स्पेशल रिपोर्ट
देवदत्त दुबे -
भोपाल। 19 नगरीय निकाय चुनाव में प्रदेश के दोनों प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के बागी प्रत्याशी पार्टी की नाक में दम किए हुए हैं। आदिवासी इलाकों में होने जा रहे इन चुनावों को 2018 के पहले एक तरह से लिटमस टेस्ट माना जा रहा है। दरअसल, प्रदेश में 2018 के लिए सत्ता संघर्ष शुरू हो चुका है। दोनों प्रमुख दल अब माहौल सुधारने की दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहते। यही कारण है कि 19 नगरीय निकाय के चुनाव में अधिकतम सीटों पर जीत दर्ज करने के लिए दोनों दल अपनी पूरी ताकत लगाए हुए हैं। लेकिन दोनों दलों के समीकरणों को उनके ही बागी प्रत्याशी बिगाड़ रहे हैं। जहां तक सत्ताधारी दल...
देवदत्त दुबे -
जब दरवाजे पर यमराज दस्तक देता है तब जीव अपनी जान बचाने के लिए जो जो उपाय करता है जो छटपटाहट दिखाता है वैसा ही कुछ अभी से इस समय दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस में चुनावी हार को बचाने के लिए देखी जा रही है और अभी से उन चुनावी योद्धाओं की सूची तैयार हो रही है जो न सिर्फ 2018 के विधानसभा चुनाव में वरन 2019 के लोकसभा चुनाव में भी अपने अफने दल की नैया पार लगा सके।...
देवदत्त दुबे -
अब तक राजनैतिक अनुसूचित जाति और जनजाति के नेताओं विशेष महत्व देते आ रहे हैं जबकि पिछड़ा और सवर्ण तबके के नेताओं को विशेष योग्यता दिखाने पर ही तवज्जो मिला करती है लेकिन राजनैतिक चक्र कुछ एेसा घूमा है जिसमें अब सवर्ण समाज के नेताओं का दलों में सम्मान बढ़ाने की मजबूरी हो गई है। दरअसल, जब से अजाक्स के एक कार्यक्रम में कहा कि “कोई माई का लाल पदोन्नति के आरक्षण नहीं छीन सकता” तब से पिछड़ा, अल्प संख्यक और सामान्य वर्ग के कर्मचारियों ने सपाक्स संगठन के बैनर तले प्रदेश में एेसी हवा बनाई कि सरकार अब सवर्ण समाज को साधने के लिए सरकार ने प्रयास शुरू कर दिये हैं क्योंकि सपाक्स का दावा है कि प्रदेश में सामान्य, पिछड़ा और अल्पसंख्यक मिलकर 70 प्रतिशत आबादी का हिस्सा है।....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। मध्यप्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस में अब इस बात पर अपने अपने दल में लगभग सहमति बन गई है कि अब दोनों दी दलों के पास ऐसा चमत्कारिक और आकर्षक व्यक्तित्व का नेता नहीं है जो अपने दम पर प्रदेश में सरकार बना सके। यही कारण है कि इस समय दोनों दी दलों में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाने वाली ऐसी टीम की खोज की जा रही है जो बिना किसी लहर के होने वाले 2018 के विधानसभा के आम चुनाव में पार्टी को सत्ता दिला सके।
देवदत्त दुबे -
जैसे ओलंपिक का एशियाड खेलों के शुरू होने के एक साल पहले से सभी देश अपनी-अपनी टीम और खिलाडि़यों का चयन करने लगते हैं वैसे ही इस समय प्रदेश में 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के फायनल मुकाबले के लिए प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस के साथ-साथ छोटे-मोटे दल भी अपनी-अपनी पार्टी को चुनावी योद्धाओं की दृष्टि से दुरुस्त करने में जुट गये हैं। सो, लगभग सभी दल इस समय भ्रम या कि संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और सभी को उम्मीद है कि सूर्य भगवान के उत्तरायण होते ही 14 जनवरी के बद तमाम प्रकार के विवादास्पद, संशयात्मक और जिज्ञासात्मक प्रश्नों के उत्तर मिलना शुरू हो जाएंगे।....
