमरकंटक पहुंचकर अपने हाथ में ले लिये है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी प्रधानमंत्री बनने के बाद आठबार प्रदेश की यात्रा कर चुके हैं और हर बार मोदी की सभा में भारी जमावड़ा हुआ तो महत्वपूर्ण कार्यक्रम भी हुये मसलन....
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश में 2018 में होने वाला विधानसभा का आम चुनाव यदि अब तक चुनावों की बजाय सर्वाधिक कड़े संघर्ष वाला होगा, कहा जाए तो शायद कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी। प्रदेश के दोनों दलों में इस समय नेतृत्व को लेकर रस्साकशी का दौर है। खासकर 15 साल के बाद सत्ता में वापसी की उम्मीदें लिए कांग्रेस इस भारी कश्मकश के दौर से गुजर रही है। विधानसभा के पिछले तीन चुनाव के बाद कांग्रेस की सर्वे रिपोर्ट में पहली बार भाजपा सरकार की एंटी इनकम्बैंसी नजर आ रही है। कांग्रेस बेहतर मैनेजमेंट और सक्षम नेतृत्व प्रदेश में देकर इस हवा का फायदा लेने के मूड में है। यही कारण है कि पार्टी का राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश में चुनावी जमावट अब तक घोषित नहीं कर पाया है। पार्टी चाहती है कि ऐसी जमावट हो जिससे पार्टी के अंदरूनी झगड़ों की वजह से चौथी बार प्रदेश में कहीं कांग्रेस सरकार बनाने से चूक न जाए। इसके लिए क्षत्रय नेताओं में....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। 11 दिसंबर 2016 से शुरू हुई नर्मदा सेवा यात्रा का 15 मई 2017 को समापन है। यात्रा की शुरुआत से ही सत्ता और संगठन यात्रा की सफलता के िलए संघर्ष कर रहे हैं, वहीं विपक्षी दल कांग्रेस भी यात्रा के दौरान समानांतर रूप से नर्मदा से रेत के अवैध उत्खनन के मामले उठा रहा है। अब जबकि यात्रा के समापन का अवसर आ गया है तब पक्ष और विपक्ष का संघर्ष भी तेज हो गया है उससे नर्मदा के कारण इस समय प्रदेश में राजनीति उफान पर है। नर्मदा सेवा यात्रा मप्र में अब एक बड़े राजनीतिक मुद्दे का रूप ले चुकी है। सत्ताधारी दल भाजपा एक-एक दिन का उपयोग इस यात्रा के माध्यम से प्रदेश में सकारात्मक माहौल बनाने के लिए कर रही है। लगभग हर दिन कोई न कोई बड़ा आयोजन और कोई न कोई हस्ती इसी लिहाज से यात्रा में शामिल की जाती है। देश-दुनिया में यात्रा की जमकर....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में लगभग 14 साल से सत्ता का वनवास काट रही कांग्रेस अब तक सत्ता पाने की पटरी पर अपनी गाड़ी नहीं ला पा रही है। कोई भी दल सत्ता तब प्राप्त कर पाता है जब वह पहले एकजुट होकर सत्ता पा ले। फिर अपना अपना हिस्सा तय कर ले लेकिन कांग्रेसी पहले अपना हिस्सा तय करना चाह रहे हैं। फिर सत्ता पाने के लिए प्रयास करेंगे। कांग्रेस की इसी बेपटरी पर गाड़ी रहने से आती हुई सत्ता तीन बार तो चली गई, चौथी बार भी अंदेशा बना हुआ है। भाजपा भी कांग्रेस की इस कमजोर कड़ी का भरपूर फायदा ले रही है। पहले पार्टी को निपटाया और अब एक-एक करके कांग्रेसी क्षत्रपों को िनपटाना  शुरू कर दिया है।.....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। नर्मदा को जीवित इकाई का वैधानिक दर्जा देने संबंधी संकल्प बुधवार को विधानसभा में पेश िकया गया। चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों ने नर्मदा पर ज्ञान की गंगा बहा दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और कांग्रेस विधायक मुकेश नायक ने अपने उद्बोधन में संस्कृत के दर्जनों श्लोक भी सुनाए। जीएसटी बिल को मंजूरी देने के लिए 3 मई का विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया। सदन शुरू होेने के पहले हुई कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सभी दलों ने जीएसटी बिल पास करने की सहमति व्यक्त कर दी थी। किंतु-परंतु करने के बाद विधानसभा ने जीएसटी बिल को मंजूरी दे दी। एक देश एक कर की प्रकि्रया पूरे देश में लागू करने के लिए मप्र विधानसभा में जीएसटी बिल पेश किया गया।....
देवदत्त दुबे -
ज्यों-ज्यों चुनाव नजदीक आ रहे हैं त्यों-त्यों राजनीतिक दल अपने चुनाव अस्त्र-शस्त्र सुसज्जित करने लगे हैं। प्रदेश में अब तक कमजोर विपक्ष का आरोप झेलती आ रही कांग्रेस एक बार फिर कमर कस रही है और भाजपा के गढ़ में शंखनाद करने जा रही है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के िनर्वाचन क्षेत्र बुधनी में 2 मई को होने जा रही चौपाल की सफलता के लिए कांग्रेस जोरदार तैयारियां कर रही है।
पूरे प्रदेश में सत्ताधारी दल भाजपा का विरोध तेज करने के लिए कांग्रेस के रणनीतिकारों ने सबसे पहले भाजपा के मजबूत मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के क्षेत्र में ललकारने की योजना बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरुण यादव और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह 2 मई को बुधनी में चौपाल लगाएंगे। इस चौपाल के माध्यम से कांग्रेसी नेता एक ओर जहां प्रदेश में अब तक हुए घोटालों को एक बार फिर जोर-शोर से उठाएंगे, वहीं ग्रामीणों से समस्याओं और घोटालों की जानकारी भी एकत्रित करेंगे। इस चौपाल में सबसे ज्यादा नर्मदा में अवैध रेत उत्खनन की गूंज रहने वाली है।...
देवदत्त दुबे -
संघ की तर्ज पर भाजपा का पूरा फोकस अब समयदानी कार्यकर्ता पर रहेगा। इनके माध्यम से पार्टी बूथ स्तर पर माहौल तो सुधारेगी प्रदेश में चौथी बार सत्ता पाने के चुनाव के लिए जरूर फीडबैक भी लेगी। सो, प्रदेश कार्य समिति की बैठक से लेकर प्रदेश कार्यालय तक चुनिंदा कार्यकर्ताओं को समयदानी बनाने पर फोकस है।दरअसल, पार्टी के तय कार्यक्रम के अनुसार प्रदेश के 10 हजार कार्यकर्ताओं (समयदानी) को 21 से 28 मई तक महाजनसंपर्क के लिए ग्रामीण अंचलों में पहुंचना है इसके लिए इन्हें जिलेवार 16 मई से 18 मई से 18 मई के बीच जिलों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। और महासंपर्क अभियान के प्रमुख विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। पार्टी के साहित्य, केन्द्र सरकार और राज्य सरकार की उपलब्धियों के साथ गांव में घर-घर संपर्क करेंगे। प्रशिक्षण के पश्चात समयदानी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देने के लिए प्रदेश पदाधिकारी जिला प्रशिक्षण वर्ग में पहुंचेंगे।....
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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