देवदत्त दुबे -
प्रदेश कांग्रेस में अब तक क्षत्रप नेताओं का एक तरफा रुतबा था लेकिन पिछले एक वर्ष में पार्टी हाईकमान ने दिल्ली से जो दखल देना शुरू किया है उससे दिग्गजों में खलबली मची हो खासकर प्रदेश प्रभारी दीपक बाबरिया के बाद अब प्रदेश का कोई भी बड़ा नेता “अपनी पार्टी हाईकमान में चलती है” ेएेसा दावा नहीं कर सकता।
दिनेश निगम ‘त्यागी’ -
भोपाल/ प्रदेश में होने विधानसभा के चुनाव 2018 के लिए राजनैतिक माहौल कैसा रहेगा और टिकिट वितरण के बाद बगावत कैसी होगी इसकी झलक मुंगावली और कोलारस के होने वाले विधानसभा और 19 नगरीय निकायों के चुनावों में झलक रही है। टेलर देखकर फिल्म का अंदाजा लगाया जा सकता है। सो, अब जबकि प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव होने को एक साल से भी कम समय शेष है एेसे में प्रदेश में कभी भी घोषित हो सकते मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव और घोेषित हो चुके 19 नगरीय निकाय के चुनाव के लिए जो राजनैतिक वातावरण बना हुआ है ौर जिस तरह से दोनों दलों ने नगरीय निकाय चुनाव में टिकिट वितरण के बाद बगावत शुरू हो गई है....
देवदत्त दुबे -
वैसे तो मध्यप्रदेश का मैदान संघ को हमेशा से रास आता रहा है। नागपुर भले ही संघ का मुख्यालय हो लेकिन इस समय संघ का फोकस मध्यप्रदेश पर बना हुआ यही कारण है एक महीने के भीतर संघ के तीन बड़े कार्यक्रम मध्यप्रदेश में हो रहे हैं। पिछले दिनों सीहोर के शेरपुरा गांव मंे तीन दिन की बैठक में जहां दत्तात्रेय हसबोले शामिल हुए थे वहीं प्रांत प्रचारक का चुनाव भी हुआ वहीं एक जनवरी से संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित संघ पदाधिकारियों का जमावड़ा महाकाल की नगरी उज्जैन में बना हुआ है। जहां संघ आगामी वर्ष के लिए एजेंडा तय करेगा वहीं 11 जनवरी मध्यप्रदेश के विदिशा में जिसमें एक बार फिर संघ प्रमुख मोहन भागवत सहित सभी पदाधिकारी तीन दिन के लिए जुटेंगे।....
देवदत्त दुबे -
मध्यप्रदेश में 2018 में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव में अब शायद यह सुनने को नहीं मिलेगा कि मेरी स्थिति क्षेत्र में मजबूत थी लेकिन सिफारिश ने कमजोर व्यक्ति को पार्टी ने उम्मीद बना दिया अधिकांश सीटों पर यही सुनने को मिलेगा कि दोनों दलों में प्रत्याशी तो बेहतर दिये हैं अब देखना कौन जीतता है? दरअसल, देश के साथ-साथ प्रदेश में भी राजनैतिक परिदृश्य उभर रहा है उसमें अब चुनाव में किसी दल के पक्ष में लहर चलेगी। इसकी संभावना कम है। एेसे माहौल में जीत का सारा दारोमदार बेहतर प्रत्याशी पर रहेगा। शायद यही कारण है कि प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस का फोकस अभी से योग्य प्रत्याशी चयन पर बन रहा है। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री...
देवदत्त दुबे -
वैसे सि समय सबसे बड़ी समस्या तो दो विधानसभा के उपचुनाव और 19 निकायों के चुनाव जीतने की है लेकिन इसके अलावा भी प्रदेश में चौतरफा इतनी समस्याएं सामने आने लगी है कि सरकार के पास समय बहुत कम दिखाई दे रहा है अब जबकि दो दिन बाद 2018 नया साल, प्रदेश में चुनाव का साल शुरू हो जाएगा तब यदि समस्याएं नहीं निपटी तो लोकतंत्र में ‘वोट’ पाने की सबसे बड़ी समस्या सुरक्षा की तरह विकराल रूप ले सकती है।
देवदत्त दुबे -
भोपाल/ मध्यप्रदेश में 2018 के विधानसभा के आम चुनाव के पहले मुंगावली और कोलारस के उपचुनाव अंतिम होंगे। यही कारण है कि चुनावी घोषणा होने के पूर्व ही इन क्षेत्रों में घमासान मचा हुआ है। सत्ताधारी दल भाजपा ने अब इन क्षेत्रों में जो मांगोगे उससे ज्यादा मिलेगा की तर्ज पर सौगातों की झड़ी लगा दी है। दरअसल, किसी सरकार की संवेदनशीलता और उदारता देखना है तो इस समय मुंगावली ौर कोलारस बेहतर क्षेत्र है जहां सरकार लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने का कोई मौका नहीं छोड़ रही। भाजपा नेताओं, विधायकों और सांसदों की बात छोडि़ये स्वयं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पिछले एक महीने में पांच बार मुंगावली का अौर तीन बार कोलारस का दौरा कर चुके हैं इसमें....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गृह राज्य होने के साथ चुनावी मुद्दों, चुनावी उतार-चढ़ाव और अंत में आए चुनावी परिणाम ने अन्य राज्यों को खासा सतर्क कर दिया है। गुजरात की सीमा से लगे मध्यप्रदेश में गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणाम के बाद चुनावी तैयारियों को खासी गति मिल गई है। दरअसल गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणाम दोनों दलों के लिए सक्रियता बढ़ाने के संदेश दे गया। सत्तारूढ़ भाजपा का जहां ओवर कॉन्फिडेंस हवा में उड़ गया वहीं कांग्रेस की उम्मीदों को पर लगा गया। यही कारण है कि दोनों दलों ने चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। दोनों दलों के चुनिंदा नेता जहां मुंगावली और कोलारस विधानसभा के संभावित उपचुनाव में पसीना बहा रहे हैं वहीं संगठन स्तर में 2018 की तैयारियों को गति दी जा रही है। जहां तक प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की बात है तो वह गुजरात में....
देवदत्त दुबे -
अब जैसे भी हो मुंगावली और कोलारस का उपचुनाव तो जीतना ही है। अब अटेर अौर चित्रकूट जैसी चूक नहीं चलेगी कुछ इसी तर्ज पर सत्ताधारी दल भाजपा उपचुनाव को ले रही है लेकिन दूसरी ओर ये क्षेत्र उस इलाके से आते हैं जहां सिंधिया की ताकत का तिलिस्म अभी भी बना हुआ है। सो, भाजपा नेता अब एक बार फिर तीखे तेवर से प्रचार अभियान को आगे बढ़ाने में जुट.....
देवदत्त दुबे -
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को जितनी चिंता गुजरात विधानसभा के चुनाव की थी उससे कहीं ज्यादा मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार चौहान को मध्यप्रदेश में दिन प्रतिदिन जटिल होते जा रहे मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव की है। दरअसल, मोदी, शाह और भाजपा का गुजरात विधानसभा के चुनाव परिणाम से बन रहा है। लगभग वहीं संदेश मुंगावली और कोलारस के उपचुनाव परिणाम से चौहान और भाजपा का मिशन 2018 के लिए बनना है खासकर अटेर और चित्रकूट का विधानसभा का उपचुनाव हारने के बाद भाजपा के लिए मुंगावली और कोलारस का उपचुनाव बेहद अहम हो गया है। दूसरी तरफ प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस के लिए भी परिस्थितियां गुजरात जैसी ही है। वहां राहुल गांधी केन्द्र और राज्य की भाजपा सरकारों के साथ-साथ देश के दिग्गज भाजपा नेताओं से मुकाबला कर रहे थे तो मुंगावली और कोलारस में वैसा ही मुकाबला ज्योतिरादित्य सिंधिया.....
देवदत्त दुबे -
भोपाल। प्रदेश में मिशन 2018 की तैयारियों में जुटे प्रदेश के दोनों ही प्रमुख दल भाजपा और कांग्रेस का पूरा फोकस अब किसान, महिला, युवा और कर्मचारियों पर बन रहा है। सत्तापक्ष जहां इन वर्गों की नाराजगी दूर करने में जुटा है तो विपक्ष इन वर्गों के दर्दों को उभार रहा है। दरअसल मध्यप्रदेश की राजनीति में साम्प्रदायिक और जातिगत समीकरणों की निर्णायक भूूमिका प्रदेशव्यापी बनती नहीं रही है। मुस्लिम आबादी कम होने के कारण हिन्दू-मुस्लिम धुर्वीकरण की स्थिति बनती नहीं और बिहार, उत्तरप्रदेश जैसी जातीय कट्टरता कुछेक सीटों पर प्रत्याशी के पक्ष या विरोध में छोड़कर कभी प्रदेशव्यापी स्वरूप नहीं दिखा पाई।
देवदत्त दुबे -
भोपाल। 2018 में होने वाले विधानसभा चुनाव के पहले प्रदेश में मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव ऐसे अहम मौके पर हो रहे हैं जहां दोनों दल मुगालते में हैं। जहां तक सत्ताधारी दल भाजपा का सवाल है उसे अभी भी मैनेजमेंट पर भरोसा है और दोनों क्षेत्रों में मंत्री, विधायक जमावट करने में जुटे हैं। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस को भाजपा के खिलाफ बन रहे माहौल पर मुगालता है। सो दोनों दलों के पास मौका है कि वो एक-दूसरे का मुगालता दूर करें।...
देवदत्त दुबे -
जब से कांग्रेस की कमान राहुल गांधी के हाथों में आई है तब से प्रदेश का युवा नेतृत्व खासा उत्साहित है उसे उम्मीद है। प्रदेश में 2018 में होने वाले विधानसभा के आम चुनाव में युवा नेतृत्व को अपनी प्रतिभा दिखाने का अब भरपूर मौका मिलेगा। दरअसल, प्रदेश कांग्रेस में पिछले तीन दशकों से जिनके नेतृत्व निर्णय लिए जाते रहे हैं उनसे पिछले 15 वर्षों में अपेक्षानुरूप पार्टी को परिणाम नहीं मिल पा रहे हैं। सो, पार्टी में धीरे-धीरे नये नेतृत्व को उभारने की प्रक्रिया चल रही थी अब चूंकि पार्टी की कमान सीधे युवा नेता राहुल गांधी के हाथों में पहुंच गई है एेसे प्रदेश में भी निर्णायक स्थिति में युवा नेतृत्व के होने की संभावना बढ़ गई है।
देवदत्त दुबे -
विधानसभा का शीतकालीन सत्र समाप्त हो जाने के बाद प्रदेश के दोनों प्रमुख दलों भाजपा और कांग्रेस का पूरा फोकस अब मुंगावली और कोलारस विधानसभा के लिए होने वाले उपचुनाव पर बन गया है। मिशन 2018 के पहले एक और लिटमस टेस्ट के रूप में देखे जा रहे इन दोनों उपचुनावों को दोनों दल जीतने के लिए इतने बेताब हैं कि चुनाव आयोग ने अब तक तारीखों का एेलान नहीं किया है लेकिन दल बूथ स्तर की जमावट बनाने में जुट गये हैं।
देवदत्त दुबे -
भोपाल। करीब 19 साल के बाद कांग्रेस में नया राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। युवा नेता राहुल गांधी के निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद प्रदेश कांग्रेस कार्यालय से लेकर जिला और ब्लॉक स्तर पर कांग्रेसियों ने जश्न मनाया। कांग्रेसियों को उम्मीद है कि कांग्रेस के पक्ष में पूरे देश में उत्साही वातावरण बनने से पार्टी मजबूत होगी और मध्यप्रदेश में मिशन 2018 फतेह करने के लिए आसानी होगी।
देवदत्त दुबे -
भले ही मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव के लिए चुनाव घोषित नहीं हुए हो लेकिन तैयारियां एेसे चल रही है जैसे कि कल ही चुनाव होने वाले हों। सो, इससे साफ जाहिर है ये उपचुनाव 2018 के चुनावी संग्राम के लिए प्रदेश की दिशा तय करने वाले माने जा रहे हैं। अटेर और चित्रकूट जीतने के बाद कांग्रेस जीत की लय बनाये रखना चाहती है। तो भाजपा अपनी पुरानी जीत की लहर पर सवारी करने का इंतजाम करने में जुटी है।....
देवदत्त दुबे -
अब से लगभग आठ-नौ माह बाद प्रदेश आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। सो, प्रदेश में मिशन 2018 के लिए संग्राम शुरू हो चुका और बीच युद्ध में सेनापति बदले नहीं जाते लेकिन जब परिस्थितियां पटरी पर न आ रही हो तब एक प्रयोग यह भी आजमा कर देखा ही जाता है अौर सूबे के सुल्तान शिवराज सिंह इस समय अपने इरादों (प्रदेश में चौथी बार भाजपा सरकार बनाने) का कठिन इतिहास दे रहे हैं अौर नये सिरे से मोर्चों पर मोहरें फिट कर रहे हैं। चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव परिणाम ने सत्ता और संगठन की खासी चिंताएं बढ़ाई हुई है क्योंकि यदि यही हार हजार-दो हजार वोटों से हुई होती तो कोई बात न थी कोई जिम्मेदार कह देता है “थोड़ सा चूक गये” ौर सब आगे बढ़ जाते लेकिन 2013 से भी हार का अंतर बड़ा हो जाना सचमुच चिंता का विषय तो है ही।
देवदत्त दुबे -
तेरा-मेरा, अपना-पराया की जगह 2018 के विधानसभा चुनाव में एक-एक टिकिट सोच-समझकर दिया जाएगा जिसमें दम-खम वाले को पार्टी और नेताओं के चक्कर लगाने की बजाय घर बैठे टिकिट मिल सकता है। दरअसल, चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव के परिणाम ने सत्ताधारी दल बाजपा की आंखें खोल दी है जहां न मैनेजमेंट चला और न संगठन की क्षमता और न ही विकास कार्यों का प्रचार-प्रसार यही कारण है कि सोमवार शाम को जब भाजपा प्रदेश कार्यालय में चुनाव प्रबंधन समिति की बैठक हुई तो उसमें महत्वपूर्ण निष्कर्ष यही निकला कि अब आगे जो भी चुनाव होने वाले हैं चाहे मुंगावली और कोलारस विधानसभा के उपचुनाव हो या फिर 2018 के विधानसभा के आम चुनाव, पार्टी को जिताऊ उम्मीदवारों की तलाश करना है।...
देवदत्त दुबे -
अटेर के बाद चित्रकूट विधानसभा का उपचुनाव जीतकर कांग्रेस जीत की चढ़ाई कर रही है तो भाजपा हार की फिसलपट्टी पर पहुंच गई है। यही कारण है कि दोनों दल अपनी इन स्थितियों को बदलने के लिए मुंगावली और कोलारस को 2018 के पहले एक एेसे मौके के रूप  में देख रहे हैं जिसमें निकटतम प्रतिद्वंदी को धक्का दिया जा सके। यही कारण है कि उपचुनाव की घोषणा के पूर्व ही दोनों दलों द्वारा इस क्षेत्र में चुनावी जमावट को बूथ स्तर पर अभी से अंजाम दिया जा रहा है। राजनीति में रुचि रखने वाले को चिंक मंगलूर लोकसभा का उपचुनाव आज तक याद होगा। कुछ एेसी ही संग्राम मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव में होगा जहां प्रत्याशी कोई भी रहे प्रतिष्ठा कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की दांव पर होगी।....
देवदत्त दुबे -
भले ही कांग्रेस ने चित्रकूट विधानसभा का उपचुनाव बड़े अंतर से जीत लिया हो। कांग्रेस कार्यकर्ताओं में उत्साह आ गया हो लेकिन अब पार्टी में दिग्गज नेताओं के दांव-पेंच से पार्टी को सत्ता में आने का खटका बना हुआ है। दरअसल, एक आम कार्यकर्ता से लेकर प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने मान लिया है कि यदि प्रदेश में पार्टी क्षत्रप नेताओं में एकता आ जाये तो फिर प्रदेश पार्टी को सत्ता में आने से कोई नहीं रोक सकता लेकिन पार्टी लेकिन दिग्गज नेता अब भी पार्टी में वर्चस्व को लेकर अपने-अपने दांव चल रहे हैं जिस प्रकार जिस नेता के इलाके में उपचुनाव होता है उस नेता को छोड़कर बाकी सब रस्म अदायगी करते हैं। सो, पार्टी को अब भी खटका है कि अगर किसी क्षत्रप नेता को मुख्यमंत्री के रूप में प्रस्तुत कर दिया तो फिर बाकी नेता रस्मअदायगी न करने लगे।...
देवदत्त दुबे -
पिछले एक पखवाड़े से प्रदेश में चित्रकूट उपचुनाव को लेकर राजनैतिक और प्रशासनिक गलियारों में काफी चहल-पहल थी। चुनाव परिणाम से जहां भाजपा को गहरी चोट पहुंची है। वहीं कांग्रेस को अब कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने एवं प्रदेश में माहौल बनाने के लिए ेक ओट (आड़) मिल गई है। दरअसल, उपचुनाव वैसे ही चर्चित और घमासान लिए होते हैं लेकिन समय और स्थान की द=ष्टि से चित्रकूट विधानसभा के उपचुनाव का खासा महत्व था। सत्ताधारी दल भाजपा और प्रमुख विपक्षी दल चित्रकूट की चिंता में डूबे हुए  थे। ...
कनाडा में एक तरफ जहां भारत, अमेरिका समेत 20 देशों के प्रतिनिधि कोरिया संकट के समाधान के लिए माथापच्ची कर रहे हैं, वहीं नॉर्थ कोरिया ने एक बार फिर शांति की कोशिशों को झटका देने की कोशिश की है। मंगलवार को नॉर्थ कोरिया ने अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के उस ट्वीट संदेश पर आपत्तिजनक टिप्पणी की......
नई दिल्लीः इन दिनों भारतीय जनता पार्टी पर साउथ के मशहूर अभिनेता प्रकाश राज के शीत युद्ध जारी है। इसी का ताजा उदाहरण कर्नाटक में भी देखने को मिला। एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे अभिनेता के जाने के बाद भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने गौमूत्र से मंच को धोया।
बेंगलुरुः कर्नाटक में चुनावी रंग परवान चढ़ने लगा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सत्ताधारी कांग्रेस और बीजेपी के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ की खिंचाई के बाद सीएम सिद्धारमैया ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। सिद्धारमैया ने कांग्रेस को पांडवों की तरह और भाजपा को कौरव बताया है।
अमेरिका के कैलिफोर्निया स्थित एक घर में अपने ही 13 बच्चों को बंधक बनाकर रखने वाले एक दंपति को गिरफ्तार किया गया है. 57 वर्षीय डेविड एलेन तुरपिन और 49 वर्षीय लुइस अन्ना तुरपिन के सभी 13 बच्चे कुपोषित हालत में मिले. उनकी आयु दो से लेकर 29 वर्ष तक है. पुलिस के मुताबिक, बच्चों को जब मुक्त कराया गया, उस समय कुछ बच्चे अंधेरे में पलंग से बंधे थे.
जालंधरः जापान की वाहन निर्माता कम्पनी Isuzu ने भारत में अपनी Isuzu D-Max  की V-Cross कार को लांच कर दिया है। कीमत की बात करें तो इसकी High ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 15.76 लाख रुपए और Standard ट्रिम की एक्स-शोरूम कीमत 14.26 लाख रुपए रखी गई है। वहीं, इस कार को एक नए कलर ऑप्शन रूबी रेड में लांच किया गया है।
मुंबईः कमला मिल हादसे में पुलिस ने एक और गिरफ्तारी हुई है। मोजोस बिस्ट्रो पब के मालिक युग तुली ने मंगलवार को मुंबई पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। पिछले 29 दिसंबर को हुई इस घटना में 14 लोग मारे गए थे। आत्मसमर्पण करने के बाद तुली को गिरफ्तार कर लिया गया।
14-01-2018
भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड ने खाद्य महकमे के 143 कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारियों की भर्ती में पेंच लगा दिया है। विभाग अभी तक इन पदों पर डिप्लोमाधारकों को भी आवेदन करने का मौका देता आया है। लेकिन इस बार प्रोफेशनल एक्जामिनेशन बोर्ड ने विभाग के प्रस्ताव को यह कहते हुए लौटा दिया कि इस पद के लिए डिग्री अनिवार्य है इसलिए डिप्लोमाधारकों को इसके लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे।
16-01-2018
भोपाल : मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अपने सुरक्षाकर्मी को कथित रूप से थप्पड़ मार कर धक्का देने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। यह घटना रविवार की है। शिवराज नगर पालिका चुनाव में प्रचार के लिए सरदारपुरा गए हुए थे। उन्होंने वहां रोड शो भी किया था।
दिनेश निगम ‘त्यागी’
-सच क्या है यह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ही जाने, पर गुजरात में भाजपा की नई सरकार के शपथ ग्रहण शुरू होने से पहले ही वापस लौटने की वजह से शिवराज सिंह को लेकर शुरू हुआ अटकलों का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसे शिवराज से भाजपा नेतृत्व की नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि उनकी कुर्सी खतरे में है। ऐसी ही अटकलें अमित शाह के उज्जैन दौरे के बाद प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान को लेकर चल पड़ी हैं। हालांकि इनका कोई ठोस आधार नहीं है। मुख्यमंत्री तो गुजरात से वापस लौटने के बाद मीडिया के सवाल के जवाब में और ट्वीट के जरिए स्पष्टीकरण देते हुए कह चुके हैं कि उनका पहले से कार्यक्रम निर्धारित था इसलिए वे मुख्यमंत्री....
16-01-2018
बोगोटा। सेंट्रल कोलंबिया में एक निर्माणाधीन ब्रिज गिरने की वजह से दस लोगों की मौत हो गई। वहीं इस हादसे में कई मजदूर अभी भी लापता हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि इस घटना में 2 लोग लापता हैं, जबकि 4 घायल हो गए हैं। चिराजारा में बन रहा ये ब्रिज, मेटा प्रांत में आता है और ये उस हाईवे का हिस्सा है, जो राजधानी बोगोटा को विलाविसेनसियो से जोड़ता है और अभी इसे आवाजाही के लिए नहीं खोला गया है।
16-01-2018
ganpat vasava 16 01 2018अहमदाबाद। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री गणपतसिंह वसावा की कार पर हमला करने का मामला सामने आया है। एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे मंत्री की कार पर कुछ अनजान लोगों ने पथराव कर दिया, जिसके कारण मंत्री जी को कार्यक्रम से मजबूरन वापस लौटना पड़ा। यह घटना रविवार की है।
16-01-2018
मुंबई। चोट की वजह से नियमित विकेटकीपर रिद्धिमान साहा दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ होने वाले तीसरे टेस्ट से बाहर हो गए। उनकी जगह दिनेश कार्तिक को भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वे 24 जनवरी से होने वाले तीसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के साथ जुड़ेंगे। साहा हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे हैं और इसी के चलते वे अंतिम समय में दूसरे टेस्ट की प्लेइंग इलेवन से बाहर हुए थे।
16-01-2018
patanjali 16 01 2018नई दिल्ली। पहले ही एफएमसीजी सेक्टर में काफी उथल-पुथल मचा चुकी पतंजलि आयुर्वेद अब ई-कॉमर्स के जरिये धमाका करने जा रही है। पतंजलि आयुर्वेद ने मंगलवार को एक साथ ई-कॉमर्स क्षेत्र की आठ बड़ी कंपनियों के जरिये अपने उत्पादों की बिक्री शुरू करने का एलान किया है। इसका मतलब हुआ कि.....
कैबिनेट: सातवें वेतनमान पर बैठक में नहीं हुई चर्चा, मेधावी छात्रों की फीस देगी सरकारभोपाल। सीएम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में कई अहम प्रस्तावों पर चर्चा हुई। हालांकि, सातवें वेतनमान का मुद्दा स्थगित कर दिया गया। कयास लगाई जा रही थी कि प्रदेश के साढ़े चार लाख कर्मचारियों को 1 जुलाई 2017 से ...
भोपाल/ प्रदेश के गृह मंत्री भूपेंद्र सिंह ने मंगलवार को विधानसभा में घोषणा की कि लोगों के करोड़ों रुपए ठग कर भागने वाली कंपनियों की मानीटरिंग एवं समय पर कार्रवाई करने के उद्देश्य से पुलिस मुख्यालय में एडीजी के नेतृत्व में एक मानीटरिंग सेल का गठन किया जाएगा। इसके साथ रिजर्व बैंक आफ इंडिया को पत्र लिखकर आग्रह किया जाएगा कि वे कंपनियों को लाइसेंस जारी करने से पहले पुलिस का सत्यापन अनिवार्य करें। गृह मंत्री विधानसभा में भाजपा के यशपाल सिंह सिसोदिया द्वारा लाए गए ध्यानाकर्षण एवं सदस्यों द्वारा व्यक्त की गई आशंकाओं का जवाब दे रहे थे।


बाहुबली 2बाहुबली जब से रिलीज हुई है तब से फिल्मी दुनिया पर छाई हुई है. भारत में सफलता पाने वाली बाहुबली 2 विदेश को विदेशों में भी काफी सराहा जा रहा है. खबर है कि बाहुबली 2 मोस्को के अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में ओपनिंग फिल्म के तौर पर दिखाई जाएगी.
सर्दियों मेें धूप हर किसी को ही अच्छी लगती है लेकिन आजकल लोग या तो टैनिंग की वजह से या फिर अपने काम काज के कारण धूप नहीं ले पाते लेकिन यदि आप इसके फायदों के बारे में जानेगें तो आपको पता चलेगा कि धूप लेने से कितनी ही बीमारियां ठीक होती है।
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25 सितंबर
उपांग ललिता पंचमी व्रत। ललिता पंचमी। सोमवती पंचमी पर्व। बुध अस्त पूर्व में 16/22 पर।
26 सितंबर
बुध कन्या राशि में 10/28 पर। शुक्र पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में 26/20 पर।
27 सितंबर
मूल नक्षत्र में सरस्वती देवी का आवाह्न। भद्रकाली अवतार। अन्नपूर्णा परिक्रमा प्रारम्भ 19/09 बजे से। ओली प्रारम्भ (जैन) चतुर्थी पक्ष। सूर्य हस्त नक्षत्र में 05/56 पर। सूर्य-सूर्य, स्त्री-नपुंसक योग, वाहन मूषक, वायु नाड़ी, तदीश सूर्य (पुरुष), अत: बहुत हवा चले अनावृष्टि हो।
28 सितंबर
दुर्गाष्टमी व्रत। महाष्टमी। अष्टमी का हवनादि आज ही करें। पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में सरस्वती देवी का पूजन। अन्नपूर्णा परिक्रमा समाप्त 21/37 बजे। ओली प्रारम्भ (जैन पंचमी पक्ष)। श्री अष्टभुजी दुर्गा शक्ति पीठ (दुर्गा मंदिर) कानपुर में शतचण्डी यज्ञ का हवन पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद वितरण। शक्ति संगीत सभा।
29 सितंबर......


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